आर्थर रोड जेल / प्रत्यर्पण के बाद ऑर्थर रोड जेल में रह सकते हैं नीरव और माल्या, बैरक में होटल जैसी सुविधाएं



everything you need to know about Arthur road jail
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  • मुम्बई की ऑर्थर रोड जेल भारत के सबसे हाई प्रोफाइल और खूंखार अपराधियों के लिए मशहूर है
  • इसके बैरक नंबर-12 में पर्सनल लेटबाथ से लेकर जिम तक की फेसिलिटी है
  • इस बैरक का हाल ही में नवीनीकरण किया गया है, इसमें एक जैसे दो ब्लॉक बनाए गए हैं

Dainik Bhaskar

Jun 20, 2019, 12:47 PM IST

डेटा इंटेलीजेंस डेस्क. बड़ी-बड़ी खिड़कियां। साफ-सुथरा पर्सनल लेटबाथ, शॉवर और चौबीसों घंटे पानी की सुविधा। बिना जालों की चमकती दीवारें। पंखे, लाइट और आरामदायक बेड। यह सुविधाएं किसी होटल की नहीं बल्कि ऑर्थर रोड जेल के बैरक नंबर-12 की हैं। सरकार की कोशिशें कामयाब रहीं तो भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को ब्रिटेन से प्रत्यर्पित करके यहीं रखा जाएगा। साथ ही, भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को भी प्रत्यर्पण के बाद यहीं साथ में रखने की तैयारी है।

 

आधिकारिक सूचना नहीं

हालांकि इस मामले में आर्थर रोड जेल के अधिक्षक हर्षद अहिराव ने खुलकर कुछ नहीं कहा। उनका कहना है कि माल्या, मोदी को यहां रखने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। जानिए आखिर क्यों दूसरी जेलों से अलग है ऑर्थर रोड जेल की बैरक नंबर-12, जिसमें मिलने वाली सुविधाएं आपको हैरान कर सकती हैं। 

 

ऐसी है मुंबई की आर्थर रोड जेल

  • आर्थर रोड जेल का निमार्ण सन् 1926 में किया गया था। यह शहर की सबसे पुरानी और बड़े जेल है। 1994 में इसे अपग्रेड कर केंद्रीय जेल बनाया गया। हालांकि आज भी इसे आर्थर रोड जेल के नाम से ही जाना जाता है।
आर्थर रोड जेल मुंबई की सबसे पुरानी जेल में से एक है।
  • यह करीब 2 एकड़ जमीन में फैली है। शुरुआत में इस जेल को 800 कैदियों के हिसाब से बनाया गया था। बाद में इसकी क्षमता बढ़ी।
  • इसमें भी बैरक नंबर-12 दोनों ही तरफ से बहुत सुरक्षित है और इसे स्टील स्ट्रक्चर लगाकर और अभेद बनाया गया है। 
  • ग्राउंड लेवल से बीस फीट ऊंचाई पर स्थापित इस जेल में तीन तरफ से हवा और रोशनी आती है और हर तरह से सुरक्षा व्यवस्था चौकस है। 
  • इसे जेल के महज 3 से 4 किमी के दायरे में 6 बड़े अस्पताल हैं।
बैरक नंबर-12 में हाईप्रोफाइल कैदियों को ही रखा जाता है।

 

जेल की सबसे सुरक्षित है अंडा सेल

  • छगन भुजबल जब गृहमंत्री थे, तब उन्होंने आर्थर रोड जेल में अंडा सेल बनवाया था। उसी अंडा सेल में गिरफ्तारी के बाद उन्हें भी रखा गया। 
अंडा सेल को सबसे सुरक्षित माना जाता है।
  • आर्थर रोड जेल में अंडा सेल को सबसे सुरक्षित माना जाता है। इस सेल का आकार अंडे की तरह है, इसलिए इसे अंडा सेल कहा जाता है। कसाब को इसी सेल में रखा गया था। 
  • अंडा सेल पूरी तरह से बॉम्बप्रूफ है। इसमें एक बुलेटप्रूफ सुरंग भी है जो सीधे स्पेशल कोर्ट तक जाती है। 
  • इसके अंदर 9 कमरे हैं। सभी आकार में छोटे हैं। खास बात ये है कि यहां बिजली नहीं दी जाती। कैदी को अंधेरे में ही रखा जाता है। 
  • अंडा सेल के चारों तरफ इलेक्ट्रिक फेंसिंग है। इसमें अंदर चौबीसों घंटे गार्ड तैनात रहते हैं। 
  • अंडा सेल में गैंगस्टर डीके राव, सतीश कालिया, अबू सावंत, अबू जिंदाल को भी रखा जा चुका है। 

जिम में कोई उपकरण खुले नहीं...

