बयान / बांग्लादेश युद्ध के बाद भारत-अमेरिका ने विपरीत राय के बावजूद समान दृष्टिकोण विकसित किया: किसिंजर



अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर। (फाइल फोटो) अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर। (फाइल फोटो)
X
अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर। (फाइल फोटो)अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर। (फाइल फोटो)

  • अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर ने कहा- 1971 में शीतयुद्ध का दौर था और उस दौरान भारत और अमेरिका की अलग-अलग धारणाएं थीं
  • ‘नेहरू द्वारा अमेरिका का समर्थन नहीं किए जाने से अमेरिकी सरकार में कई लोग नाराज हो गए थे’

Dainik Bhaskar

Oct 22, 2019, 10:29 AM IST

नई दिल्ली. अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर (96) ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंधों की वर्तमान स्थिति की जड़ें 1971 के बांग्लादेश संकट से जुड़ी हैं। इसके बाद दोनों देशों ने विभिन्न मुद्दों पर विपरीत विचार रखने के बावजूद सुरक्षा और अर्थव्यवस्था जैसे प्रमुख मुद्दों पर एक समान दृष्टिकोण विकसित किया।

 

किसिंजर ने सोमवार को भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी मंच पर कहा, ‘‘बांग्लादेश संकट ने दोनों देशों को टकराव के मुहाने पर ला दिया था। 1971 में बांग्लादेश संकट को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था। बांग्लादेश (युद्ध से पहले पूर्वी पाकिस्तान) में मौजूद अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए दिसंबर 1971 में अमेरिकी नौसेना का सातवां बेड़ा बंगाल की खाड़ी में भेजा था, इससे भारत को खतरा महसूस हुआ था।

 

‘नेहरू के रुख ने निराश किया था’

किसिंजर के मुताबिक, ‘‘शीतयुद्ध के दौर में भारत और अमेरिका की अलग-अलग धारणाएं थीं। 1961 में बर्लिन संकट के दौरान तत्कालीन सोवियत संघ (अब रूस) ने अमेरिका की सहयोगी सेनाओं को बर्लिन से बाहर जाने का अल्टीमेटम दे दिया था। तब भारतीय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा अमेरिका का समर्थन नहीं किए जाने के बाद अमेरिकी सरकार में कई लोग निराश हो गए थे।’’

 

‘भारत-अमेरिका के बीच कई मुद्दों पर एक समान हित’

किसिंजर ने कहा, “हम बांग्लादेश संकट पर विपरीत दृष्टिकोण से बाहर आए और यह विश्वास कायम किया कि उसके बाद मूलभूत विकास करेंगे। भारत और अमेरिका भविष्य में एक समान दृष्टिकोण विकसित कर सकते हैं। हम अब ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं जहां भारत और अमेरिका के इनमें से कई मुद्दों पर एक समान हित हैं।” उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने सुरक्षा और आर्थिक विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक समान विचार कायम किए हैं।

 

1949 में चीन जाने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन

हेनरी किसिंजर को चीन और अमेरिका के बीच शांति कायम करने और बातचीत का रास्ता खोलने की उनकी नीति के लिए जाना जाता है। उन्होंने चीन में 2 साल बिताए और चीन-अमेरिका संबंधों को सामान्य बनाने में चीनी राष्ट्रपति झोउ एनलाई के साथ बातचीत की। 1972 में यह प्रयास सफल रहा और 1949 की कम्युनिस्ट क्रांति के बाद रिचर्ड निक्सन चीन जाने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बने।

 

DBApp

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना