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महिला नायब तहसीलदार का 'दारू पार्टी' पर डंडा:कंटेनमेंट जोन में कोरोना संक्रमित शख्स पी रहा था शराब, दी सफाई-मैं नहीं मेरे दोस्तों ने पी है

रतलाम4 महीने पहले

महिला तहसीलदार के सामने कोरोना संक्रमण को लेकर लापरवाही का अजीब मामला देखने में आया है। मध्य प्रदेश के रतलाम में एक कोरोना संक्रमित घर में दोस्तों के साथ शराब पार्टी करता मिला। मामला नयागांव का है। यहां कंटेनमेंट बनाए गए घर के अंदर कोविड पेशेंट दोस्तों के साथ मौजूद था। नायब तहसीलदार जांच के लिए पहुंचीं, तो बोला- मैं नहीं पी रहा था, मेरे दोस्त पी रहे थे। मैं तो अलग बैठा हुआ था।

आईपीसी की धारा-188 के तहत केस दर्ज

प्रशासन ने संक्रमित के खिलाफ धारा 188 के तहत केस दर्ज कराने के बाद उसे आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट करा दिया है। संक्रमित का नाम नारायण है। उसके साथ नामली निवासी प्रवीण और डॉ. शुभम जायसवाल पार्टी करते हुए मिले थे, जबकि एक व्यक्ति पीछे के दरवाजे से भाग निकला। पार्टी में शामिल उसके दोनों दोस्तों के सैंपल लिए गए हैं। दोनों ही एक्सिस बैंक के इम्प्लॉई हैं।

जांच टीम ने महफिल को सजी पाया
तहसीलदार गोपाल सोनी के मुताबिक, रतलाम के नयागांव के निराला नगर से शिकायत आई थी। इस पर नायब तहसीलदार पूजा भाटी जांच के लिए मौके पर पहुंचीं। घर के आगे का दरवाजा बंद था, जैसे ही दरवाजा खुलवाया गया, तो अंदर महफिल सजी थी। जांच टीम के पहुंचने पर पार्टी में शामिल एक व्यक्ति मौके से फरार हो गया।

महामारी कानून का उल्लंघन
1897 के महामारी कानून के सेक्शन 3 में इस बात का जिक्र किया गया है कि अगर कोई सरकार, कानून के निर्देशों, नियमों को तोड़ता है, तो उसे IPC की धारा 188 के तहत दंडित किया जा सकता है। इस संबंध में किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा दिए निर्देशों का उल्लंघन करने पर भी आपके खिलाफ ये धारा लगाई जा सकती है। अगर आपको सरकार द्वारा जारी उन निर्देशों की जानकारी है, फिर भी आप उनका उल्लंघन कर रहे हैं, तो भी आपके ऊपर धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

एक माह की हो सकती है जेल

  • सरकार या किसी सरकारी अधिकारी द्वारा कानूनी रूप से दिए गए आदेशों का उल्लंघन करते हैं या आपकी किसी हरकत से कानून व्यवस्था में लगे शख्स को नुकसान पहुंचता है तो कम से कम एक महीने की जेल या 200 रुपए जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है।
  • सरकार के आदेश का उल्लंघन किए जाने से मानव जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा आदि को खतरा होता है, तो आपको कम से कम 6 महीने की जेल या 1000 रुपए जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है।