• Hindi News
  • National
  • FATF Blacklist Pakistan: Pakistan failed to take action against Mumbai terror attack mastermind Hafiz Saeed

टेरर फंडिंग / एफएटीएफ ने माना- पाकिस्तान आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम, ब्लैक लिस्ट होने का खतरा



एपीजी ने माना- हाफिज सईद समेत अन्य आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। (फाइल फोटो) एपीजी ने माना- हाफिज सईद समेत अन्य आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। (फाइल फोटो)
X
एपीजी ने माना- हाफिज सईद समेत अन्य आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। (फाइल फोटो)एपीजी ने माना- हाफिज सईद समेत अन्य आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। (फाइल फोटो)

  • एफएटीएफ से जुड़े एपीजी की रिपोर्ट- पाकिस्तान ने यूएनएससीआर के प्रावधानों को सही तरीके से लागू नहीं किया
  • पेरिस में 13 से 18 अक्टूबर के बीच एफएटीएफ की बैठक, पाकिस्तान पर कार्रवाई की अंतिम समीक्षा हो सकती है

Dainik Bhaskar

Oct 07, 2019, 01:54 PM IST

नई दिल्ली. टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) से पाकिस्तान को झटका लगा है। एफएटीएफ से जुड़े एशिया पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) ने माना है कि पाकिस्तान ने यूएनएससीआर 1267 के प्रावधानों को उचित तरह से लागू नहीं किया। वह मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद समेत दूसरे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहा है। ऐसे में अगले हफ्ते पेरिस में होने वाली बैठक में उसे ग्रे लिस्ट से हटाकर ब्लैक लिस्ट में रखा जा सकता है।

 

एपीजी ने शनिवार को जारी 228 पेज की रिपोर्ट में कहा कि पाकिस्तान 40 में से 32 पैरामीटर पर नाकाम रहा। पाकिस्तान को आईएसआई, अलकायदा, जमात-उद-दावा, जैश-ए-मोहम्मद सहित अन्य आतंकी संगठनों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग के मामले की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

 

13-18 अक्टूबर के बीच समीक्षा हो सकती है
एपीजी की रिपोर्ट से पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से निकालकर ब्लैक लिस्ट में डालने का खतरा बढ़ गया है। पाकिस्तान को इससे पहले जून 2018 में ग्रे लिस्ट में डाला गया था और उसे 27 सूत्रीय योजना को क्रियान्वित करने के लिए 15 महीने की डेडलाइन दी गई थी। यह सीमा सितंबर में समाप्त हो चुकी है। इस संबंध में एफएटीएफ पेरिस में 13 से 18 अक्टूबर के बीच होने वाली बैठक में अंतिम समीक्षा कर सकती है।

 

ब्लैक लिस्ट होने के बाद कर्ज लेने में पाक को परेशानी
ब्लैक लिस्ट होने के चलते अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष, विश्व बैंक और यूरोपीय संघ पाकिस्तान की वित्तीय साख को और नीचे रख गिरा सकते हैं। ऐसे में वित्तीय संकट में जूझ रहे पाकिस्तान की स्थिति और खराब हो सकती है। एफएटीएफ ने पाक को लगातार ग्रे लिस्ट में रखा है। इस कैटेगरी के देश को कर्ज देने में बड़ा जोखिम समझा जाता है। इसके कारण अंतरराष्ट्रीय कर्जदाताओं ने पाक को आर्थिक मदद और कर्ज देने में कटौती की है। इससे पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हुई।

 

DBApp

 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना