इंटरव्यू / सुखबीर बादल ने कहा- भाजपा की दगाबाजी का चंद घंटे पहले ही लगा पता, नहीं तो देते ठोस जवाब



सुखबीर सिंह बादल सुखबीर सिंह बादल
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सुखबीर सिंह बादलसुखबीर सिंह बादल

  • हरियाणा में भाजपा से संबंधों में आई खटास के बीच शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल से विशेष बातचीत
  • भाजपा ने किया धोखा, पर पंजाब में नहीं होगा इसका असर, हरियाणा में जीतने वाली सीटों पर लड़ेंगे 

Dainik Bhaskar

Oct 03, 2019, 07:18 PM IST

चंडीगढ़ (सुखबीर सिंह बाजवा). हरियाणा में भाजपा ने हमारे साथ जो कुछ किया उसका हमें केवल चंद घंटे पहले ही पता लगा। अगर हमें इसकी पहले से जरा भी भनक होती कि छोटा भाई बड़े के साथ ऐसी धोखेबाजी कर सकता है तो हम कुछ ठोस कदम पहले ही उठा लेते। जो कुछ हरियाणा में भाजपा ने किया है उसके लिए केवल वह ही जिम्मेदार है। हमारी तरफ से गठबंधन के दौरान उनके साथ किसी भी प्रकार की कोई मनमुटाव जैसी बात भी नहीं थी। पंजाब में अकाली भाजपा का वर्षों पुराना गठबंधन है, जो बरकार है और बरकरार रहेगा। यह बात अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व िडप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने भास्कर से कही। बुधवार की देर शाम अकाली दल ने इनेलाे के साथ गठबंधन कर लिया। भास्कर ने हरियाणा में शिअद भाजपा के संबंधों में आई खटास को लेकर उनसे बात की। पेश हैं उसके कुछ अंश।

 

सवाल- हरियाणा में अकाली दल के विधायक को भाजपा ने तोड़ लिया, क्या कहेंगे आप?
जवाब- हमारे साथ धोखा हुआ है। हमें इसकी उम्मीद नहीं थी कि हमारे साथ हरियाणा भाजपा कुछ ऐसा कर सकती है, लेकिन हमने अब सबक ले लिया है। कदम फंूक-फंूक कर रखेंगे। क्योंकि हमें उस बात का पता ही कुछ घंटे ही लगा। इसलिए आनन-फानन में कोई ठोस फैसला नहीं ले सके। हमें जरा सी भी भनक होती तो हम ठोस कदम उठाते।

 

सवाल- क्या हरियाणा भाजपा द्वारा की गई धोखेबाजी का पंजाब में कोई असर होगा?
जवाब- नहीं, पंजाब में हमारे भाजपा के साथ मधुर संबंध हैं। वर्षों से हमारी को-ऑर्डिनेशन कमेटियां इकट्‌ठी काम कर रही हैं। पंजाब में अनबन की कोई बात नहीं हैं।

 

सवाल- हरियाणा विधानचुनाव में आप पहले 2 से 4 सीटों पर लड़ते आए हैं? अब क्या रणनीति  है?

जवाब- हरियाणा भाजपा का रुख देखते हुए इस बार हम चुनाव लड़ेंगे, सभी 90 सीटों पर तो नहीं, लेकिन जहां हमें जीतने की संभावना ज्यादा दिखाई देगी, वहां हम अपने कैंडिडेट्स खड़े करेंगे। इनमें पंजाब बॉर्डर के साथ लगते हरियाणा के विधानसभा क्षेत्रों में तो हम अपने प्रत्याशी खड़े करेंगे ही। इसकी शुरुआत हमने कालांवाली से कर दी है।

 

सवाल- भाजपा ने आपका विधायक तोड़ा तो आपने भाजपा के हलका इंचार्ज को तोड़ लिया। इससे छोटे-बड़े भाई का झगड़ा तेज नहीं हो जाएगा?
जवाब- जब छोटे भाई ने कोई शर्म नहीं की ताे बड़ा भाई तो मजबूर हो गया है। छोटे ने बड़े भाई की लाज रखी होती तो संभव है बैठकर कोई बात की जा सकती थी और अगर कोई मनमुटाव था तो उसका हल हो सकता था। शुरुआत किसने की, यह जगजाहिर है।

 

सवाल- क्या हरियाणा अब आप किसी अन्य दल से Q. हरियाणा में भाजपा और शिअद में मनमुटाव को लेकर क्या आप हाईकमान से बात करेंगे?
जवाब- अभी तुरंत अकाली दल कोई ऐसी कार्रवाई नहीं करेगा। बल्कि सही वक्त पर इस मामले को ठोस तरीके से हाईकमान के साथ उठाया जाएगा।

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