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देश में कोरोना की दूसरी लहर की रफ्तार:67 दिन में आया पीक, 24 दिन में 63% मामले कम हुए; यही ट्रेंड रहा तो 10 जून से रोज 50 हजार से कम केस आ सकते हैं

2 महीने पहलेलेखक: अभिषेक दीक्षित

देश में कोरोना की दूसरी लहर से मचा हाहाकार अब धीरे-धीरे थमने लगा है। कोरोना की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक मार्च को देश में 12,270 केस सामने आए थे। 67 दिन बाद यानी 6 मई को यह आंकड़ा 34 गुना बढ़कर 4.14 लाख के पार पहुंच गया। यह वही वक्त था, जब देश में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर्स के लिए हाहाकार मचा हुआ था। लोग रेमडेसिविर जैसी दवाओं के लिए दर-दर भटक रहे थे।

इसके बाद कोरोना के घटते मामलों ने लोगों और सरकार को राहत की सांस लेने का मौका दिया। खास बात यह रही कि जिस रफ्तार से केस बढ़े थे, उसी रफ्तार से यह कम भी हो रहे हैं। 6 मई के बाद यानी बीते 24 दिन की बात करें तो रोज मिलने वाले केस 63% तक घटकर 1.53 लाख तक आ गए हैं।

कोरोना के घटते मामलों के ट्रेंड पर नजर डालें, तो पिछले कई दिनों से रोजाना केसों के आंकड़ों में 10 हजार के आसपास की कमी देखी जा रही है। अगर आने वाले 10 दिनों तक भी यही ट्रेंड रहा तो 10 जून के बाद देश में रोजाना 50 हजार से भी कम केस आएंगे। इसके बाद आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और कम होता जाएगा।

मौत के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
कोरोना के मामले लगातार कम जरूर हो रहे हैं, लेकिन मौत के आंकड़ों ने चिंता बढ़ा रखी है। एक मार्च को देश में सिर्फ 92 मौतें दर्ज की गई थीं। यह आंकड़ा दूसरी लहर में 4500 के भी पार पहुंच गया। अब भी देश में रोजाना होने वाली मौतों का आंकड़ा 3500 से नीचे नहीं आ रहा है।

मौत के डराने वाले आंकड़ों को महीनेवार समझने की कोशिश करें, तो मार्च में देश में 5,766 लोगों की कोरोना की वजह से जान गई। इसके बाद अप्रैल में यह आंकड़ा बढ़कर 48,879 तक पहुंच गया। मई में तो मौतों ने और रफ्तार पकड़ ली और इस दौरान रिकॉर्ड एक लाख 14 हजार 159 लोग कोरोना की भेंट चढ़ गए।

पहले टेस्टिंग के साथ केस बढ़े, फिर शुरू हुई गिरावट
दूसरी लहर के दौरान जैसे-जैसे सरकार ने टेस्टिंग बढ़ाई। नए संक्रमितों के आंकड़ों में बढ़ोतरी होना शुरू हुई। जैसे- एक मार्च को 7.59 लाख टेस्ट हुए और 12,270 संक्रमितों की पहचान हुई। इसके बाद 31 मार्च की बात करें, तो टेस्ट बढ़ाकर 11.25 लाख कर दिए गए और इस दिन 72 हजार संक्रमित मिले। देश में सबसे ज्यादा संक्रमित 4.14 लाख 6 मई को मिले।

इसके बाद सरकार ने जैसे-जैसे टेस्ट बढ़ाए, वैसे-वैसे कोरोना के मामले कम होते गए। देश में 25 मई को सबसे ज्यादा 22.17 लाख टेस्ट किए गए और इस दिन 2.08 लाख संक्रमितों की पहचान हुई। अब रोजाना औसतन 2 लाख ज्यादा टेस्ट कराए जा रहे हैं और नए केसों का आंकड़ा 2 लाख के भी नीचे आ गया है।

दूसरी लहर में 6 राज्यों का हाल
1. महाराष्ट्र

देश में कोरोना की सबसे ज्यादा मार महाराष्ट्र पर पड़ी है। यहां अब तक 57.13 लाख लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। यहां मार्च में 6.57 लाख लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई थी। इसके बाद अप्रैल और मई में यह आंकड़ा 17 लाख के पार रहा। यहां 18 अप्रैल को सबसे ज्यादा 68,631 मामले सामने आए थे, जो अब घटकर 20 हजार के नीचे आ गए हैं।

2. उत्तर प्रदेश
आबादी के लिहाज से सबसे बड़े प्रदेश में भी कोरोना की दूसरी लहर ने जमकर कोहराम मचाया। मार्च में यहां कोरोना की रफ्तार काफी धीमी रही। उस वक्त यहां रोजाना औसतन 500 मामले आ रहे थे। अप्रैल में यह आंकड़ा बढ़कर 21 हजार के पार पहुंच गया। यहां 24 अप्रैल को सबसे ज्यादा 37,944 मामले आए थे। अब यहां रोजाना 2000 से भी कम मरीज मिल रहे हैं।

3. छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में भी कोरोना की दूसरी लहर काफी खतरनाक रही। मार्च में यहां कोरोना के 36,627 मामले आए थे। अप्रैल में यह आंकड़ा 10 गुना तक बढ़कर 3.79 लाख तक पहुंच गया। यहां 23 अप्रैल को सबसे ज्यादा 17,397 मामले सामने आए थे। यह आंकड़ा अब गिरकर 1600 तक पहुंच गया है।

4. राजस्थान
राजस्थान में भी मार्च के मुकाबले अप्रैल में 20 गुना ज्यादा केस आए, लेकिन यहां कोरोना का सबसे ज्यादा कहर मई में बरपा। मई में यहां मार्च के मुकाबले 26 गुना ज्यादा केस आए। मार्च में जहां 12,813 केस आए थे। वहीं, मई में 3.38 लाख लोग कोरोना की चपेट में आए। यहां 2 मई को सबसे ज्यादा 18,298 मामले सामने आए थे। अब यह आंकड़ा घटकर 2500 से नीचे आ गया है।

5. गुजरात
यहां मार्च में 37,809 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। अप्रैल में यह आंकड़ा बढ़कर 2.60 लाख के पार पहुंच गया। मई में करीब 2.37 लाख लोग कोरोना की चपेट में आए। यहां 30 अप्रैल को 14,605 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई थी। यह आंकड़ा अब घटकर 2000 से भी नीचे पहुंच गया है।

6. मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश में भी कोरोना के कहर ने सभी को दहशत में डाल दिया। यहां मार्च के मुकाबले अप्रैल में कोरोना 8 गुना ज्यादा तेजी से फैला। मार्च में जहां 33,745 लोग कोरोना की चपेट में आए। वहीं, अप्रैल में यह आंकड़ा 2.67 लाख के पार पहुंच गया। यहां 25 अप्रैल को सबसे ज्यादा 13,601 केस आए थे, जो अब घटकर 1500 के नीचे पहुंच गए हैं।

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