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5 राज्यों में हार के बाद टूट की ओर कांग्रेस!:24 घंटे में आजाद के घर G-23 नेताओं की दूसरी मीटिंग, पत्रकारों को बुलाया; ले सकते हैं बड़ा फैसला

नई दिल्ली3 महीने पहले

5 राज्यों में करारी हार के बाद कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ G-23 नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। गुलाम नबी आजाद के घर पर G-23 नेताओं की 24 घंटे में दूसरी बैठक हो रही है। मीटिंग में आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल और भूपिंदर सिंह हुड्डा समेत की दिग्गज नेता शामिल हैं। बैठक के लिए पत्रकारों को भी बुलाया गया है। माना जा रहा है कि G-23 के नेता कोई बड़ा फैसला कर सकते हैं।

5 राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद आजाद के घर यह तीसरी बैठक हो रही है। पहली बैठक 11 मार्च को हुई थी, जबकि बुधवार को दूसरी बैठक बुलाई गई थी।

चिदंबरम की अपील- कांग्रेस न तोड़े G-23 के नेता
कांग्रेस की शर्मनाक हार के बाद लगातार पार्टी के भीतर उठ रहे विरोध के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने गांधी परिवार का समर्थन किया है। एनडीटीवी से विशेष बातचीत में चिदंबरम ने कहा कि हार के लिए सिर्फ गांधी परिवार को जिम्‍मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्‍होंने इस दौरान G-23 यानी कांग्रेस के असंतुष्‍ट नेताओं से पार्टी को विभाजित नहीं करने की अपील भी की।

चिदंबरम ने कहा कि गांधी परिवार ने हार की है जिम्मेदारी स्‍वीकार की है और कोई भी जिम्‍मेदारी से बचने की कोशिश नहीं कर रहा है।
चिदंबरम ने कहा कि गांधी परिवार ने हार की है जिम्मेदारी स्‍वीकार की है और कोई भी जिम्‍मेदारी से बचने की कोशिश नहीं कर रहा है।

AC कमरे की पॉलिटिक्स से बाहर निकले G-23 के नेता: अधीर
अधीर रंजन चौधरी G-23 नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि इन्हें पूछिए कि जब इनको मंत्री पद मिला था, तब लोकतांत्रिक तरीके से मिला था क्या? चौधरी ने आगे कहा कि सोनिया गांधी हरेक कांग्रेसी से मिलती हैं और बातों को सुनती हैं। G-23 के नेता AC कमरे की पॉलिटिक्स से बाहर निकलें।

राहुल से मिले हुड्डा, फिर आजाद के घर पहुंचे
G-23 मेंबर भूपिंदर सिंह हुड्डा गुरुवार को राहुल गांधी से मिले। नई दिल्ली के 12 तुगलक लेन पर यह मुलाकात करीब 2 घंटे तक चली। मुलाकात के बाद हुड्डा बाहर निकले, लेकिन पत्रकारों के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। इसके बाद हुड्डा गुलाम नबी आजाद के घर पहुंचे।

हुड्डा ने आज 2 घंटे तक राहुल गांधी से बंद कमरे में बातचीत की, जिसके बाद वे गुलाम नबी आजाद के घर पहुंचे।
हुड्डा ने आज 2 घंटे तक राहुल गांधी से बंद कमरे में बातचीत की, जिसके बाद वे गुलाम नबी आजाद के घर पहुंचे।

बुधवार को पांच राज्यों में करारी हार के बाद गुलाम नबी आजाद के घर पर बुधवार रात कांग्रेस के G-23 नेताओं की मीटिंग हुई थी। बैठक में शामिल होने पहुंचे पूर्व कांग्रेसी शंकर सिंह वाघेला ने कहा कि प्रियंका गांधी की वजह से कांग्रेस की यूपी में हार हुई है। वहीं बैठक के बाद नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया था।

हाईकमान ने आजाद को मिलने बुलाया
दूसरी तरफ, न्यूज एजेंसी ने खबर दी है कि गुलाम नबी आजाद पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से गुरुवार को ही उनके आवास 10 जनपथ पर मुलाकात करेंगे। उन्हें मुलाकात के लिए हाईकमान ने बुलाया है। इस दौरान वो G-23 नेताओं के प्रपोजल को उनके सामने पेश कर सकते हैं। बैठक में राहुल और प्रियंका के भी मौजूद रहने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि आजाद से मुलाकात के बाद सोनिया गांधी कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक दोबारा बुला सकती हैं।

18 असंतुष्ट नेताओं ने G-23 नेताओं की ओर से जारी पत्र में साइन किए

G-23 नेताओं की ओर से जारी इस पत्र में सिर्फ 18 नेताओं ने दस्तखत किए हैं। गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा CWC मेंबर भी हैं।
G-23 नेताओं की ओर से जारी इस पत्र में सिर्फ 18 नेताओं ने दस्तखत किए हैं। गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा CWC मेंबर भी हैं।

G-23 ग्रुप के प्रमुख सदस्य कपिल सिब्बल ने एक इंटरव्यू में कहा था कि गांधी परिवार को कांग्रेस नेतृत्व छोड़ देना चाहिए और किसी अन्य नेता को जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए। मीटिंग के बाद एक बयान में कहा गया था - भाजपा को 2024 में चुनौती देने के लिए एक मजबूत विकल्प की जरूरत है। कांग्रेस हाईकमान सामान्य विचारधारा वाले दलों से बात करे। लेटर पर गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और विवेक तन्खा समेत 18 असंतुष्ट नेताओं ने साइन किए हैं।

बुधवार को बैठक से पहले शशि थरूर ने एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि मैं अपनी गलतियों से सीखता आया हूं। इसलिए अब एक और गलती करना चाहता हूं। थरूर के इस बयान के सियासी गलियारों में मायने निकाले जा रहे हैं।
बुधवार को बैठक से पहले शशि थरूर ने एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि मैं अपनी गलतियों से सीखता आया हूं। इसलिए अब एक और गलती करना चाहता हूं। थरूर के इस बयान के सियासी गलियारों में मायने निकाले जा रहे हैं।

खड़गे बोले- सिब्बल वकील, नेता नहीं
बुधवार रात असंतुष्ट नेताओं की डिनर पार्टी के बारे में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने निशाना साधा था। उन्होंने कहा था- कपिल सिब्बल एक अच्छे वकील हो सकते हैं, लेकिन वो नेता नहीं हैं। उन्होंने आज तक कांग्रेस को एक गांव में भी मजबूत नहीं बनाया। इस तरह के डिनर ऑर्गनाइज करने से सोनिया गांधी पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।