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वैक्सीनेशन पर असमंजस:सरकार ने कहा- 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को फ्री कोरोना वैक्सीन पर फैसला अब तक नहीं

नई दिल्ली6 महीने पहले
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सरकार 3 करोड़ हेल्थ केयर वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन का फ्री डोज दे रही है। प्राथमिक तौर पर 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने का लक्ष्य केंद्र सरकार ने रखा है। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
सरकार 3 करोड़ हेल्थ केयर वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन का फ्री डोज दे रही है। प्राथमिक तौर पर 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने का लक्ष्य केंद्र सरकार ने रखा है। (फाइल फोटो)

50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन फ्री में होगा या नहीं, इसको लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इन्हें कुछ हफ्तों बाद ही वैक्सीन लगाई जानी है। लेकिन अभी तक सरकार यह तय नहीं कर पाई है कि देशभर के हेल्थकेयर और फ्रंट लाइन वर्कर्स की तरह इन्हें भी वैक्सीन के डोज फ्री दिए जाएंगे या नहीं।

नीति आयोग के सदस्य और नेशनल टास्क फॉर कोविड-19 के चेयरपर्सन डॉ. वीके पॉल ने बुधवार को कहा कि सरकार ने अब तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया है। जल्द ही सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ मीटिंग कर इस बारे में चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब तक 65 लाख से ज्यादा हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को फ्री में वैक्सीन लगाई जा चुकी है। पहले फेज में कुल 3 करोड़ हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को फ्री में टीका लगाया जाना है।

30 करोड़ भारतीयों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने प्राथमिक तौर पर 30 करोड़ भारतीयों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है। इन्हें तीन तरह के अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है। इसमें 1 करोड़ हेल्थकेयर वर्कर्स, 2 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स और 50 साल से ज्यादा की उम्र के और जो कोरोना बीमारी से गंभीर रूप से जूझ रहे हैं, वे ऐसे 27 करोड़ लोग शामिल हैं।

कोरोना से प्रभावित होने वाले 50% लोग
सरकार ने 50 साल से ज्यादा की उम्र के लोगों को वैक्सीन के लिए क्यों चुना है, इसके बारे में भी पॉल ने बताया। उनका कहना है कि कोरोना से प्रभावित होने वाले 78% लोग 50 साल से ज्यादा की उम्र के हैं। उन्होंने कहा कि इस उम्र के लोगों में कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कोरोना जैसे वायरस से संक्रमित होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। कोरोना भी एक वायरल बीमारी है।

एक डाटा के मुताबिक, कोरोना ने सबसे ज्यादा इसी उम्र के लोगोें को प्रभावित किया है। इसलिए हमने इन लोगों को ध्यान में रखते हुए पब्लिक हेल्थ अप्रोच अपनाया और इन्हें कोरोना वॉरियर्स के साथ रखा है।

क्या बचे हुए लोगों को भी प्राथमिकता दी जाएगी?
पॉल ने कहा कि ये फैसला मूल्यांकन के बाद लिया जाएगा। अगर किसी ग्रुप के लोगों को वैक्सीन की जरूरत है तो उन्हें डोज दिया जाएगा।