देश / अलगाववादियों की सुरक्षा पर सालाना 10 करोड़ रुपए सरकारी खर्च

Govt expenditure on security of separatists annually Rs 10 crores
श्रीनगर में अलगाववादी अब्दुली गनी भट का ऑफिस। श्रीनगर में अलगाववादी अब्दुली गनी भट का ऑफिस।
श्रीनगर में अलगाववादी अब्दुली गनी भट का निवास। श्रीनगर में अलगाववादी अब्दुली गनी भट का निवास।
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Govt expenditure on security of separatists annually Rs 10 crores
श्रीनगर में अलगाववादी अब्दुली गनी भट का ऑफिस।श्रीनगर में अलगाववादी अब्दुली गनी भट का ऑफिस।
श्रीनगर में अलगाववादी अब्दुली गनी भट का निवास।श्रीनगर में अलगाववादी अब्दुली गनी भट का निवास।

  • इनके पास 200 प्रॉपर्टी, आईपैड वाले हेल्पर, घर में अखरोट की लकड़ी के महंगे फर्नीचर

Feb 16, 2019, 11:58 PM IST

नई दिल्ली. पुलवामा हमले के बाद सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी नेताओं के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए उन्हें दी गई सभी सुरक्षा और सुविधाएं वापस लिए जाने का बड़ा निर्णय लिया है। कश्मीर के उच्चाधिकारियों के मुताबिक, अलगाववादी नेता मीरवाइज फारूक, अब्दुल गनी भट, बिलाल लोन, हाशिम कुरैशी, फजल हक कुरैशी और शब्बीर शाह की सुरक्षा और वाहनों की सुविधा रविवार से वापस ले ली गई है। 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे।

 

अलगाववादी  संगठन
मीरवाइज उमर फारूक हुर्रियत कॉन्फ्रेंस
अब्दुल गनी बट हुर्रियत कॉन्फ्रेंस
हाशिम कुरैशी डीएलपी
बिलाल लोन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस
फजल हक कुरैशी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस

शब्बीर शाह

डीएफपी

 

सुरक्षा में 900 जवान तैनात

 

अलगाववादी नेताओं को राजनीतिक कार्यकर्ता माना जाता है। उनकी सुरक्षा में अब तक 900 से ज्यादा जवान तैनात रहे हैं। मीरवाइज उमर फारूक की सुरक्षा सबसे मजबूत थी। उसके सुरक्षाकर्मियों के वेतन पर बीते करीब 10 साल में पांच करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। हवाई टिकट, होटल और इलाज का खर्च भी सरकार देती है। 

 

अलगाववादियों पर 112 करोड़ रु. सालाना खर्च, 91 करोड़ अकेले केंद्र सरकार देती है

 

अलगाववादी  खर्च
सुरक्षा 66 करोड़
पीएसओ 35 करोड़
होटल 4 करोड़
डीजल/पैट्रोल 6.2
कुल 111.2 करोड़ रुपए

ब्योरा जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पेश रिपोर्ट के मुताबिक।

 

एक अलगाववादी की सुरक्षा में 20-25 सुरक्षाकर्मी

भाटिया ने कहा कि कश्मीर घाटी में एक अलगाववादी नेता पर 20 से लेकर 25 सुरक्षाकर्मी दिनरात अलर्ट रहते हैं। पाकिस्तान से जो फंड आ रहा है उसका हिसाब तो इस्लामाबाद ही दे सकता है, लेकिन इन अलगाववादियों को टैक्स पेयर्स की जेब से सुरक्षा देना समझ से परे है। ये तो आस्तीन में सांप पालने जैसा है।

 

