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ICMR का दावा:देश में दूसरी लहर खत्म नहीं हुई; 11 राज्यों में मिले डेल्टा प्लस के 50 केस, कोवीशील्ड और कोवैक्सिन सभी वैरिएंट पर कारगर

नई दिल्ली4 महीने पहले
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देश में कोरोना की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के DG डॉ. बलराम भार्गव ने शुक्रवार को मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि अभी दूसरी लहर खत्म नहीं हुई है, लेकिन अच्छी बात ये है कि कोवीशील्ड और कोवैक्सिन अब तक सभी वैरिएंट पर कारगर सिद्ध हुई हैं।

डॉ. भागर्व ने बताया कि डेल्टा प्लस वैरिएंट अभी 12 देशों में मौजूद है। देश में अब तक 11 राज्यों में 50 मामलों की पहचान की गई है। डेल्टा प्लस वैरिएंट पर मौजूदा वैक्सीन कितना प्रभावी होगा इस पर रिसर्च जारी है। डॉ. भार्गव ने बताया कि अब तक के वैरिएंट- अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा के आधार पर ही डेल्टा प्लस के लिए वैक्सीन के एफिकेसी की पहचान की जा रही है। इसके परिणाम अगले 7 से 10 दिनों में मिल जाएंगे।

गर्भवती महिलाओं को दी जा सकती है वैक्सीन
गर्भवती महिलाओं के वैक्सीन को लेकर किए गए सवाल पर डॉ. भार्गव ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने गाइडलाइन दी है कि गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन दी जा सकती है। गर्भवती महिलाओं में वैक्सीनेशन उपयोगी है और इसे दिया जाना चाहिए।

छोटे बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर डेटा का इंतजार
छोटे बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर किए गए सवाल पर डॉ. भार्गव ने बताया कि यह एक बड़ा सवाल है। जब तक हमारे पास बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर अधिक डेटा नहीं होगा, हम बड़े पैमाने पर उनके टीकाकरण करने की स्थिति में नहीं होंगे। अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट्स भी अभी बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर एकमत नहीं हैं। अमेरिका में बच्चों को टीका लगाया जा रहा है, लेकिन वहां भी कुछ जटिलताएं देखी गई हैं। हालांकि, हमने 2-18 वर्ष की आयु के बच्चों पर स्टडी शुरू कर दी है और हमारे पास सितंबर या उसके बाद के परिणाम होंगे।

दूसरी लहर के दौरान 90% केस डेल्टा वैरिएंट के मिले
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) के डायरेक्टर डॉ. एस के सिंह ने बताया कि डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले हमारे देश में अभी बहुत कम पाए गए हैं। भारत में दूसरी लहर के दौरान 90% केस डेल्टा वैरिएंट के पाए गए। यानी अब यह साफ हो गया है कि डेल्टा वैरिएंट ही देश में दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार है।

देश के 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 174 जिलों में वैरिएंट ऑफ कंसर्न की पहचान हुई है। महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और गुजरात में इसके सबसे ज्यादा केस मिले हैं। महाराष्ट्र देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां 3 करोड़ वैक्सीनेशन हो चुके हैं।

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान 776 डॉक्टरों ने दम तोड़ दिया
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के मुताबिक, कोरोना की दूसरी लहर के दौरान 776 डॉक्टरों ने दम तोड़ दिया। इनमें सबसे ज्यादा 115 डॉक्टरों की मौत दूसरी लहर के दौरान बिहार में हुई। इसके बाद दिल्ली में 109 डॉक्टरों की मौत हुई।

इसके बाद उत्तर प्रदेश में 79, पश्चिम बंगाल में 62, तमिलनाडु में 50, आंध्र प्रदेश में 40, असम में 10, गुजरात में 39 और झारखंड में 39 डॉक्टर की जान गई। इसके अलावा, मध्य प्रदेश में 16, महाराष्ट्र में 23, ओडिशा में 34, राजस्थान में 44 और तेलंगाना में 37 डॉक्टरों की मौत हुई।

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