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राजस्थान / प्रसव के दौरान बच्चे को इतनी जोर से खींचा कि दो हिस्से हो गए, सिर कोख में ही रह गया

Dainik Bhaskar

Jan 10, 2019, 09:28 AM IST


Doctor's negligence in delivery
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Doctor's negligence in delivery

  • रामगढ़ के सरकारी अस्पताल का मामला, जोधपुर में लापरवाही सामने आई
  • परिजनों को कुछ नहीं बताया और महिला को पहले जैसलमेर रेफर कर दिया
  • पुलिस ने पूछताछ की, चिकित्साकर्मियों ने तब दिया बच्चे का धड़

जैसलमेर/रामगढ़.  जैसलमेर के रामगढ़ के सरकारी अस्पताल में चिकित्साकर्मियों ने प्रसव के दौरान बच्चे के पैर इतनी जोर से खींचे कि उसके दो हिस्से हो गए। बच्चे का धड़ तक का हिस्सा तो बाहर आ गया, लेकिन सिर अंदर ही रह गया। चिकित्साकर्मियों ने परिजनों को कुछ नहीं बताया और महिला को जैसलमेर के लिए रेफर कर दिया। जैसलमेर से जोधपुर भेज दिया गया, जहां पूरे मामले का पता चला।

 

 

आखिर हुआ क्या था? 

 

  • तीन दिन पहले दीक्षा कंवर को प्रसव पीड़ा के बाद उसके परिजन रामगढ़ अस्पताल ले गए। यहां भर्ती करने के बाद चिकित्साकर्मी ने कहा कि मरीज को जैसलमेर ले जाओ, लेकिन परिवार वालों  को यह नहीं बताया गया कि प्रसव  कराने के दौरान बच्चे का सिर अंदर रह गया है।
  • रामगढ़ अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डाॅ. निखिल शर्मा ने बताया कि प्रसूता को जब अस्पताल लाया गया था, उस दौरान वहां मौजूद चिकित्साकर्मी उसे प्रसव के लिए प्रसव कक्ष में ले गए। वहां, देखा कि नवजात के पैर बाहर नजर आ रहे थे और वो मृत अवस्था में था। यहां पूरी सुविधा नहीं होने के कारण प्रसूता काे जैसलमेर रेफर किया गया।

 

जैसलमेर के डॉक्टर ने कहा- मुझे बताया गया डिलीवरी हो गई है 

 

  • जैसलमेर के जवाहर अस्पताल में चिकित्सक डॉ. रविंद्र सांखला को रामगढ़ के अस्पताल से बताया गया कि महिला की डिलीवरी हो गई है, लेकिन आंवल (गर्भनाल या प्लेसेंटा) अंदर रह गई है। रात एक बजे डॉ. सांखला ने गर्भनाल निकालने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कुछ समझ में नहीं आया तो उन्होंने महिला की तबीयत को स्थिर किया और अगले दिन सुबह फिर से प्रयास किया, लेकिन फिर कुछ समझ नहीं आया। बाद में महिला को जोधपुर रेफर किया। जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में चिकित्सकों ने महिला के प्रसव किया तो बच्चे का सिर ही निकला।
  • जवाहर अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ और पीएमओ डॉ. उषा दुग्गड़ ने कहा कि मेरे करियर में कभी भी ऐसा नहीं हुआ। बच्चे के दो हिस्से कैसे हुए, यह जांच का विषय है। रामगढ़ पुलिस जब यहां आई तब मुझे इस घटना की जानकारी मिली। बड़ी बात तो यह है कि रामगढ़ अस्पताल में इतना कुछ होने के बावजूद महिला के परिजनों को कुछ नहीं बताया गया और जैसलमेर रेफर कर दिया गया।

 

परिजन सिर लेकर पहुंचे थाने

जोधपुर में डॉक्टर्स ने परिवार वालों को बच्चे का सिर सौंप दिया। इसके बाद वे बच्चे का सिर लेकर एफआईआर दर्ज कराने के लिए रामगढ़ पुलिस थाना पहुंच गए। पुलिस ने वहां के चिकित्साकर्मियों से पूछताछ की तो उन्होंने बच्चे का धड़ लाकर दिया। इसके बाद मामला दर्ज किया गया है। उपनिरीक्षक जालमसिंह ने बताया कि बच्चे के दोनों हिस्सों का अलग-अलग पोस्टमाॅर्टम करवाया गया।

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