• Hindi News
  • National
  • How To Offer Eid Prayers At Home In Lockdown, What Does Islam Say About Offering Namaz At Home? Learn The Whole Procedure

घर पर नमाज:लॉकडाउन में कैसे अदा करें ईद की नमाज, अकेले नमाज पढ़ने को लेकर क्या कहता है इस्लाम? जानें पूरा तरीका

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
  • रमजान के बाद आने वाली ईद की नमाज का पूरा तरीका अलग होता है क्योंकि दूसरी नमाजों से अलग होती है ईद की नमाज
  • जुमे की नमाज की तुलना में ईद की नमाज में 6 ज्यादा तकबीरात (अल्लाहु अकबर) होती है, पूरी नमाज के 5 मुख्य हिस्से होते हैं

कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए दुनियाभर में लॉकडाउन और लोगों के जुटने पर पाबंदियां हैं। प्रार्थना स्थल एवं धार्मिक आयोजन भी बंद हैं। पूरा रमजान का महीना लॉकडाउन में गुजरा है। ऐसा पहली बार है जब दुनियाभर में मुसलमान अपने सबसे बड़े त्योहार ईद-उल-फित्र की नमाज मस्जिद या ईदगाह पर नहीं, बल्कि घर में ही अदा करेंगे।

इस विषय में इस्लाम क्या कहता है और कैसे घर पर नमाज पढ़ी जा सकती है, इसका सही तरीका नांदेड़ के मौलाना काजी नासेरुद्दीन के हवाले से -

मौलाना काजी नासेरुद्दीन बताते है कि इस्लाम घर में ऐसी नमाज पढ़ने की इजाजत देता है। बड़ी बीमारी, जंग या कोरोनावायरस जैसे हालात में जिस तरह सारी नमाजें घर में पढ़ी जाती हैं, ठीक उसी तरह ईद की नमाज भी घर में ही अदा की जा सकती है। अगर इसे जमात में पढ़ना हो तो 3 या 5 लोग या इससे ज्यादा लोग एक समूह बनाकर इन्हीं में से एक नमाजी को इमाम बनाकर ईद की नमाज अदा कर सकते हैं।

अकेले हो, साथ ना मिले तब क्या?

शरीयत के मुताबिक बहुत बीमार या मजबूर हो तो इस सूरत में ईद की नमाज माफ होगी। अगर किसी वजह से अकेले हों या समूह में या ईमाम साहब के पीछे अदा करना मुमकिन ना हो तो काजी साहब बताते हैं, की जिस तरह जुमा (शुक्रवार) की नमाज छूट जाने पर या किसी कारण सबके साथ पढ़ना मुमकिन ना हो तो घर पर जौहर (दोपहर की नमाज) अदा की जाती है, उसी तरह मीठी ईद की नमाज अकेले घर पर ही ईद उल फित्र की नीयत बांध कर अदा की जा सकती है।

दुआ कैसे मांगी जा सकती है?

इसे चाष्त नमाज के तौर पर 2 या 4 रकात नमाज में भी अदा किया जा सकता है। समूह या इमाम साहब के ना मिलने पर अकेले में खुतबा (शुक्रवार एवं ईद की नमाज के दौरान दिया जाने वाला बयान) के बिना नमाज के बाद सीधे दुआ मांगी जा सकती है।

5 स्टेप में ईद की नमाज घर में पढ़ने का तरीका

मिसाल के तौर पर शुक्रवार दोपहर इमाम साहब के पीछे अदा की जानेवाली नमाज और ईद की नमाज दोनों दो रकात की होती हैं। शुक्रवार की नमाज की तुलना में ईद की नमाज में 6 ज्यादा तकबीरात (अल्लाहु अकबर) होती है। ईद की नमाज में इमाम द्वारा खुतबा नमाज के बाद पढ़ा जाता है, जबकि शुक्रवार की नमाज में खुतबा नमाज अदा करने से पहले पढ़ा जाता है।

  • स्टेप 1. नीयत

नमाज शुरू करने से पहले ये किस लिए पढ़ी जा रही है ये अपने कानों को सुनाई दे इतनी आवाज में कहा जाता है, इसी को नीयत कहते हैं। ईद उल फित्र की नीयत- "नीयत करता हूं कि मैं ईद उल फित्र की दो रकात वाजीब नमाज की वासते अल्लाह के मुंह मेरा काबा-ए-शरीफ की तरफ।"

  • स्टेप 2. पहली बार हाथ बांध लें

नीयत पढ़ने के बाद अपने दोनों खुले हाथ दोनों कानों के पास ले जाते हुए अल्लाहु अकबर कहकर हाथ बांध लें। फिर 'सना' पढ़ें।

  • स्टेप 3. तीन ज्यादा तकबीर

सना पढ़ने के बाद फिर से एक बार अल्लाहु अकबर कह कर दोनों हाथ कानों तक ले जाए लेकिन बांधें नहीं... हाथ नीचे छोड़ दें। इसी तरह फिर से एक बार ऐसा ही करें। लेकिन, दोनों बार हाथ छोड़ देने के बाद जब तीसरी बार अल्लाहु अकबर कहकर हाथ कानों तक ले जाएंगे, तब दोनों हाथ बांध लेने हैं।

  • स्टेप 4. एक रकात

हाथ बांधने के बाद सूरे फातेहा पढ़ें, इसके साथ एक और सूरा पढ़ें। फिर रुकू में जाएं, सजदा करें। इस प्रकार एक रकात पूरी हुई।

  • स्टेप 5. दूसरी रकात में होगी 6 में से बची बाकी तीन तकबीरात

दूसरी रकात में भी इसी तरह सूरे फातेहा और एक सूरा पढ़ें। फिर रुकू में जाने से पहले, तीन बार अल्लाहु अकबर कहकर हाथ उठाएं और छोड़ दें। फिर चौथी बार जब अल्लाहू अकबर कहेंगे, तब हाथ नहीं उठाना है, सीधे रुकू में जाना है। इसके बाद दोनों सजदे करें... सलाम फेर लें।

खुतबे का क्या?

सलाम फेर लेने के बाद अब बारी है खुतबे की। अगर घर इमाम साहब हो तो वे खुतबा पढ़ेंगे और इसके बाद दुआ होगी। और अगर घर में आप के अलावा कोई नहीं, 3 से कम लोग हो या अकेले हों, तो सलाम फेरने के बाद सीधे दुआ की जाएगी।

आमतौर पर हर बरस भले ही ईद की नमाज के बाद हाथ मिलाना और गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देने के दौर चलते रहे हों, लेकिन कोरोनावायरस के खतरे को ध्यान में रखते हुए हमें इस बार सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखनी है।