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हेट स्पीच विवाद का असर:फेसबुक इंडिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर के खिलाफ रायपुर में केस दर्ज; कांग्रेस ने जकरबर्ग को चिट्ठी लिखकर जांच की सिफारिश की

रायपुरएक वर्ष पहले
अंखी दास फेसबुक इंडिया और साउथ-सेंट्रल एशिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर हैं। (फाइल फोटो)
  • फेसबुक पर भाजपा का पक्ष लेने के आरोपों से जुड़ी अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट के बाद यह विवाद शुरू हुआ था
  • राहुल गांधी ने कहा- फेक न्यूज, हेट स्पीच के जरिए लोकतंत्र से छेड़छाड़ की इजाजत नहीं दे सकते

फेसबुक इंडिया और साउथ-सेंट्रल एशिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर अंखी दास के खिलाफ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में केस दर्ज हुआ है। एफआईआर में दास के अलावा फेसबुक के 2 यूजर्स के भी नाम हैं। तीनों पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप लगे हैं। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

कांग्रेस ने फेसबुक के सीईओ जकरबर्ग को चिट्ठी लिखी
दूसरी तरफ कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मार्क जकरबर्ग को चिट्ठी लिखकर कहा है, 'फेसबुक इंडिया की लीडरशिप टीम की हाई-लेवल जांच होनी चाहिए। फेसबुक के अधिकारियों के भेदभाव का मुद्दा हम कई बार उठा चुके हैं।' वहीं राहुल गांधी ने कहा, 'हम भेदभाव, फेक न्यूज और हेट स्पीच के जरिए लोकतंत्र से छेड़छाड़ की इजाजत नहीं दे सकते।'

उधर फेसबुक की डायरेक्टर के खिलाफ दर्ज हुए मामले में रायपुर के एसपी अजय यादव ने बताया कि आवेश तिवारी जो कि पेशे से पत्रकार हैं, उनकी शिकायत पर कबीर नगर थाने में केस दर्ज किया गया है। एफआईआर में अंखी दास के अलावा छत्तीसगढ़ के मुंगेली में रहने वाले राम साहू और इंदौर के विवेक सिन्हा के नाम हैं।

लोगों को भड़काने की कोशिश जैसी 5 धाराओं के तहत केस दर्ज
तीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 295(ए), 505(1)(सी), 506, 500 और 34 के तहत केस दर्ज किया गया है। ये धाराएं धार्मिक भावनाएं आहत करने की कोशिश, लोगों को भड़काने की कोशिश, डराने-धमकाने, मानहानि और गलत इरादों के मामलों से जुड़ी हैं।

अंखी दास भी तिवारी के खिलाफ शिकायत कर चुकी हैं
शिकायत करने वाले आवेश तिवारी वही हैं, जिन पर अंखी दास ने जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। दास ने दिल्ली पुलिस से शिकायत की थी कि उन्हें ऑनलाइन पोस्ट के जरिए धमकी मिल रही है।

दूसरी ओर तिवारी ने अपनी शिकायत में कहा है, 'मैंने अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल में पब्लिश एक आर्टिकल को 16 अगस्त को अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट किया था। उसके बाद साहू और सिन्हा ने मेरी पोस्ट के जवाब के लिखा कि अंखी दास हिंदू हैं और वे धर्म के हित की बात करती हैं। साहू ने अपमानजनक और सांप्रदायिक रूप से सेंसेटिव तस्वीरें पोस्ट की थीं और मुझे धमकी भी दी थी। फेसबुक पोस्ट के बाद मुझे वॉट्सऐप पर भी धमकी भरे मैसेज और कॉल आने लगे थे। साहू और सिन्हा धर्म के नाम पर नफरत फैलाने और मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे। इस वजह से मेरी जान को खतरा था।'

वॉल स्ट्रीट जर्नल के आर्टिकल में कहा गया था फेसबुक कुछ भाजपा नेताओं पर हेट स्पीच के नियम लागू नहीं करती। फेसबुक ने सफाई दी थी कि वह बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के दुनियाभर में अपनी पॉलिसी लागू करती है।

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