देश में दंगे घटे, पर दंगाई बढ़े:पहले सिर्फ 2 से 3% लोगों को ही सजा मिलती थी, अब यह संख्या बढ़कर 10% के ऊपर

नई दिल्ली6 महीने पहलेलेखक: पवन कुमार
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  • बिहार में पिछले 5 साल में सबसे ज्यादा दंगों के 721 मामले दर्ज हुए

पिछले कुछ सालों में देश में साम्प्रदायिक दंगों के मामले कमी आई है। लेकिन दूसरी तरफ पहले की तुलना में ज्यादा संख्या में दंगाईयों को सजा भी मिल रही है। आज से करीब तीन से चार साल पहले केवल 2 से 3% लोगों को ही कोर्ट से सजा मिल पाती थी। वहीं, अब यह संख्या बढ़कर 10% से ऊपर पहुंच गई है।

देश में पिछले 5 साल में 3,399 दंगे हुए। साल 2020 में देश में दंगों के कुल 857 मामले दर्ज हुई, जिसमें सिर्फ दिल्ली में ही 520 (61%) मामले दर्ज किए गए। यदि दिल्ली में इतने बड़े पैमाने पर इस साल दंगे नहीं होते तो 5 साल में देश में सबसे कम दंगों का रिकार्ड होता।

वहीं, 2020 से लेकर अब तक उप्र के अलावा उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गोवा, हिमाचल, केरल, मणीपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा समेत कुछ केन्द्र शासित प्रदेशों में एक भी दंगों के मामले सामने नहीं आए।

पिछले 5 साल में दंगों के सबसे अधिक मामले बिहार से आए। वहां 721 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा दिल्ली में 521, हरियाणा में 421 और महाराष्ट्र में दंगों के 295 मामले दर्ज हुए। इनमें गिरफ्तार हुए आरोपियों की संख्या भी बढ़ी है।

सजा का प्रतिशत भी बढ़ा...
2016 में दंगों के मामले में 1.42% लोगों की गिरफ्तारी हुई।वहीं, 2017 में 2.44%, 2018 में 4.08%, 2019 में 13.80% और 2020 में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से 11.10% दोषियों को कोर्ट से सजा मिल चुकी है।

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