1984 दंगे / सरकार ने 312 विदेशी सिख नागरिकों के नाम ब्लैकलिस्ट से हटाए, भारत वापस आ सकेंगे



प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया- अब ब्लैकलिस्ट में केवल दो विदेशी नागरिकों का नाम
  • विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों द्वारा ब्लैकलिस्ट की समीक्षा करने के बाद यह निर्णय लिया गया है

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2019, 01:57 PM IST

नई दिल्ली. केंद्र ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में संलिप्तता के कारण ब्लैकलिस्ट किए गए 312 विदेशी सिख नागरिकों के नाम शुक्रवार को सूची से हटा लिए गए। बकौल गृह मंत्रालय अब इस सूची में सिर्फ 2 नाम बचे हैं। ब्लैकलिस्ट से हटाए गए सिख अब भारतीय वीजा प्राप्त करके घर वापसी कर सकेंगे। ये सभी गिरफ्तारी के डर से विदेश चले गए थे।

 

अफसरों ने यह भी बताया कि अब इस सूची में केवल दो नाम बाकी है। विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों द्वारा प्रतिबंधित सिख नागरिकों की ब्लैकलिस्ट को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया भी अब जारी नहीं रखी जाएगी। इन लोगों को 2016 तक के लिए ब्लैकलिस्ट मे डाला गया था। ब्लैकलिस्ट की अवधि खत्म होने के बाद ये सिख नागरिक सिर्फ शरणार्थियों और उनके परिजन को कॉन्सुलर और वीजा सेवा देने के तरीके के कारण भारत लौटने में असमर्थ थे।

 

सीआई के लिए आवेदन कर सकेंगे

ज्यादातर ब्लैकलिस्टेड नागरिकों को विदेश स्थित भारतीय मिशनों द्वारा ब्लैकलिस्ट में बरकरार रखा गया था। अब भारतीय मिशनों को निर्देश दिया गया है कि वह सभी श्रेणी के ऐसे शरणार्थियों और उनके परिवार के सदस्यों को वीजा जारी करे, जिनका नाम केंद्र सरकार की ब्लैकलिस्ट में शामिल नहीं है। लंबी अवधि का वीजा प्राप्त करने वाले शरणार्थी ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड प्राप्त करने के लिए भी आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए कम से कम दो वर्ष तक के लिए सामान्य वीजा प्राप्त करना जरूरी होगा। 

 

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