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बारिश-बाढ़ के जख्म:MP के 6 जिलों में 10 हजार परिवार बेघर, राजस्थान के कोटा संभाग में 20 नदियां उफान पर; UP में 3 हजार घरों के डूबने का खतरा

2 महीने पहले

मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्य भारी बारिश और बाढ़ से बेहाल हैं। मध्य प्रदेश के 6 जिलों में 10 हजार परिवार बेघर हो गए हैं। वहीं राजस्थान में कोटा संभाग की प्रमुख 25 नदियों में से 20 उफान पर हैं। उधर उत्तर प्रदेश में भी स्थिति बिगड़ रही है। प्रयागराज में ही 3 हजार घरों के डूबने का खतरा बना हुआ है।

मध्य प्रदेश: गुना के 1000 से ज्यादा घरों में पानी भरा
गुना जिले में शुक्रवार को भारी बारिश के चलते शिवपुरी जिले में सिंध नदी और कूनो नदी फिर उफान पर आ गई। जिले के 1000 से ज्यादा घरों में पानी भर गया है। शिवपुरी जिले के कोलारस में पचावली पुल फिर से डूब गया है। शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, दतिया, ग्वालियर के डबरा-भितरवार और मुरैना में फंसे लोगों को निकाल लिया गया है लेकिन अब यहां पर बाढ़ के बाद के जख्म लोगों का दर्द बढ़ा रहे हैं। इन छह जिलों में 10 हजार परिवार बाढ़ से मकान टूटने से बेघर हो गए हैं।

विदिशा जिले के शमशाबाद में बाह नदी पर बने संजय सागर बांध के 7 गेट खोल दिए गए। यहां सोमवारा इलाके में फंसे 14 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया।
विदिशा जिले के शमशाबाद में बाह नदी पर बने संजय सागर बांध के 7 गेट खोल दिए गए। यहां सोमवारा इलाके में फंसे 14 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया।

मध्य प्रदेश में अभी बारिश से राहत मिलती नहीं दिख रही है। शनिवार-रविवार को भी रिमझिम से लेकर भारी बारिश होती रहेगी। भोपाल, ग्वालियर, चंबल और सागर बेल्ट में कहीं-कहीं तेज और कहीं-कहीं रिमझिम बारिश होगी। मौसम वैज्ञानिक पीके साहा ने बताया कि विदिशा, रायसेन, राजगढ़, गुना और अशोकनगर में भारी बारिश होगी, जबकि सीहोर, शाजापुर, आगर, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी, दतिया, श्योपुरकलां, सिवनी, सागर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में कहीं-कहीं 5 इंच तक बारिश हो सकती है।

भिंड जिले में सिंध और चंबल के बाद क्वांरी नदी में भी उफान आने से गोरमी कस्बे में नदी किनारे के आधा दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
भिंड जिले में सिंध और चंबल के बाद क्वांरी नदी में भी उफान आने से गोरमी कस्बे में नदी किनारे के आधा दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में हैं।

राजस्थान: बारां जिले में 300 लोग फंसे
राजस्थान में भी भयंकर बारिश आफत बन गई है। बारां और कोटा में कई जगह करीब 530 लोग फंस गए हैं, जिन्हें रेस्क्यू करने की मशक्कत चल रही है। बारां के करीबी मध्य प्रदेश के गुना जिले में पार्वती नदी के टापू पर बसे सोडा गांव में करीब 300 लोग फंस गए। पिछले दिनों हुई लगातार बारिश से कोटा संभाग की प्रमुख 25 नदियों में से 20 नदियां उफान पर हैं।

बूंदी के लाडपुर पंचायत मुख्यालय पर भूमाखेड़ा बस्ती में बारिश से 40 मकान मलबे में तब्दील हो गए। इनमें रहने वाले 130 से ज्यादा बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सरकारी स्कूल की छत के नीचे शरण लिए हुए हैं। उधर, हिंगी के पास सहीपुर गांव में उजाड़ नदी के पानी के चलते पास के गांव के 100 लोग फंस गए हैं।

कोटा में तेज बारिश तो थम गई है, लेकिन कई कॉलोनियां पानी में डूब गई हैं। पानी की निकासी नहीं होने से घरों में 1 से 2 फीट पानी भरा हुआ है। स्टेशन इलाके के जनकपुरी, आदर्श कॉलोनी, गुरुद्वारा रोड, ढडवाडा समेत कई कॉलोनियों में घुटनों तक पानी भरा हुआ है। ऐसे में दूध-सब्जियों जैसी जरूरी चीजों के लिए भी घरों से नहीं निकल पा रहे।

सभी फोटो कोटा के स्टेशन इलाके की कॉलोनियों की हैं।
सभी फोटो कोटा के स्टेशन इलाके की कॉलोनियों की हैं।

उत्तर प्रदेश: प्रयागराज के किनारे बसे 700 घरों में पानी भरा
लगातार बारिश से उत्तर प्रदेश में भी नदियां उफान पर हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश से पानी छोड़े जाने के कारण प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर खतरे की निशान की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। यहां NDRF और SDRF को अलर्ट किया गया है। हमीरपुर में यमुना और बेतवा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि जालौन में स्टेट हाइवे पर यमुना का पानी आ गया है। प्रयागराज के किनारे वाले इलाकों में करीब 700 मकानों में बाढ़ का पानी घुस गया है। आशंका है कि शनिवार तक तीन हजार मकानों तक बाढ़ का पानी पहुंच जाएगा।

प्रयागराज में शुक्रवार को हुई भारी बारिश के बाद गंगा में बाढ़ आने से सड़कें डूब गईं।
प्रयागराज में शुक्रवार को हुई भारी बारिश के बाद गंगा में बाढ़ आने से सड़कें डूब गईं।
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