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आज का इतिहास:14 साल पहले गूगल ने रिलीज किया एंड्रॉयड; आज दुनियाभर के 72% फोन में एंड्रॉयड, 300 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर

3 महीने पहले
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5 नवंबर 2007 को गूगल ने ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉयड लॉन्च किया था। हालांकि, ये केवल बीटा वर्जन था और इसे प्रोग्रामर और डेवलपर के लिए बनाया गया था। सितंबर 2008 में एंड्रॉयड का कमर्शियल वर्जन लॉन्च किया गया, जिसने मोबाइल इस्तेमाल के तरीके को पूरी तरह बदल दिया।

दरअसल, पहले एंड्रॉयड खुद एक अलग कंपनी थी और स्मार्टफोन के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने पर काम कर रही थी। 2005 में गूगल ने एंड्रॉयड को खरीद लिया और इस तरह गूगल मोबाइल के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने पर काम करने लगा।

2007 में गूगल ने मोबाइल टेक कंपनियों के साथ मिलकर एक कंसोर्टियम बनाने की घोषणा की। इसको बनाने का उद्देश्य एंड्रॉयड को एक ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम के तौर पर प्रमोट करना था।

23 सितंबर 2008 को इसका कमर्शियल वर्जन लॉन्च किया, जिसे एंड्रॉयड 1.0 कहा जाता था। 22 अक्टूबर 2008 को HTC ड्रीम फोन लॉन्च हुआ। एंड्रॉयड वर्जन के साथ आने वाला ये दुनिया का पहला स्मार्टफोन था।

HTC का ड्रीमफोन जिसमें पहली बार एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया था।
HTC का ड्रीमफोन जिसमें पहली बार एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया था।

इसके बाद गूगल ने एंड्रॉयड 1.1 लॉन्च किया। एंड्रॉयड 1.0 और 1.1 को कोई नाम नहीं दिया गया था। 2008 में जब गूगल मे एंड्रॉयड 1.5 लॉन्च किया, तब इसे एंड्रॉयड कपकेक नाम दिया। इसके बाद के सभी वर्जन को भी इसी तरह अलग-अलग नाम दिए गए।

2012 तक गूगल का एंड्रॉयड एपल के iOS को पछाड़कर दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम बन गया। फिलहाल दुनियाभर में इस्तेमाल हो रहे 72% स्मार्टफोन में एंड्रॉयड का इस्तेमाल किया जाता है।

2013: मंगल के सफर पर निकला था भारत का मंगलयान

मंगल पर पहुंचना दुनियाभर के स्पेस साइंटिस्ट के लिए बड़ी चुनौती थी, पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों ने जो किया, वह स्पेस साइंस में पहले कभी नहीं हुआ था। भारत ने 5 नवंबर 2013 को 1350 किलो वजन वाले मार्स ऑर्बिटर मिशन (MOM) या मंगलयान को लॉन्च किया। यह एक ऐसा मिशन था, जिसने भारत की पहचान पूरी दुनिया में बदल दी। एक साल बाद 24 सितंबर 2014 को भारतीय वैज्ञानिकों ने सफलता के साथ मंगलयान को मंगल ग्रह की कक्षा में स्थापित किया। यह एक ऐसा कारनामा था, जो कोई नहीं कर सका था। पहली बार में तो बिल्कुल ही नहीं।

मंगलयान को PSLV C-25 से लॉन्च किया गया था।
मंगलयान को PSLV C-25 से लॉन्च किया गया था।

65 करोड़ किमी. का सफर तय करके मंगलयान मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंचा और इस मिशन पर खर्च इतना कम था कि पूरी दुनिया ने दांतों तले अंगुली दबा ली। दरअसल, हॉलीवुड की फिल्म ग्रैविटी बनाने में जितना खर्च हुआ, उससे काफी कम में भारत मंगल ग्रह पर पहुंच गया। सिर्फ 450 करोड़ रुपए खर्च हुए थे इस पर। यानी प्रत्येक भारतीय पर महज 4 रुपए का बोझ पड़ा। दुनियाभर में अब तक के सारे इंटर-प्लैनेट मिशन से इसरो का मंगल मिशन कहीं सस्ता है। एक अनुमान के मुताबिक, मंगलयान के सफर की कीमत 11.5 रुपए प्रति किमी. है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के 16वें मंगल मिशन में भेजे गए स्पेसक्राफ्ट मावेन के मंगल की कक्षा में पहुंचने के ठीक 48 घंटे बाद भारत का मंगलयान लाल ग्रह की कक्षा में प्रवेश कर गया।

पहले तो बताया गया कि यह मिशन छह महीने का है, यानी मंगलयान को छह महीने तक मंगल ग्रह के चक्कर लगाने थे और वहां की महत्वपूर्ण जानकारियां पृथ्वी पर भेजनी थीं। मंगल की सतह पर मौजूद मिनरल्‍स का अध्‍ययन करना था। भविष्‍य में मंगल ग्रह के लिए मानव मिशन शुरू करने की संभावना भी टटोलनी थी। मीथेन की मौजूदगी की स्टडी भी करनी थी। 2018 में इस यान ने पांच साल पूरे किए। इसके बाद अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म "मिशन मंगल" में भारत के मंगल अभियान को फिल्माया गया था।

5 नवंबर के दिन को इतिहास में और किन-किन महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से याद किया जाता है...

2012ः सीरिया में आत्मघाती बम धमाके में 50 सैनिक मारे गए।

2007ः चीन का पहला अंतरिक्ष यान चेंज-1 चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा।

2006ः इराक में पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को मौत की सजा सुनाई गई।

2001ः भारत तथा रूस ने अफगान सरकार में तालिबान की भागीदारी नामंजूर की।

1996ः पाकिस्तान के राष्ट्रपति फारूख अहमद खान ने बेनजीर भुट्टो सरकार को बर्खास्त कर पाक नेशनल असेंबली भंग की।

1995ः इजरायल के प्रधानमंत्री यित्जाक रॉबिन की गोली मारकर हत्या।

1976ः सोवियत संघ ने परमाणु परीक्षण किया।

1961ः भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने न्यूयॉर्क की यात्रा की।

1951ः नेवादा परमाणु परीक्षण केंद्र में अमेरिका ने परमाणु परीक्षण किया।

1937ः एडोल्फ हिटलर ने गुप्त बैठक बुलाकर जर्मन जनता के लिए ज्यादा जगह लेने की अपनी योजना का खुलासा किया।

1920ः इंडियन रेडक्राॅस सोसाइटी की स्थापना हुई।

1914ः इंग्लैंड एवं फ्रांस ने तुर्की के विरुद्ध युद्ध की घोषणा की।

1895: ऑटोमोबाइल के लिए जॉर्ज बी सेल्डम को अमेरिका का पहला पेटेंट मिला।

1678: जर्मनी की विशेष सेना ब्रैंडनबर्गर्स ने स्वीडन में ग्रीफ्सवाल्ड शहर पर कब्जा जमाया।

1630: स्पेन और इंग्लैंड के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर।

1556ः पानीपत के दूसरे युद्ध में मुगल शासक अकबर ने हेमू को हराया।