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लेस्बियन कपल की कमिटमेंट सेरेमनी:परिवार की मौजूदगी में धूमधाम से की सगाई, अब गोवा में करेंगी डेस्टिनेशन वेडिंग

नई दिल्ली6 महीने पहले

प्यार की कोई उम्र, धर्म, जात, रंग या जेंडर नहीं होता है। नागपुर में एक लेस्बियन कपल ने परिवार की मौजूदगी में धूमधाम से सगाई की है। दोनों ही लड़कियों के परिवार ने ना सिर्फ उनके रिश्ते को मंजूरी दी, बल्कि रिंग सेरेमनी में जमकर एंजॉय किया है। जल्द ही दोनों गोवा में शादी करेंगी।

सगाई को दिया नया नाम- 'कमिटमेंट सेरेमनी'
दोनों लड़कियों ने इस सगाई को ‘कमिटमेंट रिंग सेरेमनी’ नाम दिया है। लड़कियों के नाम सुरभि मित्रा और पारोमिता मुखर्जी है। सुरभि पेशे से डॉक्टर हैं। वे नागपुर की रहने वाली थीं, इसलिए दोनों ने यहीं रिंग सेरेमनी करने का निर्णय लिया। इसे कमिटमेंट सेरेमनी का नाम दिया गया।

शादी की खबर से दोनों के परिवार बेहद खुश हैं।
शादी की खबर से दोनों के परिवार बेहद खुश हैं।

सगाई की तरह ही शादी को दिया 'सिविल यूनियन' का नाम
रिंग सेरेमनी के बाद अब सुरभि और पारोमिता गोवा में डेस्टिनेशन वेडिंग करेंगी। रिंग सेरेमनी की तरह ही दोनों ने अपनी वेडिंग को सिविल यूनियन का नाम दिया है। दोनों अपनी शादी को लेकर बहुत उत्साहित हैं और शादी की तैयारियों में जुटी हैं।

नागपुर के एक होटल में दोनों ने एक दूसरे को रिंग पहनाई है।
नागपुर के एक होटल में दोनों ने एक दूसरे को रिंग पहनाई है।

पिता को बताया था लेस्बियन होने की बात
पारोमिता मुखर्जी ने बताया कि उनके पिता को 2013 में पता चला कि वह लेस्बियन हैं। पिता उनके साथ सामान्य व्यवहार करते थे। वह पिता से सहज थीं, इसलिए उन्हें यह बता दिया था। मां को उन्होंने कुछ दिन पहले ही अपने सेक्सुअल ओरिएंटेशन के बारे में बताया। जब मां को यह पता चला तो वह पहले नाराज हो गईं, लेकिन पारोमिता ने उन्हें समझाया तो वह मान गईं। उन्होंने सुरभि के साथ उनके कमिटमेंट को भी स्वीकार कर लिया है।

सुरभि के परिवार ने शुरू से दिया उनका साथ
नागपुर की रहने वाली डॉ. सुरभि मित्रा ने बताया कि उनके माता-पिता को उन्होंने शुरू में ही अपने लेस्बियन होने के बारे में बता दिया था। उनके परिवार की ओर से कभी भी उनके सेक्सुअल ओरिएंटेशन का विरोध नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि जब उनके माता-पिता को पता चला तो वह खुश हुए कि उनकी बेटी ने कुछ छिपाया नहीं। सुरभि ने कहा कि मैं एक मनोचिकित्सक हूं और कई लोग मुझसे दोहरी जिंदगी जीने की बात करते हैं, क्योंकि वे अपने लिए स्टैंड नहीं ले सकते, लेकिन मैं स्टैंड ले सकती हूं, इसलिए खुलकर अपने रिश्ते को स्वीकार किया है। वह चाहती हैं कि दूसरे भी इससे प्रेरणा लें और दोहरी जिंदगी न जिएं।

दोनों का परिवार खुले दिल से इस शादी को अपना रहा है।
दोनों का परिवार खुले दिल से इस शादी को अपना रहा है।

पिछले महीने तेलंगाना में भी दो पुरुषों ने की थी शादी
बता दें कि अभी हाल ही में दिसंबर माह में तेलंगाना से खबर सामने आई थी जिसमें दो पुरुषों ने अन्य शादियों की तरह एक दूसरे का हाथ थामा। समलैंगिक सुप्रियो चक्रवर्ती और अभय डांग एक दूसरे को सालों तक डेट करने के बाद शादी के बंधन में बंध गए।