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कोरोना पर देश के 4 बड़े डॉक्टरों की चर्चा:मेदांता के चेयरमैन डॉ. त्रेहान ने कहा- सील की तरह पहनें डबल मास्क, ताकि फेफड़ों में ना पहुंचे इंफेक्शन

नई दिल्ली14 दिन पहले
कोरोना के बढ़ते मामलों पर 4 बड़े डॉक्टरों ने अपनी राय दी। उन्होंने बताया कि किस तरह हालात से निपटा जा सकता है।

देश में बढ़ते कोरोना केस के बीच देश के 4 बड़े डॉक्टरों ने इससे बचने के उपाय बताए। इनमें दिल्ली एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया, मेदांता अस्पताल के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहान, एम्स के मेडिसिन विभाग के HoD डॉ. नवीत विग और हेल्थ सर्विस के महानिदेशक डॉ. सुनील कुमार शामिल हैं। उन्होंने लोगों में बने डर के माहौल, अफरातफरी और दवाओं की कमी पर भी बात की। साथ ही कहा कि ज्यादातर मरीज घर पर रहकर ही ठीक हो सकते हैं, इसलिए पैनिक करने की जरूरत नहीं है। जानिए क्या है इस मामले में इन डॉक्टरों की राय...

डॉ. रणदीप गुलेरिया : बातचीत की शुरुआत एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने की। एंटी वायरल ड्रग रेमडेसिविर की बढ़ी डिमांड पर उन्होंने कहा कि रेमडेसिविर कोई जादू की गोली नहीं है। यह सिर्फ उन्हीं मरीजों को दी जाती है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। जिन्हें गंभीर बीमारी होती है और जिनका ऑक्सीजन लेवल 93 से नीचे होता है। इसलिए ऑक्सीजन और रेमडेसिविर का दुरुपयोग न करें। अधिकतर मरीज घर पर आइसोलेट होकर ठीक हो सकते हैं। ज्यादातर मरीजों को तो ऑक्सीजन की भी जरूरत नहीं पड़ती।

डॉ. नरेश त्रेहान : मेदांता के चेयरमैन डॉ. त्रेहान ने कहा कि यदि आप भीड़ में जा रहे हैं तो डबल मास्क जरूर पहनें। इस तरह पहनें, जिससे एक सील बन जाए, ताकि फेफड़ों में इंफेक्शन न जाए। बड़ी शादियों और भीड़ में जाने से बचें। RT-PCR टेस्ट कराने से पता चल जाएगा कि आप पॉजिटिव हैं या नहीं। पॉजिटिव आते हैं तो लोकल डॉक्टर से बात करें। सभी डॉक्टरों को कोविड प्रोटोकॉल पता है। 90% लोग घर पर ही ठीक हो जाएंगे। योग और अनुलोम-विलोम करना फेफड़ों के लिए अच्छा होता है। इसलिए इन्हें करते रहें।

अगर घर पर रहकर आप डॉक्टर की निगरानी में हैं तो यह ज्यादा अच्छा है। इसके बावजूद ऑक्सीजन लेवल गिर रहा है तो हॉस्पिटल जाना चाहिए। बाकी टाइम आपको सावधानी रखनी है। देश भर में ऑक्सीजन की कमी पर उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी इसलिए हुई है, क्योंकि डिमांड बहुत बढ़ गई है। हमारे स्टील प्लांट्स के पास बहुत ऑक्सीजन है, लेकिन उसे ट्रांसपोर्ट करने की सुविधा नहीं है। अब इसकी तैयारी कर ली गई है। एक-दो दिन में हालात सामान्य हो जाएंगे।

डॉ. सुनील कुमार : 2020 में नई बीमारी सामने आई थी, तब हमारी कोई तैयारी नहीं थी। तब हमारे पास एक लैब थी। अब 2 हजार से ज्यादा हैं। अब बेड की संख्या काफी बढ़ गई है। टॉप डॉक्टर भारत सरकार को सलाह दे रहे हैं। इसके बावजूद लोग गाइडलाइंस का पालन करें। यही उन्हें सुरक्षित रखेगी। देश में वैक्सीन के बारे में गलत धारणाएं बनी हैं। साइड इफेक्ट की बातें हो रही हैं। इसके बारे में पॉजिटिव रहिए। सरकार ने एक सॉफ्टवेयर बनाया है, इसमें सभी समस्याएं दर्ज होती हैं। अब तक इसमें कोई गंभीर साइड इफेक्ट सामने नहीं आए हैं। वैक्सीन ही वायरस की चेन को ब्रेक करेगी।

हमें अपने बिहेवियर को पॉजिटिव रखना होगा। पैनिक करने की जरूरत नहीं है। 99% लोगों को हॉस्पिटल जाने की जरूरत नहीं पड़ती है। हॉस्पिटल जाने के दो नुकसान हैं। एक आप गैरजरूरी बेड भरेंगे। किसी सीरियस मरीज को इससे बेड नहीं मिलेगा। एक तरह का पैनिक भी क्रिएट होगा। अगर खांसी बढ़ रही है या सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो डॉक्टर से बात करें।

डॉ. नवीत विग : एम्स के मेडिसिन विभाग के HoD डॉ. नवीत विग ने कहा कि अगर हमें इस बीमारी को हराना है तो हमें हेल्थ केयर वर्कर्स को बचाना है। हेल्थ केयर वर्कर बचेंगे तो मरीज बचेंगे। ये दोनों बचेंगे तो देश की इकोनॉमी बचेगी। ये सरकार, नेताओं और आम जनता की सभी की जिम्मेदारी है। जिलों के अधिकारियों को भी अपने यहां पॉजिटिविटी रेट की निगरानी करनी चाहिए। इसे 1-5% से नीचे रखने का लक्ष्य रखना चाहिए। मुंबई में एक समय 26% पॉजिटिविटी रेट था, लेकिन पाबंदियों के बाद यह 14% पर आ गया। दिल्ली में यह 30% है। हमें सख्त प्रतिबंध लगाना चाहिए।

अपने डॉक्टर को सपोर्ट करें। उन पर भरोसा करें। अधिकारियों को भी एक्टिव होना पड़ेगा। तभी पैनिक कम होगा। वैक्सीन बेझिझक होकर लगवाएं। किसी को कुछ नहीं होगा। इसमें 1% की भी झिझक नहीं होनी चाहिए। अगर टेस्ट नहीं करा पा रहे हैं तो खुद को आइसोलेट कर लीजिए।

रिकॉर्ड 3 लाख 48 हजार मरीज पॉजिटिव आए
देश में कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक होती जा रही है। शनिवार को रिकॉर्ड 3 लाख 48 हजार 979 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई। अब तक एक दिन में मिले संक्रमितों का ये आंकड़ा सबसे ज्यादा है। यह लगातार चौथ दिन रहा, जब देश में 3 लाख से ज्यादा संक्रमितों की पहचान हुई। इस दौरान 2 लाख 15 हजार 803 लोगों ने कोरोना को मात दी।

वहीं, मौत के आंकड़ों की बात करें, तो बीते दिन देश में 2,761 लोगों ने कोरोना की वजह से दम तोड़ दिया। सबसे ज्यादा मौतें महाराष्ट्र में रिकॉर्ड की गईं, यहां 676 लोगों ने दम तोड़ दिया। दूसरी ओर दिल्ली में भी 357 लोगों की मौत हुई।

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