यहां सचिवालय के पास कार से उतरे तीन लोग, फिर कपड़े उतार करने लगे प्रदर्शन, सिक्योरिटी स्टाफ भी इन्हें देख रह गया हैरान, ओढ़ाने लगा कंबल

4 वर्ष पहले
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गुवाहाटी. असम में नागरिकता संशोधन विधेयक 2016 को लेकर विरोध प्रदर्शन अब अलग ही दौर में पहुंच गया है। इस विधेयक के खिलाफ शुक्रवार को तीन लोगों ने मिलकर सचिवालय के पास न्यूड होकर प्रदर्शन किया। तीनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के विरोध में नारेबाजी करते नजर आए। असम के फाइनेंस मिनिस्टर हिमंत बिस्वा ने इसे राज्य की संस्कृति के खिलाफ बताया है।

कपड़े उतराकर प्रदर्शन करने पहुंचे
- एक पुलिस अफसर के मुताबिक, वहां मौजूद सिक्योरिटी स्टाफ उस वक्त हैरान रह गया, जब प्रदर्शनकारी सचिवालय के पास कार में से उतरा और निर्वस्त्र हो गया।
- पुलिस अफसर ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पीएम नरेंद्र मोदी, असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनेवाल और प्रदेश के फाइनेंस मिनिस्टर हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ नारेबाजी भी की।
- इसके बाद पुलिसकर्मियों ने तीनों को कंबल से ढका और उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद तीनों को हाई सिक्योरिटी वाले एरिया से बाहर ले जाया गया।
- इतना ही नहीं, प्रदर्शनकारियों को सेक्रेट्रिएट कैम्पस में दाखिल होने से रोकने के लिए इसका मेन गेट भी बंद कर दिया गया। साथ ही सिक्योरिटी के भी तगड़े बंदोबस्त किए गए।
- डीसीपी अमनजीत कौर के मुताबिक, तीनों प्रदर्शनकारियों को अरेस्ट कर लिया गया है और ऐसी घटनाओं को फिर से होने से रोकने के लिए जरूरी उपाय किए गए हैं।

इस बात का है विरोध
- विधेयक में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के छह गैर मुस्लिम अल्पसंख्यक समूहों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने की कोशिश की गई है। ऐसे में पूर्वोत्तर के लोगों इस बात का डर है कि अगर ऐसा होता है तो राज्य में आने वाले बाहरी लोगों के चलते क्षेत्र के स्थानीय लोगों का नुकसान हो जाएगा। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार और राज्य की बीजेपी सरकार असम के लोगों से उनकी पहचान, संस्कृति और भाषा को छीनने की कोशिश कर रही है।