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ज्ञानवापी में श्रृंगार गौरी पूजा पर आज फिर सुनवाई:पिछली सुनवाई कोर्ट ने हिंदुओं के पक्ष में सुनाया फैसला; केस को सुनने योग्य बताया था

वाराणसी7 दिन पहले

वाराणसी के ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी केस में जिला कोर्ट में आज फिर सुनवाई होगी। इससे पहले सोमवार (12 सितंबर) इस मामले में सुनवाई हुई थी, जहां कोर्ट ने हिंदुओं के पक्ष में फैसला सुनाया था। पिछली सुनवाई कोर्ट ने कहा था कि ज्ञानवापी कैंपस में मौजूद मां श्रृंगार गौरी मंदिर में पूजा की अनुमति देने वाली याचिका सुनने योग्य है। दूसरी तरफ मस्जिद कमेटी ओर से इस केस में सुनवाई के लिए आठ हफ्ते का समय मांगा है। इसके लिए मुस्लिम पक्ष की ओर से कोर्ट में एक एप्लिकेशन दी गई है।

कोर्ट ने माना- यह केस 1991 के वर्शिप एक्ट के तहत नहीं आता
ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी केस में 12 सितंबर को कोर्ट ने हिंदुओं के पक्ष में फैसला सुनाया था। डिस्ट्रिक्ट जज डॉ. एके विश्वेश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह केस सुनने लायक है। जिसके बाद कोर्ट ने इस केस को न सुनने के लिए मुस्लिम पक्ष की तरफ से दर्ज आपत्तियों को खारिज कर दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि यह केस 1991 के वर्शिप एक्ट के तहत नहीं आता।

मस्जिद कमेटी की कोर्ट से अपील, केस आठ हफ्ते बाद सुना जाए
मस्जिद कमेटी के ओर से इस केस में सुनवाई के लिए आठ हफ्ते का वक्त मांगा गया है। इसके लिए मुस्लिम पक्ष के वकील रईस अहमद और एखलाक अहमद ने कोर्ट में एक एप्लिकेशन दी है। वकील के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि श्रृंगार गौरी केस को जिला जज स्तर के न्यायाधीश सुनेंगे। अगर उनके आदेश से कोई पक्ष असहमत होता है तो वह उसके खिलाफ हाई कोर्ट जा सकता है। इसके लिए उसे 8 हफ्ते का समय दिया जाना चाहिए।

वकील ने कहा कि इसलिए हमने कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुए हमें 8 हफ्ते का समय देने पर विचार करें। कोर्ट ने हमारी एप्लिकेशन पर सुनवाई के लिए 22 सितंबर की डेट फिक्स की है।

ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी से जुड़ा केस क्या है?
पांच हिंदू महिलाओं ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मौजूद हिंदू देवी-देवताओं की पूजा की अनुमति मांगी थी। इन महिलाओं ने खासतौर पर श्रृंगार गौरी की हर दिन पूजा करने की इजाजत चाही थी। कोर्ट के आदेश पर मस्जिद में सर्वे भी किया गया था। सर्वे के बाद हिंदू पक्ष ने दावा किया था कि मस्जिद के तहखाने में शिवलिंग मौजूद है, जबकि मुस्लिम पक्ष ने इसे फव्वारा बताया था। केस में अब तक क्या हुआ, 3 पॉइंट्स में समझिए...

18 अगस्त 2021 को 5 महिलाएं ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मां श्रृंगार गौरी, गणेश जी, हनुमान जी समेत परिसर में मौजूद अन्य देवताओं की रोजाना पूजा की इजाजत मांगते हुए कोर्ट पहुंची थीं। अभी यहां साल में एक बार ही पूजा होती है। इन पांच याचिकाकर्ताओं का नेतृत्व दिल्ली की राखी सिंह कर रही हैं, बाकी चार महिलाएं सीता साहू, मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी और रेखा पाठक बनारस की हैं।

26 अप्रैल 2022 को वाराणसी सिविल कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में श्रृंगार गौरी और अन्य देव विग्रहों के सत्यापन के लिए वीडियोग्राफी और सर्वे का आदेश दिया था।