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आज का इतिहास:हाईजैक किए विमान का बीच रास्ते में ही खत्म हुआ फ्यूल, समुद्र में गिरने से मारे गए थे 100 यात्री

7 दिन पहले
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इथियोपियन एयरलाइंस के लिए आज भी 23 नवंबर का दिन किसी भयावह सपने से कम नहीं है। आज ही के दिन 25 साल पहले इथियोपियन एयरलाइंस के विमान बोइंग 767 ने अदीस अबाबा से नैरोबी के लिए उड़ान भरी थी। विमान में 175 लोग सवार थे। इनमें से कोई नहीं जानता था कि दो घंटे बाद क्या होने वाला है। उड़ान भरे अभी कुछ वक्त ही हुआ था कि तीन हाईजैकर्स ने विमान हाईजैक कर लिया। हाइजैकर विमान को ऑस्ट्रेलिया ले जाना चाहते थे। वे सभी ऑस्ट्रेलिया में राजनीतिक शरण की मांग कर रहे थे। इसी बीच विमान का फ्यूल खत्म हो गया।

हादसे को एक टूरिस्ट ने अपने कैमरे में कैद कर लिया था।
हादसे को एक टूरिस्ट ने अपने कैमरे में कैद कर लिया था।

खतरे को समझते हुए कैप्टन लुल आबेट ने हाइजैकर से मोजाम्बिक के पहले कोमोरो द्वीप की राजधानी में मोरोनी के हवाई अड्डे पर विमान उतारने की मिन्नतें भी कीं, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। पैसेंजर्स को भी फ्यूल खत्म होने और एक इंजन के बंद होने की जानकारी दे दी गई। सभी लोग यह समझ गए थे कि अब उन्हें कोई नहीं बचा सकता। पायलट ने क्रैश लैंडिंग की और विमान कोमोरो द्वीप समूह से करीब 500 मीटर की दूरी पर समुद्र में जा गिरा। थोड़ी ही देर में द्वीप पर पहले से मौजूद टूरिस्ट और रहवासी घटनास्थल पर पहुंच गए। हादसे में 100 लोगों की जान जा चुकी थी। 50 से ज्यादा लोगों को विमान से सुरक्षित निकाल लिया गया। बचने वालों में दो हाइजैकर भी थे। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यह एयरलाइंस हाईजैक की घटना दुनिया की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है।

1926: सत्यासाईं बाबा का जन्म हुआ

आज हम एक बाबा की कहानी बताते हैं। ऐसे बाबा जिनका जीवन हमेशा रहस्यों से घिरा रहा। उन्होंने 14 साल की उम्र में खुद को शिरडी वाले साईंबाबा का अवतार बताया। 23 नवंबर 1926 को आन्ध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के पुट्टपर्थी गांव में सत्यनारायण राजू का जन्म होता है। बचपन में उन्हें एक बार बिच्छू ने काट लिया। इसके बाद वह कोमा में चले गए। जब उन्हें होश आया तो उनका व्यवहार पूरा बदल गया था। उन्होंने खाना पीना छोड़कर श्लोक और मंत्र के उच्चारण शुरू कर दिए। ऐसे ही एक बार उन्हें क्लास के मास्टर ने बिना किसी वजह से बेंच पर खड़ा कर दिया था। वह टीचर की बात मानकर चुपचाप घंटों खड़े रहे, लेकिन जब क्लास खत्म हुई तो उनके टीचर कुर्सी से उठ ही नहीं पाए। इस बात को भी लोग चमत्कार की तरह लेने लगे। यही बच्चा आगे जाकर सत्यसाईं बाबा के नाम से पहचाने जाने लगा।

सत्य साईं बाबा।
सत्य साईं बाबा।

इनके भक्त इन्हें चमत्कारिक पुरुष मानते थे। वहीं कुछ का दावा था, कि यह सब चमत्कार न होकर उनके हाथों की सफाई थी। वो चाहे भभूती बरसाना, हाथ में सोने की चेन या अंगूठी का अचानक से आ जाना। शिवरात्रि पर सोने का शिवलिंग अपने मुंह से निकालना हो। इन्हीं चमत्कार से लोग उन्हें भगवान का दर्जा भी देने लगे थे। सत्यसाईं के बचपन से जुड़ी एक और कहानी बताई जाती है कि जब उनका जन्म हुआ था तो घर में वाद्ययंत्र अचानक से बजने लगे थे। 24 अप्रैल 2011 को उनका निधन एक लंबी बीमारी के बाद हो गया था।

23 नवंबर के दिन को इतिहास में और किन-किन महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से याद किया जाता है...

2011: लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों के चलते यमन के राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह को 33 साल के शासन के बाद इस्तीफा देना पड़ा।

2009: फिलीपींस में 32 मीडियाकर्मियों की हत्या कर दी गई थी।

2002: दंगों की वजह से नाइजीरिया से छिनी मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता।

1983: भारत में पहले राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया था। यह सम्मेलन राजधानी दिल्ली में आयोजित किया गया।

1980: इटली में भूकंप से 2600 लोगों की मौत।

1946: बंदरगाह शहर हेईफेंग पर फ्रांस का नौसैनिक हमला। वियतनाम के 6000 नागरिकों की मौत।

1937: वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बोस का निधन हुआ।

1930: प्रसिद्ध पार्श्वगायिका गीता दत्त का जन्म हुआ था।