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मंदिर प्रवेश का मामला गरमाया:शिवाजी महाराज के वंशज को तुलजा भवानी मंदिर के गर्भगृह में नहीं मिला प्रवेश, मराठा संगठन नाराज

मुंबई7 महीने पहले
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मराठा संगठनों ने महाराष्ट्र के प्रसिद्ध तुलजा भवानी मंदिर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठनों का कहना है कि मंदिर प्रशासन ने संभाजीराजे का अपमान किया है, उन्हें गर्भगृह में प्रवेश न देना शर्मनाक है। संभाजीराजे छत्रपति शिवाजी महाराज के 13वें वंशज हैं। वे सोमवार को कुलदेवी के दर्शन करने पहुंचे थे, लेकिन मंदिर प्रशासन ने उन्हें गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं दी।

मराठा थोक मोर्चा ने कहा, संभाजीराजे छत्रपति को मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया गया, इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। ये छत्रपति का अपमान है। जब मंदिर प्रशासन छत्रपति से इस तरह की शर्मनाक हरकत करते हैं तो वे आम आदमी से कैसा व्यवहार करते होंगे।

अभिषेक के बाद किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं
महाराष्ट्र का तुलजा भवानी मंदिर उस्मानाबाद जिले में स्थित है।​​​​​ मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि निजाम युग से प्रथा चली आ रही है, तुलजा भवानी का अभिषेक के बाद मुख्य पुजारी के अलावा किसी को भी गर्भगृह में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। मंदिर प्रशासन के सदस्य योगिता कोल्हे ने बताया कि संभाजीराजे सोमवार रात करीब 9:30 बजे मंदिर में आए थे। वे गृहगर्भ में प्रवेश करना चाहते थे, लेकिन तुलजा भवानी माता का अभिषेक हो चुका था तो उन्हें अनुमति नहीं दी गई।

महाराष्ट्र का प्रसिद्ध तुलजा भवानी मंदिर कुछ ऐसा दिखता है।
महाराष्ट्र का प्रसिद्ध तुलजा भवानी मंदिर कुछ ऐसा दिखता है।

महाराष्ट्र की कुलदेवी हैं तुलजा भवानी
प्रशासन ने यह साफ कर दिया कि उनका संभाजीराजे का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। संभाजीराजे को हुई असुविधा के लिए प्रशासन ने एक पत्र लिखकर माफी भी मांगी है। योगिता ने कहा कि मंदिर में 'देउल-ए-कवायत' अधिनियम का पालन किया जाता है। तुलजा भवानी महाराष्ट्र की कुलदेवी हैं। अगर शाही परिवार का कोई सदस्य अभिषेक के समय पर मंदिर में पहुंचता है तो अभिषेक उसके हाथों से ही कराया जाता है।

जब शाही परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं होता तो उनके प्रतिनिधि अभिषेक अनुष्ठान करते हैं। कोरोना महामारी के दौरान जब मंदिर लोगों के लिए बंद था, तब भी शाही परिवार के प्रतिनिधि ही देवी का अभिषेक करते थे।

'चोपदार दरवाजे' से कराए गए दर्शन
संभाजीराजे ने 'चोपदार दरवाजे' से तुलजा भवानी माता के दर्शन किए, जो देवी की मूर्ति से 5 फीट दूर है। यहां से वीवीआईपी लोगों को ही देवी के दर्शन कराए जाते हैं। कोल्हे ने मंदिर ट्रस्ट को निर्देश दिए हैं कि आगे से संभाजीराजे के मंदिर में आने की जानकारी मिले तो उसके आने के बाद ही मंदिर में पूजा की जाए।