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किसान आंदोलन का 34वां दिन:बैठक से पहले केंद्र को किसान संगठनों का खत- हम बातचीत को राजी, पर यह हमारे एजेंडे पर ही होनी चाहिए

नई दिल्ली2 वर्ष पहले
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तीनों नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान 26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। टेंट लगाकर वहीं रह रहे हैं। मंगलवार की फोटो गाजीपुर बॉर्डर की है। - Dainik Bhaskar
तीनों नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान 26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। टेंट लगाकर वहीं रह रहे हैं। मंगलवार की फोटो गाजीपुर बॉर्डर की है।

कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 34वां दिन है। इस बीच किसानों ने केंद्र के साथ बुधवार दोपहर होने वाली बातचीत का न्योता स्वीकार तो कर लिया है, पर उन्होंने यह साफ कर दिया है कि बातचीत का एजेंडा वही होना चाहिए, जो किसानों ने तय किया है।

मंगलवार को किसान संगठनों ने केंद्र को खत लिखकर कहा कि हम 30 दिसंबर को दोपहर दो बजे बातचीत का न्योता स्वीकार करते हैं, लेकिन इस बातचीत में कृषि कानूनों को वापस लेने और MSP पर लीगल गारंटी देने के लिए कानून लाने जैसे एजेंडा पर ही बातचीत होगी।

वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) के नेता राघव चड्ढा ने कहा है कि सिंघु बॉर्डर पर किसानों के लिए फ्री वाई-फाई की सुविधा दी जाएगी। दूसरी तरफ विपक्षी दलों की ओर से किसानों को गुमराह करने के आरोपों पर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इतना मजबूत होता, तो किसानों को आंदोलन की जरूरत ही नहीं पड़ती।

अंबानी के प्रोडक्ट्स का विरोध तेज
पानीपत में समालखा के पास जीटी रोड पर स्थित रिलायंस के पेट्रोल पंप को किसानों ने सोमवार को बंद करा दिया। पोस्टर और बैनर फाड़ दिए। पुलिस ने केस दर्ज किया है। 3 पुलिसकर्मियों को पंप पर तैनात किया गया है। पंप के मैनेजर ने बताया कि यह तीसरी घटना है, जब किसानों ने पेट्रोल पंप को बंद कराया है।

उधर, पंजाब में अब तक करीब 1500 टेलीकॉम टावरों को नुकसान पहुंचाया जा चुका है। इनमें ज्यादातर रिलायंस जियो के हैं। इससे मोबाइल सेवा पर असर पड़ा है। रिलायंस जियो ने टावरों की सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस से मदद मांगी है।

सरकार से बातचीत सफल नहीं रही तो 31 दिसंबर को ट्रैक्टर मार्च
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, 'जो प्रस्ताव हमने रखे हैं, उस पर चर्चा करेंगे। कानून वापस नहीं लिए गए तो यहीं बैठे रहेंगे।' किसान 30 दिसंबर को ट्रैक्टर मार्च का ऐलान भी कर चुके हैं। लेकिन, सूत्रों का कहना है कि सरकार से बातचीत सफल नहीं रही तो 31 दिसंबर को मार्च निकाला जाएगा।'