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नजरबंदी से रिहा हुए फारूक अब्दुल्ला ने 7 महीने बाद बेटे उमर से मुलाकात की

एक वर्ष पहले
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श्रीनगर की उप जेल में उमर अब्दुल्ला से उनके पिता फारूक और परिवार के अन्य सदस्यों ने मुलाकात की। - Dainik Bhaskar
श्रीनगर की उप जेल में उमर अब्दुल्ला से उनके पिता फारूक और परिवार के अन्य सदस्यों ने मुलाकात की।
  • रिहाई के बाद उमर से मिलने की इच्छा जाहिर करने पर जम्मू कश्मीर प्रशासन ने फारूक को इसकी इजाजत दी
  • फारूक के श्रीनगर स्थित घर हरि निवास से कुछ दूरी पर स्थित उप जेल में पिता-बेटे ने करीब एक घंटे साथ बिताए

श्रीनगर. नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला नजरबंदी से रिहा होने के एक दिन बाद अपने बेटे और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मिले। पिछले सात महीने में पिता और बेटे की यह पहली मुलाकात थी। रिहाई के बाद फारूक ने उमर से मिलने की इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद जम्मू कश्मीर प्रशासन ने उन्हें श्रीनगर के उप जेल में उमर से मिलने की इजाजत दी। दोनों करीब एक घंटे तक साथ रहे। फारूक के साथ अब्दुल्ला परिवार के अन्य सदस्यों की भी उमर से मुलाकात हुई।


उमर को 4 अगस्त की रात को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने से पहले हिरासत में लिया गया था। उन्हें 5 फरवरी से पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में रखा गया है। पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती समेत कई नेता अभी भी नजरबंद हैं। 

गुलाम नबी आजाद फारूक से मिलने पहुंचे
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद फारूक से मिलने शनिवार को उनके घर पहुंचे। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह बहुत खुशी की बात है। मैं फारूक अब्दुल्ला से सात महीने बाद मिला। इतने महीनों तक उन्हें हिरासत में रखा गया था। इन्हें हिरासत में रखने का कारण अभी तक मुझे पता नहीं है। जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करना यहां के लोगों की बेईज्जती है। इसे फिर से राज्य घोषित किया जाना चाहिए। जम्मू-कश्मीर तभी तरक्की करेगा जब यहां के नजरबंद नेताओं को रिहाई मिलेगी। यहां पर समुचित प्रक्रिया के मुताबिक चुनाव कराए जाएं। 

हमारी मंशा किसी को जेल में रखने की नहीं: जी किशन रेड्‌डी
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्‌डी ने शनिवार को हैदराबाद में फारूक की रिहाई के बारे में पूछे जाने पर कहा कि हमारी मंशा किसी को जेल में रखने की नहीं है। लेकिन, जम्मू-कश्मीर में राज्य को सही ढंग से चलाने के लिए कुछ लोगों को अंदर रखना पड़ा। सभी नजरबंद लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को भी मूलभूत सुविधाएं और विकास का अधिकार है। उन्हें समान अधिकार देने के लिए केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला किया। अब राज्य शांति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। 

रिहाई के बाद कहा था- मेरी आजादी अभी अधूरी
शुक्रवार को रिहाई के बाद फारूक ने कहा था कि मेरी आजादी तब तक अधूरी है, जब तक उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती व अन्य नेताओं की रिहाई नहीं हो जाती। उम्मीद है भारत सरकार अब उन सभी को रिहा करेगी, जिन्हें राजनीतिक हिरासत में लिया गया था। मैं उन सभी का शुक्रिया करता हूं, जिन्होंने मेरी रिहाई के लिए दुआएं की हैं।