• Hindi News
  • National
  • Delhi JNU Students Fee Hike [Updates]: JNU administration rolls back Jawaharlal Nehru University fee hike

दिल्ली / जेएनयू ने मेस चार्ज बढ़ाने का फैसला वापस लिया, हॉस्टल फीस 300 रु. ही रहेगी, 15 दिनों से छात्र कर रहे थे प्रदर्शन



Delhi JNU Students Fee Hike [Updates]: JNU administration rolls back Jawaharlal Nehru University fee hike
X
Delhi JNU Students Fee Hike [Updates]: JNU administration rolls back Jawaharlal Nehru University fee hike

  • 11 नवंबर को जेएनयू छात्रों ने दीक्षांत समारोह के दौरान विरोध प्रदर्शन किया था
  • छात्रों का कहना था कि हम 15 दिनों से विरोध कर रहे हैं, लेकिन कुलपति हमसे बात करने को तैयार नहीं
  • जेएनयू कुलपति ने बताया कि 13 नवंबर को एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक हुई
  • ‘इसमें तय किया गया कि हॉस्टल मैन्युअल में टाइमिंग और ड्रेस कोड जैसे विषय नहीं जोड़े जाएंगे’

Dainik Bhaskar

Nov 13, 2019, 10:49 PM IST

नई दिल्ली. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने छात्रों की मेस फीस बढ़ाने का फैसला वापस ले लिया है। हालांकि, हॉस्टल चार्ज की बढ़ाई गई राशि यथावथ बनी रहेगी। जेएनयू के कुलपूति एम. जगदीश कुमार ने कहा, “हमने सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए सिंगल सीटर वाले होस्टल रूम की फीस 10 रु. से बढ़ाकर 300 रु. करने का निर्णय लिया है जबकि गरीबी रेखा से नीचे वाले छात्रों को इसका 50% जमा करना होगा।” छात्रों ने हॉस्टल फीस और मेस चार्जेस बढ़ाने के खिलाफ प्रदर्शन किया था। 

 

इससे पहले जगदीश कुमार ने कहा- आज एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक हुई। इसमें तय किया गया कि हम हॉस्टल मैन्युअल में टाइमिंग को लेकर नए क्लॉज नहीं जोड़ेंगे। इस मैन्युअल में ड्रेस कोड भी शामिल नहीं होगा।

 

फीस बढ़ाई थी
14 साल बाद हॉस्टल फीस में बदलाव
10 रु. किराया था सिंगल सीटर कमरे का, 300 रु. कर दिया गया
20 रु. किराया था डबल सीटर कमरे का, 600 रु. कर दिया गया
5500 रु. थी वन टाइम मेस सिक्योरिटी फीस, 12,000 कर दी गई थी

यह प्रतिबंध लगाए थे
अधिकतम रात 11:30 बजे के बाद छात्रों को हॉस्टल के भीतर रहना होगा।
डाइनिंग हॉल में उचित कपड़े पहन कर आना होगा।

 

छात्रों ने दीक्षांत समारोह के दौरान उग्र प्रदर्शन किया था
जेएनयू के विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन बीते 15 दिनों से जारी था। सोमवार को एआईसीटीई में हुए दीक्षांत समारोह के दौरान भी छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इस वजह से मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल छह घंटे तक कैंपस में फंसे रहे थे। मंत्री पोखरियाल को अपने पूर्व निर्धारित 2 कार्यक्रम भी निरस्त करने पड़े थे। छात्रों का उग्र प्रदर्शन देखते हुए उपराष्ट्रपति पहले ही कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए थे। पुलिस ने छात्रों पर वाटर कैनन का प्रयोग भी किया था। 
 

 

DBApp

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना