• Hindi News
  • National
  • differences between jet airways and etihad but SBI hopeful of resolution next week
विज्ञापन

आर्थिक संकट / जेट-एतिहाद में मतभेद उभरे, फिर भी बैंकों को अगले हफ्ते तक हल निकलने की उम्मीद

Dainik Bhaskar

Mar 16, 2019, 08:21 AM IST


differences between jet airways and etihad but SBI hopeful of resolution next week
X
differences between jet airways and etihad but SBI hopeful of resolution next week
  • comment

  • जेट एयरवेज को 750 करोड़ रुपए की मदद देने के लिए एतिहाद ने शर्त रखी 
  • कहा- जेट के प्रमोटर नरेश गोयल की हिस्सेदारी 22% तक सीमित हो
  • अभी गोयल और उनके परिवार की जेट एयरवेज में 51% हिस्सेदारी

मुंबई. संकटग्रस्त जेट एयरवेज और इसमें 24% हिस्सेदारी रखने वाली एतिहाद एयरवेज के बीच मतभेद बढ़ गए हैं। इससे जेट को एतिहाद से मिलने वाली 750 करोड़ रुपए की मदद अटक गई है। दूसरी तरफ बैंकों को भरोसा है कि अगले हफ्ते तक कुछ न कुछ हल जरूर निकल आएगा। एसबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह उम्मीद जताई।

बैंक चाहते हैं- नरेश गोयल मैनेजमेंट से हट जाएं

  1. अबुधाबी की एयरलाइन एतिहाद ने जेट को आर्थिक मदद मुहैया कराने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। इसमें जेट के संस्थापक चेयरमैन नरेश गोयल की हिस्सेदारी को 22 फीसदी तक सीमित करने की शर्त भी शामिल है। गोयल पहले इस पर सहमत हो गए थे। लेकिन 8 मार्च को एतिहाद को लिखे पत्र में उन्होंने इस शर्त को हटाने पर जोर दिया था। इसके चलते से एतिहाद के बोर्ड ने 750 करोड़ की निवेश योजना को हरी झंडी नहीं दी है।

  2. जिन भारतीय बैंकों ने जेट को कर्ज दे रखा है उनका भी कहना है कि जब तक गोयल की हिस्सेदारी 51% से नीचे नहीं लाई जाती, वो जेट को नया कर्ज नहीं देंगे। वह यह भी चाहते हैं कि गोयल एयरलाइन के मैनेजमेंट से हट जाएं।

  3. बैंक अधिकारियों का कहना है कि जेट को बचाने का दारोमदार काफी हद तक एतिहाद के निवेश पर टिका है। अगर एतिहाद निवेश नहीं करती तो जेट को लेकर कोई डील नहीं होगी।

  4. एतिहाद को 1800 करोड़ रु. की पूंजी लगानी है, हिस्सेदारी बढ़कर 24.9% होगी

    बैंकों के समूह को पेश किए प्लान के मुताबिक एतिहाद जेट में 1,800 करोड़ रुपए निवेश करेगी। इससे उसकी हिस्सेदारी बढ़कर 24.9% हो जाएगी। कंपनी के प्रमोटर नरेश गोयल को 750 करोड़ रुपए लगाने हैं। 3,800 करोड़ रुपए अन्य निवेशक लगाएंगे। अभी गोयल और उनके परिवार की जेट एयरवेज में 51% हिस्सेदारी है।

  5. जेट को लीज पर विमान देने वाली 2 कंपनियां विमान वापस लेना चाहती हैं

    लीज पर विमान देने वाली कंपनियां जेट एयरवेज पर बकाया बढ़ने से परेशान हो गई हैं। इसलिए उन्होंने लीज एग्रीमेंट खत्म की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वे अपने विमान वापस लेने की तैयारी कर रही हैं। दो लीजिंग कंपनियों ने 5 विमान डि-रजिस्टर करने के लिए एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए के पास अर्जी दी है। लीज एग्रीमेंट खत्म कराने डीजीसीए के पास आवेदन करना पड़ता है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

  6. जेट के पास कुल 119 विमान हैं, 53 अब तक खड़े किए जा चुके

    जेट एयरवेज अपने विमानों का लीज रेंट नहीं चुका पा रही है। इसके चलते उसके 119 में से 53 विमान खड़े हो चुके हैं। कुछ दिनों पहले गोयल ने निवेशकों को पत्र में लिखा था यदि रकम मुहैया कराने में देर हुई तो एयरलाइन के सारे विमान खड़े हो सकते हैं। इससे जेट एयरवेज के भविष्य पर सवालिया निशान लग सकता है। जेट को विमान लीज पर देने वाली कंपनियों में कई दुनिया की बड़ी कंपनियां हैं। इनमें जीई कैपिटल एविएशन सर्विसेज (जीईसीएएस), एरकैप होल्डिंग्स और बीओसी एविएशन शामिल हैं।

  7. सैलरी में देरी से पायलट परेशान, सरकार को चिट्ठी लिखी

    पिछले साल जुलाई से जेट एयरवेज अपने पायलटों, सप्लायरों और लीज कंपनियों को भुगतान नहीं कर पा रही है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक जेट के पायलटों ने श्रम मंत्रालय को पत्र लिखकर सैलरी में देरी का मुद्दा उठाया है।

  8. जेट एयरवेज कर्ज बढ़कर 8,052 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। मार्च अंत तक उसे 1,700 करोड़ रुपए की किस्त चुकानी है। इस हफ्ते की शुरुआत में उसने एक विदेशी कर्ज के भुगतान में चूक की है। घरेलू कर्ज की अदायगी में उसने अब तक कोई डिफॉल्ट नहीं किया है। दिसंबर में इसने भुगतान में देरी की थी, लेकिन उसके बाद भुगतान कर रही है।

COMMENT
Astrology
Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन