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वाड्रा को 16 फरवरी तक अंतरिम जमानत मिली, 6 को ईडी के सामने होंगे पेश

3 वर्ष पहले
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  • लंदन में संपत्ति की खरीद को लेकर वाड्रा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ईडी ने दर्ज किया है मामला
  • इससे पहले कोर्ट ने वाड्रा के सहयोगी को मनोज अरोड़ा को 6 फरवरी तक अंतरिम जमानत दी

नई दिल्ली. प्रियंका गांधी के पति रावर्ट वाड्रा को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में दिल्ली की पटियाला कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। कोर्ट ने वाड्रा को ये राहत 16 फरवरी तक दी। उनके वकील ने कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि वाड्रा 6 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होंगे।

1) राजनीतिक चाल के तहत फंसाया गया- वाड्रा के वकील

ईडी ने लंदन के ब्रायंस्टन स्क्वायर में 19 लाख पाउंड में एक संपत्ति की खरीद को लेकर वाड्रा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया है। इससे पहले इस मामले में वाड्रा के सहयोगी मनोज अरोड़ा को कोर्ट ने 6 फरवरी तक अंतरिम जमानत दी थी।

वाड्रा के वकील ने सुनवाई के दौरान कहा कि उनके मुवक्किल को गलत मुकदमे में फंसाया जा रहा है। वह कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं। उनके खिलाफ राजनीतिक चाल चली जा रही है।

ईडी के मुताबिक, आयकर विभाग फरार हथियार कारोबारी संजय भंडारी के खिलाफ काला धन कानून और कर कानून के तहत दर्ज मामलों की जांच कर रहा था। इस दौरान आयकर विभाग को किसी मामले में अरोड़ा की भूमिका पर भी संदेह हुआ। इसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है।

ईडी का आरोप है कि लंदन में संपत्ति भंडारी ने 19 लाख पाउंड में खरीदी थी और उसकी मरम्मत पर 65900 पाउंड खर्च करने के बाद 2010 में उतनी ही रकम में वाड्रा काे बेच दी थी। इससे साफ हो गया कि भंडारी इस संपत्ति का वास्तविक मालिक नहीं था बल्कि उसने वाड्रा को फायदा पहुंचाने के लिए यह सौदा किया था।

आरोप यह भी है कि वाड्रा के स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी का कर्मचारी अरोड़ा की इस सौदे में अहम भूमिका थी। उसे वाड्रा की विदेशी अघोषित संपत्ति की भी जानकारी थी और पैसों की व्यवस्था करने में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।