अनुमति / डीएसी ने 2000 करोड़ की रक्षा सेवाओं को प्राप्त करने को मंजूरी दी



रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।(फाइल) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।(फाइल)
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।(फाइल)रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।(फाइल)

  • मेक इन इंडिया उत्पादों को प्राप्त करने को प्राथमिकता दी जाएगी
  • टी-72 और टी-90 हथियार के विकास और उत्पादन को मंजूरी दी गई

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2019, 10:15 PM IST

नई दिल्ली. डिफेंस एग्जीक्यूशन काउंसिल (डीएसी) ने शुक्रवार को लगभग 2000 करोड़ रुपए की रक्षा सेवा लेने की मंजूरी दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। मेक इन इंडिया नीति को ध्यान में रखते हुए भारत में निर्मित रक्षा उत्पादों के अधिग्रहण को प्राथमिकता दी जाएगी।

 

बैठक में टी-72 और टी-90 हथियारों के लिए टैंक भेदी हथियारों आर्मर पियरसिंग फिन स्टैबिलाइज्ड डिस्कार्डिंग सैबॉट (एपीएफएसडीएस) के विकास और उत्पादन के लिए समुचित अनुमति मिल गई। एपीएफएसडीएस मिलने के बाद भारतीय सेना की दुश्मन के टैंकों को मार गिराने की क्षमता बढ़ेगी। भारतीय सेना की स्वचालित माइन्स बिछाने की क्षमता का विस्तार करने के लिए रक्षा शोध विकास संगठन(डीआरडीओ) द्वारा विकसित मेकैनिकल माइन लेयर(सेल्फ प्रोपेल्ड) प्राप्त करने का निर्णय लिया गया है।

 

रक्षा उत्पादों को प्राप्त करने के लिए होगी नई नीति
रक्षा मंत्रालय विभिन्न रक्षा उत्पादों को प्राप्त करने की नई नीति तैयार करने भी कार्य कर रहा है। यह नीति साल 2020 तक तैयार हो जाएगी। इस नई नीति में रक्षा जरूरतों के अनुसार सॉफ्टवेयर और सूचना तकनीक, रक्षा उत्पादों के लिए करार सौंपने के बाद प्रबंधन और रखरखाव और रक्षा उपकरणों की देखरेख संबंधी पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

 

 

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