संडे स्पेशल / नए कॉन्टैक्टलेस एटीएम कार्ड से बिना पिन शॉपिंग की सुविधा, यही हो सकती है खतरा



Convenience without pin shopping with new contactable ATM card
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Convenience without pin shopping with new contactable ATM card

  • एक जनवरी से ग्राहकों को जारी हो रहे अिधकांश कार्ड ऐसे ही, इनसे बिना पिन डाले और बिना स्वाइप किए की जा सकती है खरीदारी

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 01:52 AM IST

सुधीर कुमार दीक्षित,   मुंबई . सूरत के जितेंद्र खत्री परिवार के साथ फिल्म देखने गए थे। टिकट खरीदने के लिए उन्होंने अपना डेबिट कार्ड दिया। काउंटर पर मौजूद एक्जीक्यूटिव ने 1500 रुपए पेमेंट लेकर कार्ड उन्हें लौटा दिया।

 

जब जितेंद्र ने पूछा कि मैंने पिन तो डाला ही नहीं तो पेमेंट कैसे हो गया तो एक्जीक्यूटिव ने बताया कि आपका कार्ड कॉन्टैक्टलेस है। इससे 2000 रुपए तक की शॉपिंग के लिए पिन की जरूरत नहीं होती। कार्ड को मशीन के पास ले जाने पर ही पेमेंट हो जाता है। जितेंद्र की ही तरह इन दिनों कई ग्राहकों के पास कॉन्टैक्टलेस पेमेंट फीचर वाले कार्ड पहुंच रहे हैं। 1 जनवरी 2019 से विभिन्न बैंकों के अधिकांश कार्ड ऐसे ही आ रहे हैं।


नए कॉन्टैक्टलेस डेबिट और क्रेडिट कार्ड्स ने ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है। इसकी वजह यह है कि मॉल या दुकानों में इनके जरिए एक बार में दो हजार रुपए तक की शॉपिंग के लिए किसी भी तरह के पिन कोड या ओटीपी की जरूरत नहीं होती। बस कार्ड को पेमेंट मशीन से टच करने पर ही पेमेंट हो जाता है।

 

इससे ज्यादा के लिए ही पिन या ओटीपी लगेगा। यानी आपका कार्ड किसी और के हाथ लग जाए तो वह एक बार में कम से कम दो हजार रुपए तक की शॉपिंग कर लेगा। हो सकता है कि जब तक आपको इसका पता चल, तब तक वह आपके खाते से इससे ज्यादा पैसे उड़ा चुका हो।

 

पिछले कुछ समय से बड़ी संख्या में ग्राहकों को विभिन्न बैंकों के वीज़ा, मास्टरकार्ड और अमेरिकन एक्सप्रेस कंपनी के इस फीचर वाले डेबिट/क्रेडिट कार्ड मिल रहे हैं। इन बैंकों में एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एक्सिस और आईडीबीआई जैसे बैंक शामिल हैं। ज्यादातर बैंक अपने विज्ञापनों और वेबसाइट्स पर इसे ज्यादा सुरक्षित बता रहे हैं। उनका तर्क है कि इस सुविधा से कार्ड आपके हाथों में ही रहता है और क्लोनिंग का खतरा नहीं रहता है। साथ ही तीन गुना तेज पेमेंट का दावा भी किया जा रहा है। 


कॉन्टैक्टलेस कार्ड की सुरक्षा से जुड़े सवाल पर आईडीबीआई बैंक, भोपाल के डीजीएम श्रीजीत ने कहा, ‘इन कार्ड्स से सुरक्षा को खतरा तो है। कम से कम दो हजार रुपए तक तो बिना पिन कोड शॉपिंग की जा सकती है। हालांकि बैंक के एप के जरिए इसकी लिमिट तय कर सकते हैं।’

 

