म्यूचुअल फंड / डायनेमिक फंड्स से लंबी अवधि में मिल सकता है अच्छा रिटर्न



dynamic funds can get good returns in the long term investment
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dynamic funds can get good returns in the long term investment

Dainik Bhaskar

May 23, 2019, 08:54 AM IST

शेयर बाजार में शार्ट टर्म में उतार-चढ़ाव का रुझान हमेशा देखने को मिलता है। लेकिन यदि लंबी अवधि के लिहाज से निवेश करते हैं तो यही शेयर ऐसी बेस्ट एसेट क्लास बन जाते हैं जिसमें आप ऊंचा रिटर्न भी पा सकते हैं। इसी वजह से शेयरों का किसी भी किसी भी व्यक्ति के इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो में एक विशेष स्थान होता है। वर्तमान में देश के शेयर बाजार एक बार फिर भारी उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहे हैं। आज लोकसभा चुनाव के नतीजे आने हैं। इन पर सबकी नजर रहेगी। लेकिन लंबी अवधि में शेयर बाजार का प्रदर्शन बुनियादी कारकों पर निर्भर करेगा। इनमें कंपनियों की आमदनी, मार्केट वैल्युएशन, इकोनॉमिक ग्रोथ आदि शामिल है। इसके अलावा अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर, तेल की कीमतें आदि ऐसे कारक हैं जो विश्व अर्थव्यवस्था की रफ्तार को प्रभावित करेंगे। 

 

चुनाव के नतीजों को देखते हुए हर किसी के मन में यह सवाल उठ रहा है कि बाजार में भारी उतार-चढ़ाव का दौर कब तक जारी रहेगा? मौजूदा समय में निवेश की सही रणनीति क्या होनी चाहिए? क्या निवेशकों को डायनेमिक इक्विटी फंड का विकल्प चुनना चाहिए? यह किसी अन्य कैटेगरी के फंड से कितने बेहतर या जोखिम भरे हैं? सभी निवेशकों को मेरी पहली सलाह यह होगी कि उन्हें शेयरों में निवेश के लिए लंबी अवधि की अप्रोच अपनानी चाहिए। बाजार के शॉर्ट टर्म में दिखने वाले उतार-चढ़ाव के बजाय अपने निवेश के पोर्टफोलियो में एसेट एलोकेशन पर नजर रखनी चाहिए। मेरी दूसरी सलाह यह है कि लंबी अवधि में शेयरों में रिटर्न मार्केट वैल्युएशन और कंपनियों की आय कितनी है इसके आधार पर मिलता है। शॉर्ट टर्म का बाजार का उतार-चढ़ाव लंबी अवधि के निवेश को प्रभावित नहीं करता है। 

 

मौजूदा परिदृश्य में निवेशक चाहें तो डायनेमिक फंड्स में निवेश पर विचार कर सकते हैं। जैसा नाम से ही स्पष्ट है यह फंड बाजार के उतार-चढ़ाव का फायदा उठाने के लिए डिजाइन किए गए हैं। यह आपके निवेश को बढ़ाने में मदद करते हैं। ये फंड बाजार में मिलने वाले कमाई के मौकों पर नजर रखते हैं। यह बाजार के रुख के मुताबिक हेजिंग समेत इक्विटी, कैश और डेट में अपने एसेट एलोकेशन में तेजी से बदलाव करते हैं। यह सुविधा डायनेमिक फंड्स को अन्य सामान्य डाइवर्सिफाइड इक्विटी फंड्स की तुलना में अधिक धार देती है। जब शेयरों के दाम कम रहते हैं तो डायनेमिक फंड के मैनेजर इक्विटी में निवेश बढ़ाते हैं। जब शेयरों के दाम ज्यादा होते हंै तो ये इक्विटी से निवेश घटाकर डेट का रुख कर लेते हैं। जब बाजार ऊंचाई पर होता है ज्यादातर डायनेमिक फंड्स का डेट में ज्यादा एलोकेशन होता है। यह इन्हें अन्य डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड के मुकाबले कम जोखिम वाला बनाता है। 

 

चूंकि डायनेमिक फंड का ध्यान मार्केट वैल्युएशन पर होता है इसलिए बाजार में शॉर्ट टर्म में दिखने वाली रैली में इन्हें नुकसान भी हो सकता है। पर लंबी अवधि में भरपाई हो जाती है क्योंकि लंबी अवधि में बाजार कंपनियों की अर्निंग ग्रोथ के आधार पर चलते हैं। डायनेमिक फंड्स को शेयरों में सही मात्रा में किए निवेश का फायदा मिलता है। ऐसे लोग जो पहली बार शेयरों में निवेश करना चाहते हैं या जोखिम नहीं लेना चाहते उनके लिए डायनेमिक फंड पहली पसंद हो सकते हैं। वे इनसे निवेश यात्रा शुरू कर सकते हैं। 

 

ताहेर बादशाह, सीआईओ, इक्विटीज, इन्वेस्को म्यूचुअल फंड

 

- ये लेखक के निजी विचार हैं। इनके आधार पर निवेश से नुकसान के लिए दैनिक भास्कर जिम्मेदार नहीं होगा।

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