अलगाववादी जमीन ज्यादा खरीदते हैं

पूर्व में एक आतंकी गिरोेह से ताल्लुक रखने वाले और 2016 में आत्मसमर्पण कर चुके तारिक ने बताया कि अलगाववादी जमीन ज्यादा खरीदते हैं। क्योंकि यह प्रॉपर्टी आसानी से पकड़ में नहीं आती है। ये लोग अपने रिश्तेदारों के नाम से ये प्रॉपर्टी खरीदते हैं। कई लोग इस पर होटल या घर का पक्का निर्माण नहीं करवाते। इनमें सेब और अखरोट जैसे फलों की खेती करवाते हैं ताकि प्रॉपर्टी सुरक्षित रहे। हर साल घाटी में करीब 20 प्रतिशत की दर से प्रॉपर्टी के रेट बढ़ते हैं। इस तरह ये जमीनों से मोटा मुनाफा कमाते हैं।

 

 

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जिन अलगाववादियों को सुरक्षा कवच मिला हुआ है उनमें सज्जाद लोन, बिलाल लोन और उनकी बहन शबनम, आगा हसन, अब्दुल गनी बट्‌ट और मौलाना अब्बास अंसारी प्रमुख हैं। राज्य में 25 लोगों को जेड प्लस सुरक्षा है। इसके अलावा करीब 1200 लोगों के पास अलग-अलग श्रेणी की सुरक्षा है।

 

अकूत संपत्ति स्कूल, होटल, मकान-प्लाॅट सब

यासीन मलिक 1990 के आसपास रेहड़ी चलाकर गुजारा चलाता था। आज वह श्रीनगर के सबसे महंगे बाजार लालचौक इलाके की दो तिहाई से भी ज्यादा संपत्ति का मालिक है। इसकी कीमत 150 करोड़ से ज्यादा है। यहां रेजीडेंसी होटल भी इसी का है। इसकी कीमत 20 से 40 करोड़ रुपए तक है।

 

यासीन मलिक

 

शब्बीर शाह का पहलगाम में होटल है, जिसकी कीमत तीन से पांच करोड़ के आसपास है। नेशनल इंवेस्टिगेटिव एजेंसी ने डोजियर में हर अलगाववादी नेता की प्रॉपर्टी को दर्ज किया है। इसके अनुसार हुर्रियत नेता शब्बीर शाह के पास सबसे अधिक करीब 19 प्रॉपर्टीज हैं।

 

शब्बीर शाह

 

इनमें होटल, प्लॉट, दुकानें आदि शामिल हैं। दूसरा नंबर सैयद अली शाह गिलानी का है। इसकी अधिकांश संपत्ति इसके दो बेटों के नाम है। इसमें प्लॉट, स्कूल, मकान आदि हैं। टॉप 20 अलगाववादी नेताओं के पास करीब 200 प्रॉपर्टीज (बेनामी भी) हैं।

 

जीवनस्तर घर में लकड़ी का महंगा काम : सैयद अली शाह गिलानी के घर पर आधा दर्जन से ज्यादा नौकर हैं। जब ये इलाज के लिए दिल्ली जाता है तो गाड़ियों का खर्च राज्य सरकार उठाती है। और फाइव स्टार स्तर के अस्पताल में इलाज चलता है। इलाज का खर्च ये खुद करते हैं। इसी तरह मीरवाइज की काफी लग्जरी लाइफ है।

 

सैयद अली शाह गिलानी

 

इसका स्टाफ टेक्नोलॉजी फ्रेंडली है। इसके पास आईपैड से लेकर आईफोन तक हैं। इसके स्टाफ में करीब डेढ़ दर्जन कश्मीरी युवक हैं, जो सोशल मीडिया से लेकर इसके धंधे का हिसाब रखते हैं। घर बहुत आलीशान है। घर के चारों ओर सीसीटीवी लगे हैं। घर की बाहरी बाउंड्री की ऊंचाई करीब 15 फीट है। इसके घर में जो फर्नीचर है वो अखरोट की लकड़ी से बना है जो आम लकड़ी के हिसाब से लगभग दोगुना महंगा होता है। पूरे घर में वुडन फर्श है। हर कमरे की छत पर कश्मीरी नक्काशी है। ऐसे ही आलीशान घर लगभग हर अलगाववादी नेता के हैं।

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