संशोधन / ई-कॉमर्स कंपनियों की एक्सक्लूसिव सेल पर सरकार ने रोक लगाई



Govt tighten norms for e-commerce companies for sale of products
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Govt tighten norms for e-commerce companies for sale of products

  • ये कंपनियां अपनी हिस्सेदारी वाली अन्य कंपनियों के प्रोडक्ट नहीं बेच पाएंगी
  • इस फैसले से उत्पादों की कीमतें प्रभावित होने पर रोक लगेगी
  • एफडीआई की संशोधित नीति फरवरी 2019 से लागू होगी

Dainik Bhaskar

Dec 27, 2018, 07:52 AM IST

नई दिल्ली. विदेशी निवेश वाली ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए केंद्र सरकार ने नियम कड़े कर दिए हैं। सरकार ने फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसी कंपनियों को ऐसी एक्सक्लूसिव डील ऑफर करने से रोक दिया है, जिनसे उत्पादों की कीमत प्रभावित हो। साथ ही यह कंपनियां अपनी हिस्सेदारी वाली अन्य कंपनियों के प्रोडक्ट नहीं बेच पाएंगी।

ई-कॉमर्स कंपनियों को वेंडर्स से भेदभाव न करने के निर्देश

  1. ऑनलाइन रिटेल में एफडीआई की संशोधित नीति फरवरी 2019 से लागू होगी। इसमें कहा गया है कि ई-कॉमर्स कंपनियां सभी वेंडर्स को बिना भेदभाव एक जैसी सर्विस मुहैया करवाएं।

  2. पॉलिसी में कहा गया है कि किसी भी वेंडर को एक ई-कॉमर्स कंपनी के प्लेटफॉर्म पर अपने उत्पाद का 25% से ज्यादा हिस्सा बेचने की इजाजत नहीं होगी। ई-कॉमर्स कंपनियां किसी भी विक्रेता को उसके प्रोडक्ट सिर्फ अपने प्लेटफॉर्म पर बेचने के लिए नहीं कहेंगी।

  3. खरीदारों को दिया जाने वाला कैश बैक का फायदा निष्पक्ष और भेदभाव रहित होना चाहिए। कंपनियों को इन गाइडलाइंस के पालन के संबंध में हर साल 30 सितंबर को आरबीआई में सर्टिफिकेट जमा करवाना होगा।

  4. नियमों में इस संशोधन का मकसद घरेलू कंपनियों के हितों की रक्षा करना है। ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा खरीदारों को बड़े पैमाने पर दी जा रही रियायतों को लेकर घरेलू कारोबारी शिकायत करते रहते हैं।

  5. स्नैपडील ने संशोधित नीति का स्वागत किया है, जबकि अमेजन अभी इसका अध्ययन कर रही है। कारोबारियों के संगठन सीएआईटी ने इस फैसले का स्वागत किया है।

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