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कोरोना पर एक्शन में सरकार:मोदी ने मंत्रियों से कहा- लोगों के संपर्क में रहकर उनकी मदद करें; सेना को दिए इमरजेंसी फाइनेंशियल पावर्स

6 महीने पहले
कोरोना की दूसरी लहर में अस्पतालों में बेड की कमी को देखते हुए देशभर के आर्मी हॉस्पिटल आम लोगों के लिए खोल दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश में कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए सरकार के सभी अंग मिलकर तेजी से काम कर रहे हैं। मंत्रिमंडलीय समिति के सदस्यों के साथ मीटिंग में शुक्रवार को PM ने मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों के संपर्क में रहें। उनकी मदद करें और उनका फीडबैक लेते रहें। इधर, रक्षा मंत्रालय ने भारत की सशस्त्र सेनाओं को इमरजेंसी फाइनेंशियल पावर्स दे दिए हैं, ताकि वे बीमारी से निपटने के लिए जरूरी उपाय कर सकें।

मोदी ने कहा कि मौजूदा महामारी शताब्दियों में एक बार आने वाली आपदा है। इसने दुनिया के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। मीटिंग में कहा गया कि भारत में बनी 2 वैक्सीन को इस्तेमाल की इजाजत दी जा चुकी है। कई और वैक्सीन भी आने वाली हैं। अब तक 15 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। मीटिंग के दौरान मोदी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं की पहचान करके उनका समाधान करें।

अनुमति की लंबी प्रक्रिया से निजात मिलेगी
इधर, रक्षा मंत्रालय के फैसले के मुताबिक, सेना को वित्तीय अधिकार मिल जाने से कोरोना से निपटने के लिए जरूरी सुविधाएं और उपकरण लेने में आसानी होगी। साथ ही इससे नए अस्पताल बनाने और उन्हें चलाने, मरीजों के लिए क्वारैंटाइन सुविधाएं बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही उपकरणों की खरीद के लिए जरूरी मंजूरी लेने से छूट मिलेगी।

राजनाथ बोले- कोरोना से लड़ाई में मिलेगी ताकत
शुक्रवार को हुए फैसले के मुताबिक, और कमांडर और एरिया कमांडर को 50 लाख रुपए तक खर्च करने के अधिकार दिए गए हैं। डिवीजन कमांडर और सब एरिया कमांडर और उनके समकक्ष अधिकारियों के पास 20 लाख रुपए तक खर्च करने के अधिकार होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'कोरोना से लड़ाई में सेनाओं को और ताकत देने के लिए यह फैसला लिया गया है।'

सुरक्षाबलों को तीन महीने के लिए दी गई मंजूरी
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि यह मंजूरी शुरुआत में 3 महीनों के लिए दी गई है और 1 मई से 31 जुलाई तक रहेगी। ताजा मंजूरी उन इमरजेंसी पावर्स के अलावा है जो सशस्त्र सेनाओं के मेडिकल ऑफिसर्स को पिछले हफ्ते दिए गए थे।

CDS की PM से मीटिंग के बाद हुआ फैसला पिछले दिनों चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि सेनाओं से 2 साल के भीतर रिटायर हुए लोगों को वापस बुलाया जा रहा है और उनके घर के आसपास मौजूद कोविड-19 केंद्र में तैनात किया जा रहा है।

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