• Hindi News
  • National
  • Omicron Variant | COVID 19 Vaccine Booster Dose New Policy Soon Amid Omicron Coronavirus Variant

बच्चों की वैक्सीन पर अच्छी खबर:देश के 44 करोड़ बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए जल्द आएगी नई पॉलिसी; दिसंबर से मिल सकता है टीका

नई दिल्ली8 महीने पहले

कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के भारत पहुंचने की भी आशंका जताई जा रही है। इस बीच, भारत में कोविड टास्क फोर्स के अध्यक्ष डॉ एन के अरोड़ा ने कहा है कि 18 साल की उम्र से नीचे 44 करोड़ बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने की योजना जल्द ही देश के सामने रखी जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन दिए जाने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। जिससे कॉमरेडिडिटी वाले बच्चों कोरोना वैक्सीन लगाई जा सके। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि उसके बाद स्वस्थ्य बच्चों को कोरोना का टीका दिया जाएगा।

उधर, सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि 2-18 आयु वर्ग के लिए भारत बायोटेक की कोवैक्सिन अभी प्रक्रिया में है। इसके इमरजेंसी यूज की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक्सपर्ट्स कमेटी ने अतिरिक्त जानकारी मांगी है।

बीमार बच्चों को दिसंबर में और स्वस्थ को अगली तिमाही में लगेगा टीका
इससे पहले अरोड़ा ने NDTV से कहा था कि बीमारी के शिकार बच्चों के लिए वैक्सीनेशन दिसंबर में शुरू हो सकता है। जबकि स्वस्थ बच्चों का कोरोना वैक्सीनेशन अगले साल की पहली तिमाही में हो सकता है। अरोड़ा ने कहा था कि हम प्राथमिकता के आधार पर बच्चों का टीकाकरण शुरू करेंगे। जब बीमारियों के शिकार बच्चों में टीकाकरण 10-15% तक पहुंच जाएगा, तब हम स्वस्थ बच्चों का वैक्सीनेशन भी शुरू कर देंगे।

अमेरिका, ब्रिटेन और इजराइल जैसे देशों में पहले से ही हाई रिस्क कैटेगरी वाले लोगों को बूस्टर डोज दिया जा रहा है।
अमेरिका, ब्रिटेन और इजराइल जैसे देशों में पहले से ही हाई रिस्क कैटेगरी वाले लोगों को बूस्टर डोज दिया जा रहा है।

पूनावाला बोले-अगले 6 महीनों में बच्चों की वैक्सीन उपलब्ध होगी
कोवीशील्ड की निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (CII) के CEO अदार पूनावाला ने NDTV से बातचीत में कहा है कि बच्चों के लिए वैक्सीन तैयार करने का काम भी तेजी से चल रहा है। पूनावाला ने स्पष्ट किया कि यह कोवीशील्ड नहीं बल्कि कोवावैक्स होगी। पूनावाला ने कहा कि कोवावैक्स अगले छह महीनों में उपलब्ध होगी। ट्रायल चल रहे हैं।

अभी तक कोई सुरक्षा संबंधी मुद्दा सामने नहीं आया है। सात साल तक की उम्र के बच्चों को भी ये वैक्सीन दी गई है। उन्होंने कहा कि बच्चों को वैक्सीन देने की मुहिम में हमारा मकसद कम से कम दो साल तक के बच्चे के लिए टीका तैयार करना है। कोवावैक्स का स्टॉक भारत और दुनिया भर में उपलब्ध कराने के लिए हम तैयार हैं। हमें बस नियामक मंजूरी का इंतजार है।

बूस्टर डोज के लिए पॉलिसी 2 हफ्ते में तैयार होगी
देश की कोविड टास्क फोर्स के चेयरमैन डॉ. एनके अरोड़ा ने कहा है कि सरकार गंभीर रोगियों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए वैक्सीन की एडिशनल डोज (बूस्टर डोज) पर नई पॉलिसी लाने जा रही है। नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप (NTAG) इस पॉलिसी को 2 हफ्ते में तैयार करेगा। NTAG देश के 44 करोड़ बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए भी नई पॉलिसी लाने जा रहा है।

अरोड़ा ने कहा- देश की कई लैब्स फिलहाल नए वैरिएंट पर भारत में मौजूद वैक्सीन की एफिकेसी की जांच कर रही है। इसमें 2 हफ्ते लग सकते हैं। इसके बाद ही हमें पता चलेगा कि कोवैक्सिन, कोवीशील्ड और दूसरी वैक्सीन नए वायरस से किस हद तक लड़ने में सक्षम हैं।

कई देशों में बुजुर्गों को बूस्टर डोज
NDTV के मुताबिक बुजुर्गों के लिए बूस्टर डोज के बारे में पूछे जाने पर डॉ. अरोड़ा ने कहा- कोरोना के नए वैरिएंट के सामने आने के बाद कई देशों में बुजुर्गों को बूस्टर डोज दिया जा रहा है। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन और इजराइल शामिल हैं। बूस्टर का मतलब है कि हमें 94 करोड़ और डोज की जरूरत पड़ेगी। इन्हें एक रात में तैयार नहीं किया जा सकता। हालांकि देश में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है।

अरोड़ा ने कहा- देश में 12 से 15 करोड़ लोगों को वैक्सीन का एक भी डोज नहीं लगा है। 30 करोड़ लोगों को दूसरा डोज नहीं लगा है। साफ है कि हमें वैक्सीनेशन तेज करना होगा। इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।

देश में ओमिक्रॉन का केस नहीं
भारत में अभी तक ओमिक्रॉन का एक भी केस सामने नहीं आया है। इस महीने की शुरुआत में बेंगलुरु पहुंचे 2 दक्षिण अफ्रीकी नागरिक कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इनमें से एक डेल्टा स्ट्रेन से संक्रमित पाया गया है। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. के सुधाकर ने कहा- टेस्ट के सैंपल्स जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लैब्स में भेजे गए हैं। ओमिक्रॉन स्ट्रेन पर हम काफी सतर्क हैं।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) में एपिडेमियोलॉजी के चीफ डॉ. समीरन पांडा ने ओमिक्रॉन के पहले से ही भारत में मौजूद होने की संभावना जताई है। पांडा ने कहा कि इस वैरिएंट की जानकारी केवल टेस्ट से ही सामने आएगी।