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गुजरात के 16 जिलों से रिपोर्ट:तूफान से यहीं सबसे ज्यादा नुकसान की आशंका; 165 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, 1.35 लाख लोगों को शिफ्ट किया

अहमदाबादएक वर्ष पहले

अगले कुछ घंटों में 23 साल का सबसे खतरनाक तूफान गुजरात के तटों से टकराएगा। ताऊ ते तूफान मुंबई से आगे बढ़ रहा है और जब ये गुजरात से टकराएगा तो हवाओं की रफ्तार 165 किमी/घंटे तक पहुंचने की आशंका है। राज्य सरकार ने इसे सबसे खतरनाक तूफान की श्रेणी में रखा है। गुजरात के 16 जिलों में इससे सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचने की आशंका है। यहां से करीब 1.35 लाख लोगों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया गया है।

इन इलाकों पर सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात का सबसे ज्यादा असर गुजरात पर ही पड़ेगा। पोरबंदर, अमरेली, जूनागढ़, भावनगर, राजकोट, मोरबी, जामनगर, द्वारका, सुरेंद्रनगर, बोटाद, कच्छ, सूरत, वलसाडी, नवसारी, भरूच और सोमनाथ जिलों में फूस के बने मकान पूरी तरह तबाह हो जाएंगे। मिट्टी के घरों को भी भारी नुकसान हो सकता है। पक्के मकानों को भी कुछ नुकसान पहुंच सकता है। भारी बारिश के कारण कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो सकते हैं।

गिर-सोमनाथ के 99 गांव में अलर्ट जारी
गिर-सोमनाथ जिले में 10 किमी के दायरे में 99 गांवों को अलर्ट पर रखा गया है। इनमें वेरावल तालुका के 28 गांव, सूत्रपाड़ा के 17 गांव, कोडिनार के 20 गांव और ऊना तालुका के 34 गांव शामिल हैं। तूफान की आशंका के मद्देनजर भारतीय तटरक्षक बल ने मोर्चा संभाल रखा है। मछुआरों की कुछ बोटें समु्द्र में ही थीं, जिन्हें कोस्ट गार्ड द्वारा सुरक्षित बंदरगाहों पर वापस लाया जा चुका है। मछुआरों को दो दिन तक समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है।

गुजरात के 17 तटीय जिलों के 655 गांवों से एक लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
गुजरात के 17 तटीय जिलों के 655 गांवों से एक लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

वेरावल से 260 किमी दूर है 'ताऊ-ते'
महाराष्ट्र से टकराने के बाद 'ताऊ-ते' फिलहाल मुंबई से 150 किमी, दीव के दक्षिण-दक्षिण-पूर्वी तट से लगभग 220 किमी और वेरावल बंदरगाह के दक्षिण-पूर्व से लगभग 260 किमी की दूरी पर है। इसके रात 10 से 11 बजे के बीच पोरबंदर और भावनगर से टकराने की संभावना है।

वेरावल पोर्ट पर सिग्नल नंबर 10 लगाया गया था। इसमें अलार्म बजने के बाद लोगों को घर से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू किया गया।
वेरावल पोर्ट पर सिग्नल नंबर 10 लगाया गया था। इसमें अलार्म बजने के बाद लोगों को घर से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू किया गया।

30 से 35 किमी है तूफान का दायरा
तूफान के केंद्र का दायरा 30 से 35 किमी. है। हवा लगभग 165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है। जब कोई तूफान जमीन से टकराता है तो हवा की गति धीमी हो जाती है, लेकिन समुद्र में होने के चलते इसके और गंभीर होने की आशंका है।

जाफराबाद बंदरगाह पर भी सिग्नल नंबर 10 लगाया गया।
जाफराबाद बंदरगाह पर भी सिग्नल नंबर 10 लगाया गया।

23 साल बाद इतना भयानक तूफान
गुजरात में 23 साल बाद इतना भयानक तूफान आ रहा है। इससे पहले 9 जून 1998 में कच्छ जिले के कांडला में इतना भयानक तूफान आया था। इसमें 1,173 लोगों की मौत हुई थी और 1,774 लोग लापता हो गए थे। करीब 4 हजार लोग बेघर हो गए थे। जिले के तटीय इलाकों की पूरी की पूरी बस्तियां साफ हो गई थीं।

अलर्ट के बाद दो दिन पहले ही शुरू की कोरोना टेस्टिंग
तूफान के अलर्ट के बाद दो दिन पहले से ही गांवों में कोरोना टेस्टिंग शुरू कर दी गई थी। संक्रमित लोगों के लिए सोमनाथ के आसपास के गांवों के स्कूल में सेंटर बनाए गए हैं। अब तक 120 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई है, जिन्हें इन सेंटरों पर पहुंचा दिया गया है। हालांकि, सबसे बड़ी दिक्कत इस समय उन लोगों की पहचान न कर पाना है, जो संक्रमित लोगों के संपर्क में आए थे।