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अपनों ने ही किया पराया:दिव्यांग बच्ची को दादा बस स्टैंड पर छोड़ आए; पिता कहता है- बेटियां नहीं पाल सकता, पुलिस उसे ही सौंपा

शाहकोट4 महीने पहले
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पंजाब में बस स्टैंड पर लावारिस हालत में मिली बोलने में अक्षम बच्ची। - Dainik Bhaskar
पंजाब में बस स्टैंड पर लावारिस हालत में मिली बोलने में अक्षम बच्ची।

पंजाब के शाहकोट में बस स्टैंड पर बस से तीन साल की एक बच्ची नंगे पांव उतरी। बच्ची किसी अपने को तलाश रही थी। कंडक्टर ने टैक्सी यूनियन वालों को बताया कि बच्ची के साथ बस में एक बुजुर्ग था, उसने अपना मुंह ढंका हुआ था। ड्राइवर को शक हुआ तो उसने सख्ती से पूछा- बच्ची को कहां से लाए हो? तभी बुजुर्ग बस से उतर गया।

यूनियन ड्राइवरों ने बच्ची का वीडियो वायरल किया तो पता चला कि बच्ची अजनाला के गांव भिंडियां सैदां की है। दो दिन बाद उसका पिता आया और पहले उसे बुआ की पोती बताया फिर अपनी ही बेटी। टैक्सी यूनियन मेंबर सचिन भारद्वाज ने बताया कि पिता लेने आया तो वह उसके पास नहीं गई। पंचायत मेंबर उसे साथ ले गए। बच्ची एक रात ड्राइवरों के यहां रही।

पिता बोला- कोई चाहे तो मुझसे लिखवाकर मेरी बच्ची ले ले

बच्ची के पिता को थाना शाहकोट बुलाया गया। पिता बोला- ‘मैं मजदूरी करता हूं। दो बेटियां हैं, एक बोल नहीं सकती। पत्नी से तलाक हो चुका है। राजीनामा हुआ था दोनों एक-एक बच्ची रखेंगे। पर वो कोई बेटी नहीं ले गई। इसलिए दादा उसे बस में छोड़ आए। सोचा था वीडियो देख उसकी मां लौट आएगी। मैं दो बच्चियां नहीं पाल सकता। कोई चाहे तो मुझसे लिखवाकर बच्ची ले ले।’

परिजन ने गुनाह किया तो पुलिस ने की गलत कार्रवाई
डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी के सीनियर मेंबर अमरजीत सिंह ने बताया कि बच्ची के परिजन ने उसे लावारिस हालत में छोड़कर गुनाह किया। दूसरा, पुलिस ने बच्ची को उसी पिता को सौंप दिया, जो उसे रखना नहीं चाहता। मामला आते ही डिस्ट्रिक्ट लीगल प्रोटेक्शन अफसर या चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी को सूचना दी जानी थी। कोई माता-पिता बच्चा पाल नहीं सकते तो वे उसे सरकार के पास सरेंडर कर सकते हैं।

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