जीएसटी के 2 साल / सरकार रिटर्न की नई प्रक्रिया समेत अन्य सुधारों का आज ऐलान करेगी



वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर।

  • कैश लेजर और सिंगल रिफंड सिस्टम जैसे सुधार शामिल 
  • छोटे करदाताओं के लिए सहज और सुगम रिटर्न का प्रस्ताव

Jul 01, 2019, 08:54 AM IST

नई दिल्ली. जीएसटी लागू होने के दो साल पूरे होने के मौके पर सोमवार को सरकार इस अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में कुछ और सुधार के उपायों का ऐलान करेगी। इनमें नई रिटर्न प्रणाली, कैश लेजर सिस्टम को तर्कसंगत बनाना और एकल रिफंड सिस्टम शामिल है। वित्त मंत्रालय की ओर से रविवार को बयान में यह जानकारी दी गई। इसके मुताबिक वित्त और कॉरपोरेट मामलों के राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस मौके पर विभागों के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

20 मदों को 5 प्रमुख मदों में शामिल किया जाएगा

  1. बयान के मुताबिक एक जुलाई 2019 से परीक्षण के आधार पर एक नई रिटर्न प्रणाली शुरू की जाएगी। एक अक्टूबर से इसे अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। छोटे करदाताओं के लिए सहज और सुगम रिटर्न का प्रस्ताव किया गया है। सिंगल कैश लेजर के संदर्भ में सरकार इसे तर्कसंगत बनाते हुए 20 मदों को पांच प्रमुख मदों में शामिल करेगी।

  2. टैक्स, ब्याज, जुर्माने, शुल्क और अन्य के लिए केवल एक कैश लेजर होगा। मंत्रालय ने कहा कि एक एकल रिफंड वितरण प्रणाली के जरिए सरकार सभी सीजीएसटी, एसजीएसटी, आईजीएसटी और उपकर के रिफंड को मंजूरी देगी। जीएसटी को संसद के केंद्रीय हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह में 30 जून, 2017 की मध्यरात्रि को लागू किया गया था। इसके बाद एक जुलाई, 2017 से जीएसटी व्यवस्था अमल में आई थी।

  3. उद्योग संगठनों ने टैक्स स्लैब घटाने की मांग की

    उद्योग संगठन सीआईआई और फिक्की ने जीएसटी के टैक्स स्लैब की संख्या 4 से घटाकर 2-3 करने की मांग की है। अभी इसमें 5%, 12%, 18%, 28% के चार स्लैब हैं। सीआईआई और फिक्की ने कहा है कि पेट्रोलियम पदार्थ, रिएल एस्टेट और बिजली भी जीएसटी के दायरे में आने चाहिए।

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