  • आर्थर रोड जेल का जिम सामान्य जिम से अलग है। 
  • यहां सीमेंट के बने ब्लॉक्स, डम्बल्स के तौर पर प्रयोग किए जाते थे, इस दौरान कुछ कैदियों ने सीमेंट के डम्बल्स हमले के लिए प्रयोग किए थे। इसके बाद फैसला लिया गया कि जिम में खुले उपकरण नहीं रखे जाएंगे। 
जेल में कैदियों के लिए जिम की सुविधा भी है।
  • जिम के सभी उपकरण मशीन से जुड़े हैं। 
  • जो कैदी डम्बल्स का प्रयोग नहीं कर सकते, उन्हें व्यायाम के लिए पानी की बोतलों में नमक भरकर दिया जाएगा। 
  • इन बोतलों का प्रयोग पम्प आयरन के लिए भी किया जा सकेगा। 
  • जिम में दो प्रोफेशनल ट्रेनर नियुक्ति हैं। 
  • जिम में एक साथ 20 से 25 कैदी वर्कआउट कर सकते हैं। वर्कआउट के लिए 45 मिनट का समय दिया जाता है। 

हाल ही में किया गया है नवीनीकरण

  • बैरक नंबर 12 का हाल ही में नवीनीकरण किया गया है। अभी इसमें एक जैसे दो ब्लॉक बनाए गए हैं। जल्द ही यहां दो और ब्लॉक बनाए जाना हैं। यह सेल अंडर-ट्रायल के लिए तैयार किए गए हैं। नया कॉम्पलेक्स हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया है।
  • मुख्य भवन से भी यह काफी दूरी पर है। बैरक में ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर का कंस्ट्रक्शन किया गया है। दो सेल ग्राउंड और दो फर्स्ट फ्लोर पर हैं। सेल नंबर-2 फर्स्ट फ्लोर पर है।
  • एक सेल में तीन कैदियों को रखा जाता है लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेल नंबर-2 में सिर्फ नीरव मोदी और विजय माल्या को ही रखा जाएगा। 

यूरोपियन नॉर्म्स के हिसाब से दी जाएंगी ये सुविधाएं

  • यूरोपियन नॉर्म्स के हिसाब से, मोदी को तीन वर्ग मीटर की जगह दी जाएगी। सूती दरी, तकिया, चादर और कंबल दिया जाएगा। एक निश्चित समय के लिए उसे बाहर निकलने और एक्सरसाइज के लिए टाइम दिया जाएगा। हालांकि यह एक घंटे से ज्यादा का नहीं होगा।
  • निजी सामान रखने के लिए स्टोरेज भी मुहैया करवाया जाएगा। पीने के लिए हर दिन साफ पानी मिलेगा। चौबीस घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। 
  • सीसीटीवी से हो सकेगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग इस सेल में सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉल किए गए हैं। इससे न सिर्फ चौबीस घंटे कैदियों पर नजर रखी जा सकती है बल्कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। 

हाईप्रोफाइल कैदियों को रखा जाता है यहां

  • हाईप्रोफाइल कैदियों को या तो पुणे की यरवडा जेल या फिर मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाता है। 26/11 को अंजाम देने वाले आतंकी अजमल कसाब को भी आर्थर रोड जेल में रखा गया था।
ये लोग भी रहे आर्थर रोड़ जेल में।
  • इसकी सेल बॉम्बप्रूफ और बुलेटप्रूफ थी। कसाब के बाद इस सेल में अभी 26/11 में ही केस का सामान कर रहे कथित आतंकी जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जिंदाल को रखा गया है।
  • दाऊद इब्राहिम का भाई इकबाल कासकर, मुस्तफा दोसा, यासीन भटकल, शीना बोरा हत्याकांड में मुख्य आरोपी और इंद्राणी मुखर्जी के पति पीटर मुखर्जी, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम रहे छगन भुजबल, उनका भतीजा समीर भुजबल और अभिनेता संजय दत्त भी रह चुके हैं। 
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