साइबर सुरक्षा के एक्सपर्ट पवन दुग्गल भी मानते हैं कि इस तरह का लेन-देन असुरक्षित हो सकता है और साइबर फ्रॉड को बढ़ावा दे सकता है। इसकी सुरक्षा को लेकर और अधिक स्पष्टता लाने और ग्राहकों को जागरूक करने की जरूरत है। ग्राहकों को भी इस कार्ड का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए। इस  मामले में मौजूदा कानून पर्याप्त नहीं हैं। 
 इन कार्ड्स को जारी करने वाले बैंक और कंपनियां इनके पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा कर रहे हैं। वहीं जब भास्कर ने विभिन्न बैंकों के कस्टमर केयर से ऐसे कार्ड्स की सुरक्षा के बारे में जानकारी मांगी तो ज्यादातर से यही जवाब मिला कि ग्राहक को स्वयं ही अपने कार्ड को सुरक्षित रखना होगा। कार्ड चोरी होने या गिरने की स्थिति में ग्राहक को साबित करने में परेशानी होगी कि कॉन्टैक्टलेस फीचर का इस्तेमाल कर उसने पेमेंट नहीं किया है।

 

एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में होने वाले कुल वित्तीय लेन-देन में 60% दो हजार रुपए से कम का होता है। इसे आसान बनाने के लिए कॉन्टैक्टलेस कार्ड का आइडिया इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत में पहली बार वीज़ा ने 2015 में कॉन्टैक्टलेस कार्ड जारी किए थे। तब से अब तक यह 2 करोड़ से ज्यादा ऐसे कार्ड जारी कर चुका है।

 

वीज़ा के मुताबिक भारत में इस कार्ड को सपोर्ट करने वाले 10 लाख से ज्यादा टर्मिनल हैं। विभिन्न बैंकों की बिना पिन/ओटीपी के ट्रांजैक्शन सीमा की बात की जाए तो एसबीआई, एक्सिस और यूनियन बैंक ने एक दिन में अधिकतम 5 कॉन्टैक्टलेस ट्रांजैक्शन की सीमा तय कर रखी है। ऐसे में कुछ बैंकों में प्रतिदिन 10000 रुपए तक का कॉन्टैक्टलेस पेमेंट किया जा सकता है।

 

नए कार्ड की सुरक्षा से जुड़े मेरे सवाल


सवाल : मेरा कार्ड गुम गया और किसी के हाथ लग गया तो क्या होगा?
जवाब : इस स्थिति में आपको तुरंत बैंक को सूचित कर कार्ड ब्लॉक करवाना होगा। अगर आपकी जानकारी में आने से पहले किसी ने शॉपिंग कर ली है, तो बैंक नुकसान की भरपाई करेगा।
सवाल : यानी, जिसके हाथ भी कार्ड लगेगा वह कम से कम दो हजार रुपए तक की शॉपिंग तो कर ही लेगा?
जवाब : हां, यह रिस्क तो है ही। कुछ बैंकों के मुताबिक अगर एक दिन की शॉपिंग लिमिट 25 हजार रुपए हैं, तो इतने पैसों का नुकसान हो सकता है, लेकिन इसके लिए कार्ड से कम से कम 12 बार पेमेंट लेना होगा। 
सवाल : मशीन के पास से मेरे गुजरने पर भी पेमेंट हो सकता है?
जवाब : कार्ड और मशीन के बीच 4 सेंटीमीटर का अंतर होना चाहिए तभी पेमेंट होगा।

 

आनंद महिंद्रा भी जता चुके हैं चिंता : पिछले दिनों महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने एक वीडियो ट्वीट किया था जिसमें एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के पीछे की जेब में रखे कार्ड पर चुपके से मशीन टच कर रहा था और पेमेंट लेकर दिखा रहा था। महिंद्रा ने लिखा था ‘क्या ऐसा संभव है? यह डराने वाला है।’ ट्वीट के जवाब में वीज़ा साउथ एशिया के कंट्री हेड टीआर रामचंद्रन ने लिखा, ‘ऐसा नहीं हो सकता। ऐसी ट्रिक करने वाले को सजा हो सकती है।’


ऐसे काम करता है कॉन्टैक्टलेस कार्ड : इन कार्ड्स और मशीनों पर एक खास चिह्न () बना होगा। इस मशीन पर करीब 4 सेंटीमीटर की दूरी पर कार्ड रखना या दिखाना होगा और आपके खाते से पैसे कट जाएंगे। यानी कार्ड को स्वाइप या डिप करने की जरूरत नहीं होगी और न ही पिन एंटर करना होगा।

 

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