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लॉकडाउन में मदद का ऐलान / 6 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में मजदूरों के खातों में 1000 से 1500 रु. तक डाले जाएंगे, गुजरात में 3.25 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन

देश में 21 दिन के लॉकडाउन के बीच निचले तबके के लोगों को राहत मिलेगी। (प्रतीकात्मक चित्र) देश में 21 दिन के लॉकडाउन के बीच निचले तबके के लोगों को राहत मिलेगी। (प्रतीकात्मक चित्र)
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देश में 21 दिन के लॉकडाउन के बीच निचले तबके के लोगों को राहत मिलेगी। (प्रतीकात्मक चित्र)देश में 21 दिन के लॉकडाउन के बीच निचले तबके के लोगों को राहत मिलेगी। (प्रतीकात्मक चित्र)

  • उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर सरकार मजदूरों के खातों में पैसे ट्रांसफर करेगी
  • गुजरात सरकार 60 लाख परिवारों को 3.5 किलो गेहूं, 1.5 किलो चावल, 1 किलो चीनी, दाल और नमक मुफ्त देगी

दैनिक भास्कर

Mar 26, 2020, 06:39 PM IST

नई दिल्ली. देश में 21 दिन का लॉकडाउन है। इस दौरान दैनिक मजदूरी पाने वालों को 6 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश ने राहत दी है। उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के मजदूरों के बैंक खाते में 1000 से 1500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। राशन दुकानों से खाने की सामग्री दी जाएगी। एनएसओ के 2011-12 के सर्वे के मुताबिक, देश में करीब 39.14 फीसदी असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी हैं।  

उत्तर प्रदेश: 35 लाख लोगों को लाभ मिलेगा

उत्तर प्रदेश में असंगठित क्षेत्र के मजदूर को एक महीने में एक बार 1000 हजार दिए जाएंगे। सरकार ने 31 मार्च तक के लिए 235 करोड़ रुपए का बजट तय किया है। श्रमिक भरण पोषण योजना के तहत 35 लाख लोगों को घोषणा का लाभ मिलेगा। इस योजना में मजदूर, रिक्शा चालक, फेरी लगाने वालों को शामिल किया गया है। मंगलवार को शुरू की गई इस योजना में पूरे लॉकडाउन की अवधि कवर की गई है। प्रदेश में कुल 20.37 रजिस्टर्ड मजदूर हैं। इनमें से 5.97 लाख मजदूरों के बैंक खाते में सरकार तय रकम ट्रांसफर करेगी। जिनके पास बैंक खाते नहीं हैं, उनकी अधिकारी मदद करेंगे। शहरी विकास विभाग को दो हफ्ते में एक डेटाबेस तैयार करने को कहा गया है। इसमें खोमचे और रिक्शावालों के लिए 235 करोड़ रुपए की राशि तय की गई है। 


आंध्र प्रदेश: 1000 रुपए मिलेंगे

आंध्र प्रदेश में बीपीएल धारक, दिहाड़ी मजूदर, कन्सट्रक्शन वर्कर, ऑटो और कैब चालकों को 1000 रुपए मिलेंगे। मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने इसके  लिए 1500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की है। लाभार्थियों की पहचान पिछले साल राज्य चुनाव अभियान के दौरान की गई थी। तय रकम 4 अप्रैल तक लाभार्थियों के घर ग्रामीण वॉलिंटियर्स पहुंचाएंगे। इसके साथ राशन में चावल, एक किलोग्राम दाल, तेल और नमक भी होगा।

गुजरात : 60 लाख परिवारों को मिलेगा फ्री राशन

गुजरात सरकार 60 लाख परिवारों के 3.25 करोड़ लोगों के लिए मुफ्त राशन मुहैया कराएगी। एक अप्रैल से प्रत्येक व्यक्ति को 3.5 किलोग्राम गेहूं और 1.5 किलोग्राम चावल और प्रति परिवार 1 किलो चीनी, दाल और नमक मिलेगा। यह राशन उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से वितरित होगा। सरकार ने 17,000 उचित मूल्य की दुकानों में से कम से कम 3,500 को राशन भेज दिया है। वितरण के समय सोशल डिस्टेंस रखा जाएगा। 


तेलंगाना : प्रति परिवार को 1500 रुपए

तेलंगाना में राशन कार्ड धारक प्रति परिवार को 1500 रुपए दिए जाएंगे। इनमें बीपीएल वाले और असंगठन क्षेत्रों के मजदूरों को शामिल किया गया है। ऐसे परिवार को 6 की बजाय 12 किलोग्राम चावल मुफ्त दिए जाएंगे। सरकार ने इसके लिए 3.36 लाख टन चावल और 2,417 करोड़ रुपए का बजट तय किया है। वितरण के लिए 2014 में किए गए सर्वे को आधार बनाया गया है। पैसा बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। 


राजस्थान: हर मजदूर को 1000 रुपए
राज्य की सामाजिक पेंशन योजना में शामिल लोगों को छोड़कर 25 लाख दिहाड़ी मजदूर और फेरी लगाने वाले को प्रति व्यक्ति 1000 रुपए दिए जाएंगे। यह राहत 36.51 लाख बीपीएल, राज्य बीपीएल धारक और अंत्योदय लाभार्थियों को दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए 2000 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की है। लाभार्थियों की पहचान जिला प्रशासन और सामाजिक न्याय विभाग द्वारा की जाएगी। रुपए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से आधार नंबर से जुड़े बैंक खातों में भेजे जाएंगे।


जम्मू-कश्मीर : सभी मजदूरों को राहत
लॉकडाउन के दौरान राशन की खरीद के लिए भवन निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में रजिस्टर्ड 3.5 लाख लोगों को 1000 रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) योजना के तहत रजिस्टर्ड असंगठित क्षेत्र के सभी 2.26 लाख श्रमिकों को मजदूरी सहित राहत मिलेगी।


उत्तराखंड: प्रत्येक मजदूर को 1000 रुपए
उत्तराखंड सरकार प्रत्येक मजदूर को 1000 रुपए देगी। इसमें गैर-पंजीकृत मजदूर, सड़क पर दुकान लगाने वाले, फल और सब्जी विक्रेता और दिहाड़ी मजदूर शामिल हैं। सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से 30 करोड़ रुपए देने की घोषणा की है। रुपए के वितरण के लिए जिलाधिकारी और स्थानीय श्रमिक विभाग के अधिकारी सर्वे कर लाभार्थियों के पहचान करेंगे। यह राशि लाभार्थी बैंक खाते में या फिर नकद भी ले सकेंगे।

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