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रिश्वत विवाद / केस रद्द कराने की सीबीआई स्पेशल डायरेक्टर अस्थाना की अर्जी हाईकोर्ट ने खारिज की



delhi court verdict on cbi rakesh asthana for quashing fir on bribery allegations
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delhi court verdict on cbi rakesh asthana for quashing fir on bribery allegations
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  • डीएसपी देवेंद्र कुमार की एफआईआर रद्द करने की अपील भी दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दी
  • हाईकोर्ट ने सीबीआई को अस्थाना और देवेंद्र के खिलाफ 10 हफ्ते में जांच पूरी करने का आदेश दिया
  • सीबीआई के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा ने लगाए थे अस्थाना पर रिश्वत लेने के आरोप

Dainik Bhaskar

Jan 11, 2019, 04:05 PM IST

नई दिल्ली.  दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सीबीआई स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना की घूसखोरी के केस रद्द करने की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि एक लोक सेवक पर एफआईआर होना गंभीर है। इस मामले में जो चार्ज लगाए गए हैं उनकी जांच होनी चाहिए। अस्थाना पर सीबीआई निदेशक रहे आलोक वर्मा ने 2 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने आरोप लगाए थे। कोर्ट ने अस्थाना के साथ सह-आरोपी डीएसपी देवेंद्र कुमार के खिलाफ भी केस खारिज करने से इनकार कर दिया। 

 

जस्टिस नाजमी वजीरी ने 20 दिसंबर 2018 को कई याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान सीबीआई, केंद्र सरकार, राकेश अस्थाना, डीएसपी देवेंद्र कुमार, आलोक वर्मा और संयुक्त निदेशक एके शर्मा के वकीलों ने पैरवी की थी। 

 

हैदराबाद के व्यवसायी ने रिश्वत देने का आरोप लगाया था
उधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसएस गुर्म ने भी अदालत में एक पक्ष के रूप में स्वीकार किए जाने को लेकर याचिका दायर की थी। हैदराबाद के व्यवसायी सतीश बाबू सना की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। उसने एक मामले में राहत पाने के लिए रिश्वत देने का आरोप लगाया था। सतीश ने यह भी कहा था कि वह सीबीआई के साथ जांच में सहयोग करेगा।

 

सीबीआई के नंबर 2 अफसर अस्थाना लगाया था घूस लेने का आरोप

सीबीआई के नंबर 2 अफसर अस्थाना मीट कारोबारी मोइन कुरैशी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में जांच कर रहे थे। इस दौरान हैदराबाद का सतीश बाबू सना भी घेरे में आया। एजेंसी 50 लाख के ट्रांजैक्शन के मामले में उसके खिलाफ जांच कर रही थी। सना ने सीबीआई चीफ को भेजी शिकायत में कहा कि अस्थाना ने इस मामले में क्लीन चिट देने के लिए 5 करोड़ मांगे थे। इनमें 3 करोड़ एडवांस और 2 करोड़ बाद में देने थे।

 

आरोपी बिचौलिए ने की थी घूस देने की पुष्टि

इसी मामले में गिरफ्तार एक आरोपी बिचौलिए मनोज प्रसाद ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया कि अस्थाना को 2 करोड़ रुपए की घूस दी थी। मनोज ने कहा कि उसने यह घूस कुरैशी की तरफ से दी थी। इसके बाद सीबीआई ने अस्थाना के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इस मामले में अस्थाना की टीम में शामिल डीएसपी देवेंद्र कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है।

 

वहीं, अस्थाना ने 24 अगस्त को सीवीसी को पत्र लिखकर डायरेक्टर पर सना से दो करोड़ रुपए लेने का आरोप लगाया था। कुरैशी को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग को आरोपों में पिछले साल अगस्त में गिरफ्तार किया था। सीबीआई भी उसके खिलाफ जांच कर रही है।

 

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