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कश्मीर / फारुक और उमर की हिरासत पर प्रियंका गांधी ने केंद्र से पूछा- क्या अब भी हम लोकतांत्रिक देश हैं

प्रियंका गांधी ने फारूक और उमर अब्दुल्ला को हिरासत में रखने का मामला उठाया। प्रियंका गांधी ने फारूक और उमर अब्दुल्ला को हिरासत में रखने का मामला उठाया।
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प्रियंका गांधी ने फारूक और उमर अब्दुल्ला को हिरासत में रखने का मामला उठाया।प्रियंका गांधी ने फारूक और उमर अब्दुल्ला को हिरासत में रखने का मामला उठाया।

  • प्रियंका गांधी का ट्वीट: छह महीने से जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री बिना आरोप के बंदी
  • पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत कई नेता अब भी नजरबंद
  • पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद लोन और पीडीपी के वहीद पर्रा बुधवार को रिहा किए गए

दैनिक भास्कर

Feb 05, 2020, 05:51 PM IST

श्रीनगर. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बुधवार को फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला को अब तक हिरासत में रखे जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने ट्विटर पर पूछा कि क्या अब भी हम लोकतांत्रिक देश हैं। इससे पहले पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के वहीद पर्रा को रिहा किया गया था।

केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किया था। इसके बाद घाटी के विभिन्न पार्टियों के 1 हजार से ज्यादा नेताओं को नजरबंद कर दिया गया था। इनमें से कुछ को चरणबद्ध तरीके से रिहा किया गया। हालांकि, अभी भी पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत कई नेता नजरबंद हैं।

कश्मीर के लाखों लोगों को कैद किया गया: प्रियंका 

प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया कि छह महीने से दो पूर्व मुख्यमंत्री बिना किसी आरोप के बंदी हैं। लाखों लोगों को कैद कर दिया गया है। छह महीने पहले हमने पूछा था कि यह कब तक चलेगा। अब यह पूछते हैं कि क्या अभी भी हम लोकतांत्रिक देश हैं या नहीं। प्रियंका पहले भी कश्मीर के मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना कर चुकी हैं। 

छह महीने में नजरबंद नेताओं की रिहाई की सातवीं घोषणा
बीते छह महीनों ने नजरबंद नेताओं को रिहा करने की यह सातवीं घोषणा है। इससे पहले 26 नवंबर, 30 दिसंबर, 10 जनवरी, 16 जनवरी और 18 जनवरी को नेताओं को रिहा किया गया था। नजरबंद नेताओं को श्रीनगर, बारामुला ओर गुरेज में बनाए गए अस्थायी हिरासत केंद्रों में रखा गया है। फारूक अब्दुल्ला को श्रीनगर स्थित उनके घर में जबकि उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को सरकारी गेस्ट हाउस में रखा गया है।

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