सुप्रीम कोर्ट / चीफ जस्टिस गोगोई ने जस्टिस बोबडे को उत्तराधिकारी चुना, कानून मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा



चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (बाएं), जस्टिस एसए बोबडे (दाएं)। -फाइल फोटो चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (बाएं), जस्टिस एसए बोबडे (दाएं)। -फाइल फोटो
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चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (बाएं), जस्टिस एसए बोबडे (दाएं)। -फाइल फोटोचीफ जस्टिस रंजन गोगोई (बाएं), जस्टिस एसए बोबडे (दाएं)। -फाइल फोटो

  • चीफ जस्टिस रंजन गोगोई का कार्यकाल 17 नवंबर को पूरा हो रहा है
  • उन्होंने पिछले साल 3 अक्टूबर को भारत के 46वें चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली थी

Dainik Bhaskar

Oct 18, 2019, 02:52 PM IST

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उत्तराधिकारी चुन लिया है। उनका कार्यकाल 17 नवंबर को खत्म हो रहा है। शीर्ष अदालत की परंपरा के मुताबिक, उन्होंने रिटायरमेंट से एक महीना पहले शुक्रवार को कानून मंत्रालय को पत्र लिखकर जस्टिस एसए बोबडे (63 साल) को अगला मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की। जस्टिस बोबडे सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज हैं। वे 23 अप्रैल 2021 को रिटायर होंगे।

 

जस्टिस दीपक मिश्रा के रिटायरमेंट के बाद जस्टिस गोगोई ने 3 अक्टूबर, 2018 को 46वें चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली थी। उनका कार्यकाल 13 महीने 15 दिन का है। अगर सरकार की ओर से जस्टिस बोबडे के नाम पर मुहर लगती है तो 47वें सीजेआई के तौर पर 18 नवंबर को पद संभाल सकते हैं। नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति की प्रक्रिया के तहत मौजूदा सीजेआई की सिफारिश के बाद कानून मंत्री इसे प्रधानमंत्री के सामने रखते हैं। जो इस मामले में राष्ट्रपति को सलाह देते हैं।

 

जस्टिस बोबडे मप्र हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं  

जस्टिस बोबडे का जन्म 24 अप्रैल 1956 में महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था। उन्होंने नागपुर यूनिवर्सिटी से ही कानून की डिग्री ली। इसके बाद 2000 में बॉम्बे हाइकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। फिर 2012 में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला था। इसके बाद अप्रैल 2013 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति दी गई। जस्टिस बोबडे सीजेआई गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए बनी समिति में शामिल थे।

 

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