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हिजाब विवाद पर कर्नाटक हाईकोर्ट में आज फिर सुनवाई:छात्राओं के वकील ने कहा- हिजाब पर बैन को लेकर कोई कानून नहीं; 16 जनवरी से फिर खुलेंगे 11-12वीं के स्कूल-कॉलेज

बेंगलुरु7 महीने पहले

कर्नाटक में हिजाब को लेकर चल रहे विवाद पर कल एक बार फिर सुनवाई होगी। इधर, भाजपा की सरकार ने 16 जनवरी से 11-12वीं के स्कूल-कॉलेज फिर खोले जाने का ऐलान किया है। 10वीं तक के स्कूल सोमवार से पहले ही खुल चुके हैं।

इससे पहले हिजाब को लेकर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हिजाब पर बैन के खिलाफ अपील करने वाली छात्राओं के वकील देवदत्त कामत ने कहा कि हिजाब पर बैन लगाने का सरकारी ऑर्डर गैर जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि सरकार का आदेश संविधान के आर्टिकल 25 के खिलाफ है और यह कानूनन वैध नहीं है। आर्टिकल 25 में धार्मिक मान्यताओं के पालन की आजादी दी गई है। इसलिए हिजाब पर बैन को लेकर कानून नहीं है।

कामत ने CJI की बेंच के सामने जारी सुनवाई में सवाल उठाया कि जब सेंट्रल स्कूल में हिजाब पहनने की इजाजत है, तो राज्य सरकार के स्कूलों में क्यों नहीं? कामत ने कोर्ट को बताया कि सरकारी आदेश में कहा गया है कि हेड स्कार्फ यानी हिजाब पहनने का मुद्दा आर्टिकल 25 में कवर नहीं होता है। इसे यूनिफॉर्म में शामिल मानने या न मानने का फैसला कॉलेज डेवलपमेंट कमेटी पर छोड़ा जाना चाहिए।

मीडिया से समझदारी दिखाने की अपील
कामत ने कहा कि हिजाब के बारे में फैसला लेने का अधिकार कॉलेज कमेटियों को सौंपना पूरी तरह गैरकानूनी है। इधर, इस मामले के मीडिया कवरेज को लेकर कोर्ट ने कहा- हम मीडिया से रिक्वेस्ट करते हैं कि वो इस मुद्दे पर समझदारी दिखाए।

हिजाब के साथ स्कूल में नो एंट्री
पहले दिन ही हिजाब पहनकर स्कूल पहुंचीं स्टूडेंट्स को स्टाफ ने एंट्री देने से इनकार कर दिया। इसको लेकर स्टाफ और स्टूडेंट्स के पेरेंट्स के बीच बहस भी हुई। जानकारी के मुताबिक, मांड्या के रोटरी स्कूल की टीचर ने छात्राओं को स्कूल में एंट्री करने से पहले हिजाब उतारने के लिए कहा। कुछ पेरेंट्स ने इसका विरोध किया। वहीं, कुछ लोगों का कहना था कि लड़कियों को हिजाब के साथ स्कूल में एंट्री दी जाए, वे क्लास में इसे उतार देंगी, लेकिन उन्हें स्कूल के अंदर नहीं जाने दिया गया। इसको लेकर पेरेंट्स और टीचर्स के बीच कहासुनी हो गई।

आज से ही खोले गए हैं 9वीं-10वीं के स्कूल
हिजाब विवाद के बाद राज्य में आज से 9वीं और 10वीं के स्कूल फिर से खुल गए हैं। CM बसवराज बोम्मई ने भरोसा जताया है कि राज्य में हालात फिर से सामान्य हो जाएंगे और शांति के साथ छात्र पढ़ाई कर सकेंगे। इस मामले में उन्होंने शिक्षा मंत्री बीसी नागेश से स्कूल और कॉलेजों की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है।

वहीं, उडुपी जिला प्रशासन ने सभी हाई स्कूलों के आसपास के इलाकों में सोमवार से लेकर 19 फरवरी तक धारा 144 लागू कर दी है। आदेश के अनुसार, स्कूलों के इस दायरे के भीतर पांच या इससे अधिक लोगों के एकत्रित होने, प्रदर्शन, रैलियों, नारेबाजी, भाषण देने पर सख्त पाबंदी रहेगी।

केरल के राज्यपाल बोले- मुस्लिम महिलाओं को घर में कैद करने की साजिश
कर्नाटक में जारी हिजाब विवाद के बीच राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ने हिजाब को मुस्लिम महिलाओं को प्रताड़ित करने का तरीका और घरों में कैद करने की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि अरब देशों में एक समय था, जब लोग बच्चियों के जन्म लेते ही उन्हें जमीन में दफन कर देते थे। फिर इस्लाम ने इसे बंद कर दिया, लेकिन वहां यह मानसिकता आज 21वीं सदी में भी कायम है। पहले उन लोगों ने तीन तलाक का आविष्कार किया, फिर हिजाब और फिर मुस्लिम महिलाओं का प्रताड़ित करते रहने के लिए अन्य तरीके ईजाद कर लिए।

कांग्रेस नेता बोले- हिजाब नहीं पहनने से होता है रेप
हिजाब विवाद पर कर्नाटक के हुबली में कांग्रेस नेता जमीर अहमद ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि हिजाब का मतलब इस्लाम में 'पर्दा' होता है। औरतों की खूबसूरती को छिपाने के लिए उन्‍हें पर्दे में रखा जाता है। रेप रेट्स सबसे ज्यादा हिंदुस्तान में है। इसकी वजह क्या है? उन्होंने कहा कि रेप होने की वजह औरतों को पर्दे में नहीं रखा जाना है।

उडुपी से ही शुरू हुआ था विवाद
कर्नाटक में हिजाब विवाद उडुपी के ही एक सरकारी कॉलेज से शुरू हुआ था, जहां मुस्लिम लड़कियों को हिजाब पहनकर आने से रोका गया था। स्कूल मैनेजमेंट ने इसे यूनिफॉर्म कोड के खिलाफ बताया था। इसके बाद अन्य शहरों में भी यह विवाद फैल गया।

मुस्लिम लड़कियां इसका विरोध कर रही हैं, जिसके खिलाफ हिंदू संगठनों से जुड़े युवकों ने भी भगवा शॉल पहनकर जवाबी विरोध शुरू कर दिया था। एक कॉलेज में यह विरोध हिंसक झड़प में बदल गया था, जहां पुलिस को सिचुएशन कंट्रोल करने के लिए टियर गैस छोड़नी पड़ी थी।