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चार हस्तियों की जुबानी PM मोदी की कहानी:सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले पहले गैर कांग्रेसी, 8 साल पद पर पूरे

एक महीने पहले
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मोदी सरकार के आज 8 साल पूरे हो गए। इसी के साथ नरेंद्र मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री आज 8 साल पूरे कर लिए हैं। जवाहरलाल नेहरू (16 साल 289 दिन), इंदिरा गांधी (11 साल 59 दिन) और मनमोहन सिंह (10 साल 4 दिन) के बाद मोदी सबसे लंबे कार्यकाल वाले चौथे PM (8 साल) बन गए हैं। गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों में मोदी ने सबसे ज्यादा समय तक PM की कुर्सी संभाली। पढ़िए, रूपा पब्लिकेशन की ‘मोदी @ 20’ किताब में प्रकाशित जानी-मानी हस्तियों के वाे किस्से, जो बताते हैं कि किन गुणों ने मोदी को स्वयंसेवक से प्रधानसेवक बना दिया...

1. पीवी सिंधु: 43 साल पहले के संघर्ष ने बता दिया था- लीडर बनेंगे

बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने बताया कि रियो ओलिंपिक में रजत पदक जीतने के बाद मैं PM मोदी से मिली थी। तब उन्होंने मच्छू बांध की त्रासदी का वाकया सुनाया था। उन्होंने बताया- ‘11 अगस्त 1979 को लगातार 3 दिन बारिश होने से मच्छू बांध ओवरफ्लो हो गया था और रात करीब 3 बजे टूट गया। इससे पानी शहर में घुस गया और भीषण तबाही हुई। तब मैंने बतौर स्वयंसेवक मोर्चा संभाला और राहत कार्य किए। उस त्रासदी में हजारों जानें गईं। कई ऐतिहासिक इमारतें जमींदोज हो गईं। चारों तरफ घोर निराशा का माहौल था। उस वक्त लोगों को हिम्मत देने के लिए मैंने एक इमोशनल लेटर लिखा और घर-घर जाकर उसे बांटा। उस वक्त गुजरात सरकार की ओर से बाढ़ राहत कार्य का जिम्मा संभाल रहे IAS एचके खान ने लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए खुद युवा मोदी की तारीफ की थी। यह किस्सा बताता है-PM मोदी के कार्यकाल में ‘होगा कैसे नहीं’ की सोच कैसे मजबूत हुई। वे यूथ आइकॉन हैं।

पीवी सिंधु रियो ओलिंपिक में रजत पदक जीतने के बाद PM मोदी से मिली थीं।
पीवी सिंधु रियो ओलिंपिक में रजत पदक जीतने के बाद PM मोदी से मिली थीं।

2. मनोज लाडवा: 29 साल पहले पद न था, पर हर समस्या का हल था
इंडिया ग्लोबल फोरम के फाउंडर मनोज लाडवा बताते हैं- 1993 की बात है। तब मोदी स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण की सौवीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका पहुंचे थे। वहां उनकी मुलाकात जाने-माने ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. भरत बरई से हुई। डाॅ. भरत बताते हैं कि नरेंद्र मोदी 22 इंच के एक छोटे से सूटकेस के साथ आए थे। मुझे अच्छी तरह याद है कि उन्होंने मेरी पत्नी डॉ. पन्ना बरई से कहा था- पन्नाबेन, मैं जानता हूं कि आप वीकेंड पर ही कपड़े धोती हैं, लेकिन मेरे पास सिर्फ दो जोड़ी कपड़े हैं, क्या मैं रोज अपने कपड़े धो सकता हूं। ये बताता है कि वे कितने साधारण तरीके से रहने वाले व्यक्ति हैं।
डाॅ. भरत याद करते हैं कि तब मोदी के पास कोई सरकारी पद नहीं था। मगर देश के लिए उनका विजन सुनकर मैं बेहद आश्चर्यचकित था। उनके पास हर समस्या का हल था। और जिस वक्त वे भारत के बारे में बात कर रहे थे, तो उनकी आंखों की नमी मैं साफ देख सकता था।

3. सुधा मूर्ति: नौकरानी की बेटी खुद की कंपनी चलाने लगी
इंफोसिस फाउं. के चेयरमैन सुधा मूर्ती बताती हैं- 2000 में समाजसेवा के काम से कर्नाटक गई थी। जिनके घर रुकी थी, वे बाहर गए थे, पर नौकरानी सरला व उसकी 5 साल की बेटी थी। सरला ने बताया- खराब सड़क के कारण हादसे में पति की मौत हो गई। जब मैंने पूछा कि बेटी को क्या बनाओगी, तो वह बोली- रिसैप्शनिस्ट बन जाए। इस बात को 20 साल हो गए।
2020 में कोरोना आया तो अस्पतालों में PPE किट की बहुत जरूरत थी। इसी बीच, एक लड़की ने संपर्क किया। बताया कि वह किट बना देगी। मैंने 10 लाख देकर पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऑर्डर दे दिया। उसने जो किट बनाई, डॉक्टरों ने उसे कहीं बेहतर बताया। फिर बड़ा ऑर्डर दे दिया। कुछ हफ्तों बाद वह मिली और बताया कि वह सरला की बेटी है। सरला भी साथ थी। सरला ने कहा- अम्मा, खुद का कैटरिंग का बिजनेस है। अगर आज जैसी सड़कें तब होतीं, तो पति बच जाते। ये इस बात का सबूत है कि मोदी के कार्यकाल में हाशिए पर बैठे व्यक्ति तक विकास पहुंच रहा है।

4. सद्गुरु जग्गी वासुदेव: नदियों के पुनरुद्धार पर 24 घंटे में एक्शन लिया
आध्यात्मिक गुरु जग्गी वासुदेव ने बताया कि सितंबर 2017 में हमने नदियों के पुनरुद्धार के लिए 29 दिन की देशव्यापी रैली निकाली थी। करीब 16 करोड़ लोगों के समर्थन और 720 पेज के दस्तावेज के साथ हम दिल्ली पहुंचे। हमने PM मोदी को नदियों के पुनरुद्धार की नीति का ड्राफ्ट सौंपा। अगले ही दिन PMO से कॉल आ गया और दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी मांगी गई, ताकि इसे संबंधित विशेषज्ञों को भेजकर रायशुमारी हो सके।
नवंबर 2017 में केंद्र ने नीति आयोग के अंतर्गत एक समूह गठित कर दिया। 6 महीने में इस समूह ने एक प्रोग्राम तैयार करके विभाग को भेज दिया। सभी राज्यों को भेजे पत्र में नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत ने बताया कि नदियों के पुनरुद्धार के लिए बड़ा मिशन लॉन्च किया जा रहा है। 2020 में पर्यावरण मंत्री ने मुझे खुद बताया कि सरकार ने 13 बड़ी नदियां पुनर्जीवित करने का काम शुरू कर दिया है। यह बताता है कि सरकार जरूरी मुद्दों को लेकर कितनी गंभीर है।

जग्गी वासुदेव ने सितंबर 2017 में नदियों के पुनरुद्धार के लिए 720 पेज का दस्तावेज सौंपा था।
जग्गी वासुदेव ने सितंबर 2017 में नदियों के पुनरुद्धार के लिए 720 पेज का दस्तावेज सौंपा था।