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जीएसटी / कंपोजीशन वाले कारोबारी भी ग्राहकों से टैक्स वसूल रहे, सरकार लोगों को जागरुक करेगी



fin min considers steps to prevent composition dealers from charging gst from buyers
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fin min considers steps to prevent composition dealers from charging gst from buyers

  • कंपोजीशन का विकल्प लेने वाले व्यापारी नियमों के तहत टैक्स नहीं ले सकते
  • उन्हें बिल पर लिखना होगा कि वे कंपोजीशन स्कीम का फायदा ले रहे
  • जीएसटी में कुल करीब 1.17 करोड़ कंपनियां रजिस्टर्ड, इनमें 20 लाख कंपोजीशन का फायदा ले रहे

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 07:52 AM IST

नई दिल्ली. जीएसटी के तहत जिन कारोबारियों ने कंपोजीशन का विकल्प अपनाया है, वे ग्राहकों से टैक्स नहीं वसूल सकते। इसके बावजूद बहुत से कारोबारी ग्राहकों से जीएसटी ले रहे हैं। लेकिन, सरकार के पास जमा नहीं करवाते। इसे रोकने के लिए वित्त मंत्रालय सख्ती बरतने जा रहा है। 

 

मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि कंपोजीशन स्कीम में रजिस्टर्ड डीलर्स और सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए बिल पर यह बताना जरूरी होगा कि वे कंपोजीशन कैटेगरी में हैं। इससे वे खरीदार से टैक्स नहीं ले सकेंगे। वित्त मंत्रालय इस बारे में ग्राहकों को शिक्षित करने के लिए भी अभियान चलाएगा। 

 

ग्राहकों को बताया जाएगा कि जो कारोबारी कंपोजीशन स्कीम के तहत हैं वे जीएसटी नहीं ले सकते। जीएसटी में कुल करीब 1.17 करोड़ कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। इनमें 20 लाख ने कंपोजीशन का विकल्प चुना है।

राज्यों के जीएसटी राजस्व में गिरावट पर कमेटी विचार करेगी

  1. बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को राजस्व पर जीएसटी समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। सात सदस्यों वाली समिति जीएसटी के बाद राज्यों के राजस्व में गिरावट पर विचार करेगी और इसे बढ़ाने के सुझाव देगी।

  2. पंजाब, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, गुजरात और राजस्थान समेत ज्यादातर राज्यों ने टैक्स में गिरावट की शिकायत की है। बीते साल अप्रैल से नवंबर के दौरान इनका टैक्स कलेक्शन 14 से 37 फीसदी तक घटा है।

  3. जीएसटी लागू होने के बाद सिर्फ आंध्र प्रदेश और उत्तर पूर्व के 5 राज्यों मिजोरम, अरुणाचल, मणिपुर, सिक्किम और नगालैंड में जीएसटी कलेक्शन बढ़ा है। अप्रैल-नवंबर 2018 के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों को भरपाई के तौर पर 48,202 करोड़ रुपए दिए, 2017-18 में 48,178 करोड़ दिए थे।

  4. अप्रैल से कंपोजीशन की सीमा बढ़कर 1.5 करोड़ रु. होगी

    अभी सालाना एक करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले कारोबारी कंपोजीशन में जा सकते हैं। जीएसटी काउंसिल ने पिछली मीटिंग में इस सीमा को बढ़ाकर 1.5 करोड़ करने का फैसला किया। यह 1 अप्रैल 2019 से लागू होगा।

  5. नई व्यवस्था के तहत 50 लाख रुपए तक टर्नओवर वाले सर्विस प्रोवाइडर भी कंपोजीशन का विकल्प चुन सकेंगे। अब तक सर्विसेज में सिर्फ रेस्तरां कारोबारी ही कंपोजीशन में जा सकते थे। उन्हें 5% टैक्स देना पड़ता है।

  6. कंपोजीशन कारोबारियों को पूरे टर्नओवर पर 1% टैक्स देना पड़ता है। इनके लिए हर तिमाही रिटर्न भरने का प्रावधान है। अगले वित्त वर्ष से यह सालाना हो जाएगा। हालांकि टैक्स उन्हें हर तिमाही ही भरना पड़ेगा।

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