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डेल्टा प्लस से तीसरी लहर का खतरा:कोरोना के इस स्ट्रेन के देश में 40 केस; इनमें महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और केरल के लोग; इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न की कैटेगरी में रखा गया

नई दिल्ली3 महीने पहले

देश में कोरोना के घटते मामलों के बीच डराने वाली खबर आ रही है। देश में दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार कोरोना वैरिएंट डेल्टा एक बार फिर रूप बदलकर हमला कर रहा है। इसे डेल्टा प्लस का नाम दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि डेल्‍टा प्‍लस वैरिएंट देश में कोरोना की तीसरी लहर का कारण बन सकता है।

केंद्र सरकार के मुताबिक, देश में इस स्ट्रेन के अब तक 40 मामले रिकॉर्ड किए गए हैं। इस वैरिएंट के सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र में सामने आए हैं। इसके अलावा मध्यप्रदेश और केरल में भी इस स्ट्रेन की पुष्टि हुई है। इन राज्यों को अलर्ट रहने की सलाह दी गई है।

डेल्टा प्लस के बारे में 4 अहम पॉइंट्स

  • डेल्टा वैरिएंट के सभी स्ट्रेन को वैरिएंट ऑफ कंसर्न माना जाएगा। डेल्टा प्लस के बारे में सबसे पहले पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड में 11 जून को एक रिपोर्ट दी थी।
  • भारत में 45 हजार से ज्यादा सैंपल की सीक्वेंसिंग हुई, जिनमें से डेल्टा प्लस के 40 मामले पाए गए। हालांकि, इनमें बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं देखी जा रही है।
  • डेल्टा प्लस का भारत में पहला मामला 5 अप्रैल को महाराष्ट्र में लिए गए एक सैंपल में पाया गया।
  • दुनियाभर में डेल्टा प्लस के 205 मामले पाए गए हैं, जिसमें से आधे से ज्यादा केस अमेरिका और ब्रिटेन में हैं।

केंद्र सरकार की एडवाइजरी
हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, राज्यों को चिट्ठी लिखकर बताया गया है कि उन्हें कैसे डेल्टा प्लस वैरिएंट को डील करना है। भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक कंसोर्टिया के हालिया निष्कर्षों के आधार पर महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश को गाइडलाइन के हिसाब से ही इस वैरिएंट से निपटने की सलाह दी गई है। जिन जिलों में इनके मामले सामने आए हैं, वहां कंटेनमेंट का सख्ती से पालन कराया जाए।

अन्य राज्यों में भी मिलने की आशंका
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह स्ट्रेन इन 3 राज्यों के अलावा भी कई राज्यों में मिल चुका है। इसके मुताबिक, इस वैरिएंट के सबसे ज्यादा 21 केस महाराष्ट्र और 6 केस मध्यप्रदेश में दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा केरल, तमिलनाडु में 3-3, कर्नाटक में 2 और पंजाब, आंध्र प्रदेश और जम्मू में एक-एक मामले में इस वैरिएंट की पुष्टि हुई है।

वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट की श्रेणी में डेल्टा प्लस
नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी के पॉल ने बताया कि डेल्टा वैरिएंट दुनिया के 80 देशों में है। भारत में दूसरी लहर को बढ़ाने में इसी वैरिएंट को जिम्मेदार बताया जा रहा है। इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न की श्रेणी में रखा गया है। डेल्टा प्लस वैरिएंट अभी 9 देशों ब्रिटेन, अमेरिका, जापान, रूस, भारत, पुर्तगाल, स्विटजरलैंड, नेपाल और चीन में मिला है। अभी यह वैरिएंट ऑफ कंसर्न की श्रेणी में है।

हम नहीं चाहते हैं कि डेल्टा प्लस वैरिएंट आगे बढ़े

  • तीसरी लहर आने के सवाल पर डॉ. पॉल ने कहा- ये कोई नहीं जानता कि वायरस कब अपना रूप बदल ले, ये पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता, लेकिन दुनिया के कई ऐसे देश हैं जहां न तो दूसरी लहर आई और न चौथी। यानी हम सावधान रहें तो हो सकता है कि यह कंट्रोल में रहे। हालांकि राहत की बात ये है कि 7 मई के मुकाबले देश में कोरोना के मामलों में 90% की कमी आई है।
  • पॉल ने अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन की भारत में सप्लाई के सवाल पर कहा कि कंपनी की मांगों को लेकर अभी कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। इस पर चर्चा जारी है। बता दें कि मॉडर्ना ने भारत में वैक्सीन सप्लाई को लेकर कुछ शर्तें लगाई हैं।
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