कलंक: देश से भुखमरी दूर करने में पूरी तरह फेल हुई मोदी सरकार, 119 देशों की रैंकिंग में भारत 103वें नंबर पर, नेपाल-बांग्लादेश भी आगे

3 वर्ष पहले
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नेशनल डेस्क/नई दिल्ली: विकास के तमाम दावों के बीच सरकार की नींद उड़ा देने वाली एक रिपोर्ट सामने आई है, एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में भूख एक गंभीर समस्या है और 119 देशों के वैश्विक भूख सूचकांक में भारत 103वें पायदान पर है। भारत नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों से पीछे है, हालांकि इससे आप खुश हो सकते है कि हम पाकिस्तान से आगे है। पाकिस्तान की 106वीं रैंक है। पिछले साल भारत 'ग्लोबल हंगर इंडेक्स' में 100वें नंबर पर था। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में 68 मिलियन लोग रिफ्यूजी कैंपों में रह रहे हैं।

क्या है ग्लोबल हंगर इंडेक्स ?
ग्लोबल हंगर इंडेक्स यानी GHI की शुरुआत साल 2006 में इंटरनेशनल फ़ूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट ने की थी, वेल्ट हंगरलाइफ नाम के एक जर्मन संस्था ने 2006 में पहली बार ग्लोबल हंगर इंडेक्स जारी किया था, 2018 में उसकी रिपोर्ट 13वां एडिशन है।

कैसे तय होती है रैंकिंग
ग्लोबल हंगर इंडेक्स में दुनिया के तमाम देशों में खानपान की स्थिति का विस्तृत ब्योरा होता है, मसलन, लोगों को किस तरह का खाद्य पदार्थ मिल रहा है, उसकी गुणवत्ता और मात्रा कितनी है और उसमें कमियां क्या हैं। हर साल अक्टूबर में ये रिपोर्ट जारी की जाती है।

मोदी सरकार बनने के बाद गिरी रैंकिंग
साल 2014 में केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार बनने के बाद से ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत की रैंकिंग में लगातार गिरावट आई है, साल 2014 में भारत जहां 55वें पायदान पर था, तो वहीं 2015 में 80वें, 2016 में 97वें और पिछले साल 100वें पायदान पर आ गया। इस बार रैंकिंग 3 पायदान और गिर गई।

पड़ोसी देशों से भी खराब हमारे हालात
ग्लोबल हंगर इंडेक्स की ताजा रिपोर्ट में भारत की स्थिति नेपाल और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों से भी खराब है। इस साल GHI में बेलारूस टॉप पर है, तो वहीं भारत के पड़ोसी चीन को 25वीं, बांग्लादेश को 86वीं नेपाल को 72वीं, श्रीलंका को 67वीं और म्यांमार को 68वीं रैंक मिली है।

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