विमानों में खराबी पर DGCA चीफ बोले-नो नीड टू पैनिक:देश का एविएशन सेक्टर 'बिल्कुल सुरक्षित'; ऐसी तकनीकी खराबी आना आम

नई दिल्ली4 महीने पहले
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देश में बीते कुछ दिनों से तकनीकी खराबी आने के कारण कई फ्लाइट्स को रद्द किया गया या उनकी इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई। इसे लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) चीफ अरुण कुमार ने कहा है कि देश का एविएशन सेक्टर 'बिल्कुल सुरक्षित" है और यात्रियों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

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कुमार ने रविवार को कहा कि हाल के हफ्तों में घरेलू प्लेन में सामने आने वाली तकनीकी खराबी में बड़े जोखिम का अंदेशा नहीं है। विमान में खराबी आना आम बात है और सभी एयरलाइंस के साथ ऐसा होता है। उन्होंने बताया कि पिछले 16 दिनों में भारत आने वाली विदेशी एयरलाइन्स को 15 बार तकनीकी गड़बड़ी से जूझना पड़ा है, यह खराबी इंडियन विमानों जितनी ही थी।

स्पाइटजेट के 50% विमान दो महीनों तक नहीं भरेंगे उड़ान
हाल के दिनों में भारतीय विमानों में आई तकनीकी खराबी के एक दर्जन से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इसमें सबसे ज्यादा मामले स्पाइसजेट के हैं। इसके चलते 27 जुलाई को DGCA ने स्पाइसजेट की 50% उड़ानों पर दो महीने के लिए रोक लगा दी थी। साथ ही स्पाइसजेट की उड़ानों पर खास निगरानी रखने का फैसला लिया गया था।

उसी दिन, स्पाइसजेट ने एक बयान जारी कर कहा था कि DGCA के आदेश से उड़ान परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि ऑफ सीजन होने से उड़ानों की संख्या पहले ही कम की जा चुकी हैं। स्पाइसजेट के खिलाफ लिया गया एक्शन कड़ा नहीं है। इस पर एविएशन रेगुलेटर चीफ ने कहा, 'मैं यहां एयरलाइंस को बंद करने के लिए नहीं हूं। मेरा काम सुरक्षित और कुशल उड़ान सुनिश्चित करना है।'

DGCA चीफ बोले- एक विमान तभी उड़ान भरता है, जब वो उसके योग्य होता है
DGCA चीफ ने कहा कि कई अन्य देशों की तुलना में भारतीय विमान नए हैं। डीजीसीए का ध्यान हमेशा सुरक्षा पर होता है और यह सुनिश्चित करना होता है कि स्थिति खराब न हो। उन्होंने बताया कि एक विमान में हजारों कंपोनेंट होते हैं, यदि एक या दो कंपोनेंट्स में समस्या होती है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि कोई बड़ी घटना हो सकती है।

1 अप्रैल से 30 जून तक कुल 150 विमानों में खराबी
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, इस साल 1 अप्रैल से 30 जून तक कुल 150 विमानों में कंपोनेंट और तकनीकी खराबी के मामले सामने आए हैं। 2 मई से 13 जुलाई के दौरान, DGCA ने 353 स्पॉट चेक का विशेष अभियान चलाया।

रोजाना 7,000 से ज्यादा विमानों की आवाजाही
कोरोना वायरस महामारी से बुरी तरह प्रभावित होने के बाद डोमेस्टिक एविएशन सेक्टर सुधार की राह पर है। भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रतिदिन 6,000 से अधिक विमानों की आवाजाही होती है। यदि ओवरफ्लाइंग विमानों को भी इसमें जोड़ा जाए, तो कुल 7,000 से अधिक विमानों की आवाजाही होती है। इसमें लैंडिंग और टेकऑफ शामिल है।