गुलाम नबी नई पार्टी बनाएंगे:कहा- झंडा और नाम कश्मीरी तय करेंगे; कांग्रेस पर बोले- हमें बदनाम करने वालों की पहुंच ट्वीट तक

जम्मू5 महीने पहले

कांग्रेस से अलग हुए गुलाम नबी आजाद ने रविवार को जम्मू में कहा कि वे अपनी नई पार्टी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का झंडा ऐसा होगा, जिसे हर धर्म का आदमी स्वीकार करे। पार्टी का झंडा और नाम कश्मीर की अवाम तय करेगी। कांग्रेस से इस्तीफे के बाद यह आजाद की पहली रैली है।

आजाद ने कांग्रेस हाईकमान में से किसी का नाम लिए बगैर कहा कि मेरी नई पार्टी बनाने से उनमें बौखलाहट है, लेकिन मैं किसी का बुरा नहीं चाहता हूं।

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आजाद की पार्टी के 3 एजेंडे

  • जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा।
  • बाहरी आदमी जमीन न खरीदे।
  • नौकरी केवल जम्मू-कश्मीर के लोगों को मिले।

नई पार्टी पर और कांग्रेस पर क्या कहा...

नई पार्टी: अभी तक मैंने पार्टी का नाम तय नहीं किया है। झंडा और नाम कश्मीरी तय करेंगे। मेरी पार्टी को मैं हिंदुस्तानी नाम दूंगा, जिसे हर कोई समझ सके।

कांग्रेस: कांग्रेस हमने बनाई है, अपने खून-पसीने से बनाई है। कांग्रेस कम्प्यूटर और ट्विटर से नहीं बनी है। जो लोग हमें बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं, उनकी पहुंच केवल कम्प्यूटर और ट्वीट्स तक है। यही वजह है कि कांग्रेस अब जमीन पर कहीं नहीं दिखाई देती। वो लोग डिबेट में खुश रहें, उन्हें वही नसीब हो। हम बुजुर्गों, किसानों के साथ ठीक हैं। उन्हें उनकी बादशाहत मुबारक।

नई पार्टी में शामिल हो सकते हैं जम्मू के 64 कांग्रेस नेता
आजाद ने 26 अगस्त को कांग्रेस छोड़ दी थी। उनके बाद जम्मू-कश्मीर विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर समेत चार नेताओं ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। इनके अलावा जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद, पूर्व मंत्री माजिद वानी और मनोहर लाल शर्मा ने भी कांग्रेस छोड़ दी थी। कुल मिलाकर 64 नेता कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके हैं। माना जा रहा है कि ये सभी लोग आजाद की नई पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

जम्मू पहुंचने पर आजाद के रोड शो के दौरान बड़ी तादाद में लोग इकट्‌ठा हो गए थे।
जम्मू पहुंचने पर आजाद के रोड शो के दौरान बड़ी तादाद में लोग इकट्‌ठा हो गए थे।

कांग्रेस के DNA वाले बयान पर दिया जवाब
कांग्रेस के कई नेता अब खुलकर गुलाम नबी के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। हाल ही में कांग्रेस ने आजाद के DNA पर सवाल उठाया था। पार्टी के एक नेता ने कहा था कि आजाद का डीएनए बदलकर मोदी-मय हो गया है। अब आजाद ने अपने डीएनए पर उठ रहे सवाल पर कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अगर आप दूसरे राजनीतिक दलों के लोगों से मिलते हैं और उनसे बात करते हैं तो इससे आपका डीएनए बदल नहीं जाता है। पढ़ें पूरी खबर...

3 घटनाएं जो भाजपा और आजाद की नजदीकी दिखाती हैं

  • 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने संविधान से अनुच्छेद 370 और आर्टिकल 35A को खत्म कर दिया। इसके बाद महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला समेत सभी बड़े नेताओं को हिरासत में लेकर नजरबंद किया गया था, लेकिन गुलाम नबी इस वक्त भी आजाद थे।
  • फरवरी 2021 के बाद से गुलाम नबी आजाद लोकसभा और राज्यसभा किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। उनके पास कोई दूसरा अहम पद भी नहीं है। इसके बावजूद लुटियंस में उनका बंगला खाली नहीं कराया गया। अगस्त 2022 में ही उनके बंगले का एक्सटेंशन दे दिया गया।
  • 29 अगस्त को गुलाम नबी आजाद ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'मैं तो मोदी जी को क्रूर आदमी समझता था। मुझे लगता था कि उन्होंने शादी नहीं की है और उनके बच्चे नहीं हैं तो उन्हें कोई परवाह नहीं है, लेकिन कम से-कम उनमें इंसानियत तो है।'

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