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नवनीत राणा और उनके पति पर FIR:देर रात लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाने का लगा आरोप, 36 दिन बाद लौटी हैं महाराष्ट्र

अमरावती8 महीने पहले
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महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा का विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बीजेपी सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा के खिलाफ फिर केस दर्ज हुआ है। सांसद के खिलाफ अमरावती में सड़क जाम करने को लेकर FIR दर्ज हुई है। जेल से छूटने के बाद नवनीत पहली बार अमरावती पहुंची। उनपर आरोप है कि उन्होंने सड़क पर मंच बनाकर देर रात लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाया, जिसके चलते वहां सड़क जाम हो गया।

अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा 36 दिन बाद आज महाराष्ट्र लौटे हैं। अमरावती आने से पहले उन्होंने नागपुर के हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ किया।

चार थानाओं में दर्ज हुई केस
अमरावती पुलिस के मुताबिक मामले में सांसद नवनीत राणा, उनके पति रवि राणा के अलावा 14 समर्थकों के खिलाफ सड़क जाम करने, बिना अनुमति रैली निकालने और पुलिस आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में चार अलग-अलग थानों IPC की धारा 143, 341, 291 और 135 के तहत चार मामले दर्ज किए गए।

अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा। (फाइल फोटो)
अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा। (फाइल फोटो)

दिल्ली में की थी महाआरती
इससे पहले पिछले शनिवार को राणा दंपत्ति ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में महाआरती की थी। राणा दंपति को इसका बखूबी अहसास था कि दिल्ली में महाराष्ट्र जैसा जोखिम नहीं है। वरना मुंबई में उद्धव ठाकरे को ललकारने के बाद तो उन्हें जेल जाना पड़ा था। जेल से छूटने के बाद नवनीत राणा अपने पति के साथ सीधे दिल्ली ही पहुंचीं और तब से दोनों यहीं डटे हुए हैं। वहीं आज फिर दोनों आमरावती के लिए रवाना हो रहे हैं।

महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा पढ़ने को लेकर काफी दिनों से चर्चा में निर्दलीय सांसद नवनीत राणा। फोटो- ट्विटर
महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा पढ़ने को लेकर काफी दिनों से चर्चा में निर्दलीय सांसद नवनीत राणा। फोटो- ट्विटर

राणा की सोसाइटी के सभी लोगों को जारी हुआ नोटिस
सांसद नवनीत राणा मुंबई के खार इलाके में स्थित लावी नाम की जिस बिल्डिंग में रहती हैं, वहां रहने वाले सभी लोगों को बीएमसी ने नोटिस भेजा है। सभी के घरों में अवैध निर्माण की जांच के लिए यह नोटिस भेजा गया है। बिल्डिंग में रहने वाले सभी रहवासियों को मुंबई नगर निगम अधिनियम, 1888 की धारा 488 के तहत तामील किया गया, जो बीएमसी अधिकारियों को निरीक्षण, सर्वेक्षण या आवश्यक कार्य के निष्पादन के लिए परिसर में प्रवेश करने की अनुमति देता है।