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आखिरकार पूरा होने जा रहा है अण्णा हजारे का सपना, जल्द मिलेगा देश को पहला लोकपाल, अगले हफ्ते हो सकती है घोषणा

इन्हें मिल सकती है पहले लोकपाल की जिम्मेदारी, चयन समिति ने लगाई नाम पर मुहर

Mar 17, 2019, 06:05 PM IST

नेशनल डेस्क (नई दिल्ली). सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष घोष देश के पहले लोकपाल हो सकते हैं। उनका नाम रविवार को इस पद के लिए प्रस्तावित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी की चयन समिति ने उनका नाम तय किया और उसकी सिफारिश की। इस बारे में अगले हफ्ते विधिवत अधिसूचना भी जारी हो सकती है। समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य और लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस बैठक में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया।

ये बोले अण्णा हजारे...

- लोकपाल की नियुक्ति के फैसले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता और लोकपाल की लड़ाई लड़ने वाले अण्णा हजारे ने खुशी जताई। उन्होंने कहा,'मैं देश के पहले लोकपाल को नियुक्त करने के फैसले का स्वागत करता हूं। इसके लिए देशवासी पिछले 48 साल से आंदोलन कर रहे हैं, आखिरकार उनकी जीत हुई।'

ये जिम्मेदारियां निभा चुके हैं जस्टिस घोष...

- 27 मई 2017 को सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए पीसी घोष वर्तमान में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य हैं। सुप्रीम कोर्ट से पहले वे कलकत्ता हाईकोर्ट के जज और आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं।
- 1952 में पैदा हुए जस्टिस पीसी घोष पूर्व जस्टिस शंभू चंद्र घोष के बेटे हैं। 1997 में वे कलकत्ता हाईकोर्ट के जज बने थे। इसके बाद दिसंबर 2012 में वे आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने थे। 8 मार्च 2013 में वे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने और 27 मई 2017 को सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश पद से रिटायर हुए।
- इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकपाल चयन समिति की बैठक में शामिल होने से लगातार सातवीं बार इनकार कर दिया। उनका कहना था कि 'विशेष आमंत्रित सदस्य' के लोकपाल चयन समिति का हिस्सा होने या इसकी बैठक में शामिल होने का कोई प्रावधान नहीं है।
- सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में रिटायर्ड जज डीके जैन को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का पहला लोकपाल नियुक्त किया है। सीओए ने पिछले साल सुप्रीम कोर्ट में 10वीं स्टेटस रिपोर्ट में लोकपाल की मांग की थी। सीओए ने कहा था कि बीसीसीआई को एक लोकपाल और एक एथिक्स ऑफिसर की जरूरत है।

किरण बेदी ने पहले ही जता दी खुशी

- भले ही फिलहाल लोकपाल की नियुक्ति को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इससे पहले ही पुडुचेरी की राज्यपाल किरण बेदी ने इसे लेकर ट्विटर पर अपनी खुशी जाहिर कर दी है।
- किरण बेदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'लोकपाल की घोषणा के बारे में जानकार बहुत खुशी हुई, यह देश की सभी भ्रष्टाचार विरोधी प्रणालियों को मज़बूत करेगा और सभी स्तरों पर सतर्कता के काम को बढ़ावा देगा। इस उद्देश्य का नेतृत्व करने और इस पर डटे रहने के लिए मैं अन्ना हज़ारेजी का धन्यवाद करना चाहूँगी, जय हिन्द।'
- बता दें कि सामाजिक कार्यकर्ता अण्णा हजारे, अरविंद केजरीवाल और किरण बेदी ने साल 2012 में देशभर में लोकपाल की नियुक्ति को लेकर आंदोलन चलाया था, जिसके बाद सरकार ने लोकपाल लाने का वादा किया था। इसके बाद साल 2013 में लोकपाल एक्ट को पास किया गया था।
- लोकपाल तथा लोकायुक्त की नियुक्ति समेत कई अन्य मांगों को लेकर अण्णा हजारे ने 30 जनवरी से एकबार फिर अनशन शुरू किया था। वहीं सरकार से आश्वासन मिलने के बाद 5 फरवरी को अनशन खत्म कर दिया था।


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